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वायरल हुई कारोबारी के नोटों से भरे घर की तस्वीर, BJP के दिग्गजों ने सपा को घेरा

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने पीयूष जैन का कनेक्शन समाजवादी पार्टी (सपा) एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी जैन से जोड़ दिया. हालांकि, समाजवादी पार्टी (सपा) इससे इनकार कर रही है.

बीजेपी के नेताओं के ओर से शेयर की जा रही तस्वीर बीजेपी के नेताओं के ओर से शेयर की जा रही तस्वीर
विशाल कसौधन
  • लखनऊ,
  • 24 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST
  • कारोबारी पीयूष जैन के घर पर छापेमारी
  • बीजेपी के वार पर सपा का पलटवार

कानपुर के कारोबारी पीयूष जैन के घर पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस महानिदेशालय, अहमदाबाद (डीजीजीआई) और आयकर विभाग की छापेमारी जारी है. पीयूष जैन के घर से कई करोड़ों रुपये की नगदी मिलने का दावा किया जा रहा है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेप) नेताओं ने एक तस्वीर शेयर की है. नोटों से भरे कमरे की तस्वीर के जरिए बीजेपी के नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों की ओर से समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधा जा रहा है.

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दरअसल, अहमदाबाद की डीजीजीआई टीम ने एक ट्रक को पकड़ा था. इस ट्रक में जा रहे सामानों का बिल फर्जी कंपनियों के नाम पर बनाया गया था. सभी बिल 50 हजार रुपये से कम थे, ताकि Eway Bill न बनाना पड़े. इसके बाद डीजीजीआई ने कानपुर में ट्रांसपोर्टर के यहां छापेमारी की. यहां पर डीजीजीआई को करीब 200 फर्जी बिल मिले. यहीं से डीजीजीआई को पीयूष जैन और फर्जी बिलों का कुछ कनेक्शन पता लगा.

ये भी पढ़ें:  कानपुर के जिस कारोबारी के घर पड़ी IT रेड, उसका सपा MLC से क्या है संबंध?

इसके बाद डीजीजीआई ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर पर छापेमारी की. पीयूष जैन के घर जैसे ही अफसर पहुंचे और आलमारियां खोलनी शुरू की तो उनके होश उड़ गए. अलमारियों में नोटों के बंडल पड़े थे. इसके बाद आयकर विभाग को सूचना दी गई. मौके पर आयकर विभाग की टीम नोट गिनने वाली मशीन लेकर पहुंची. इसके बाद से ही नोटों की गिनती जारी है. बताया जा रहा है कि नोटों की बड़ी खेप आयकर विभाग को टीम को मिली है.

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इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने पीयूष जैन का कनेक्शन समाजवादी पार्टी (सपा) एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी जैन से जोड़ दिया. हालांकि, समाजवादी पार्टी (सपा) इससे इनकार कर रही है. खैर बीजेपी नेताओं ने नोटों से भरे कमरे की तस्वीर शेयर करनी शुरू कर दी और सपा के साथ ही अखिलेश यादव पर आरोप लगाने शुरू कर दिए. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, 'ये नई नहीं, वही भ्रष्ट सपा है.'

उत्तर प्रदेश बीजेपी ने ट्वीट करके लिखा, 'इत्र की विशेषता खुशबू होती है, मगर यदि इत्र सपा वालों के हाथ लग जाये तो वे इसकी महक को भी मार देते हैं, सपा मतलब- यत्र (इत्र), तत्र, सर्वत्र भ्रष्टाचार, #सपा_मतलब_भ्रष्टाचार... ये नई नहीं, वही सपा है.' वहीं एक बीजेपी नेता ने पूछा- 'इत्र के व्यपार से भ्रष्टाचार की बदबू फैला रहे ‘लाल टोपी‘ के पास 150 करोड़ नकद कहां से आए?'

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने ट्वीट करके लिखा, 'समाजवादियों का नारा है... जनता का पैसा हमारा है! समाजवादी पार्टी के कार्यालय में समाजवादी इत्र लॉन्च करने वाले पीयूष जैन के यहाँ GST के छापे में बरामद 100+ करोड़ कौन से समाजवाद की काली कमाई है?'

संबित पात्रा के आरोपों पर पलटवार करते हुए सपा नेता आशीष यादव ने उन्हें समाजवादी इत्र भेजा है. इसके साथ ही आशीष ने ट्वीट करके कहा, 'कानपुर में पड़े कारोबारी के यहां इनकम टैक्स के छापे का सपा से कोई लेना देना नहीं है, और नाहीं समाजवादी इत्र बनाने वालों से इनका कोई नाता है, आप झूठ भ्रम और नफरत की दुर्गंध ना फैलाएं इस लिए आप को असली समाजवादी इत्र भेज रहे हैं, सप्रेम सुगंध भेंट!'

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इस मामले में सपा नेता मनीष जगन अग्रवाल ने कहा, 'कानपुर में शिखर पान मसाला ग्रुप और इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर पड़े छापों और बरामद नकदी नोटबन्दी की विफलता की कहानी बयां कर रही है, भाजपा व मीडिया पीयूष जैन और शिखर पान मसाले को सपा से जबरन जोड़कर सपा को बदनाम कर रही, सपा एमएलसी पम्पी जैन से पीयूष जैन का कोई मतलब नहीं.'

सपा नेता मनीष जगन अग्रवाल ने आरोप लगाया, 'छापे की जद में आये ये दोनों कारोबारी भाजपा से जुड़े हुए हैं व भाजपा को चंदा देते थे ,भाजपा ने इसबार इनसे ज्यादा चुनावी चंदा मांगा ,इन्होंने ज्यादा चुनावी चंदा देने से मना कर दिया तो भाजपा सरकार ने इन पर रेड डालकर पैसा पकड़कर सपा से जोड़कर सपा को बदनाम करने की साजिश रची.'

 

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