
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक तस्वीर को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमलावर हैं. दरअसल, लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) पर रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अचानक पहुंच गए. इस दौरान अखिलेश यादव ने एक तस्वीर खिंचवाई, जिसमें उनकी जेब में एक बोतल नजर आ रही है. इसे लेकर बवाल हो रहा है.
इस तस्वीर के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सीतापुर में एक जनसभा के दौरान अखिलेश यादव पर निशाना साधा. कानपुर के कारोबारी पीयूष जैन के यहां पड़े छापे का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि दीवारों से निकल रहीं नोटों की गड्डियां अनगिनत हैं, तीन दिन से गिने जा रहे हैं.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, 'गिनते-गिनते जब अधिकारी थक गए तो समाजवादी पार्टी के बबुआ जेब में बोतल लेकर फिर रहे हैं, अब उनको अपना असली चेहरा जनता के सामने नहीं दिखाई दे रहा है तो बोतल जेब में रखकर नौटंकी कर रहे हैं.' योगी आदित्यनाथ के इस वार पर अभी तक अखिलेश यादव की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
भाजपा सरकार में JPNIC की दुर्दशा देखकर दुख भी होता है तथा भाजपा की विकास विरोधी सोच पर क्षोभ भी।
ये परम आदरणीय जय प्रकाश जी का अपमान भी है और स्वतंत्रता व लोकतंत्र के रक्षकों के प्रति कुंठित भाजपाई सोच का प्रमाण भी।
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अचानक जेपीएनआईसी पहुंचे थे अखिलेश
जेपीएनआईसी की बदहाली दिखाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को कई तस्वीरें साझा की थी. बताया जा रहा है कि रविवार को एक चैनल के प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए अखिलेश यादव जेपीएनआईसी पहुंचे थे, तभी अखिलेश ने यह फोटो खींची और उन्हें सोमवार को शेयर किया.
इन तस्वीरों को शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा था, 'भाजपा सरकार में JPNIC की दुर्दशा देखकर दुख भी होता है तथा भाजपा की विकास विरोधी सोच पर क्षोभ भी, ये परम आदरणीय जय प्रकाश जी का अपमान भी है और स्वतंत्रता व लोकतंत्र के रक्षकों के प्रति कुंठित भाजपाई सोच का प्रमाण भी, भाजपा स्वतंत्रता व लोकतंत्र की विरोधी है.'
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की इन तस्वीरों ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अधिकारियों को सकते में ला दिया. एलडीए वीसी ने जेपीएनआईसी का प्रोजेक्ट देख रहे अधिशासी अभियंता प्रताप शंकर मिश्रा को सोमवार सुबह कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. पूरे प्रकरण में उनसे जवाब मांगा गया है.
अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है जेपीएनआईसी
लखनऊ के गोमतीनगर में बना जेपीएनआईसी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है. सपा सरकार में 2013 में जेपीएनआईसी बनना शुरू हुआ था. 2016 तक इस बिल्डिंग पर 813 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए. सपा सरकार की विदाई के साथ ही जेपीएनआईसी प्रोजेक्ट के बुरे दिन आ गए और काम बंद हो गया.