
यूपी में बीजेपी को घेरने के लिए अब विपक्षी दलों ने उन परिवारों को जोड़ना और चुनाव में भागीदार बनाना शुरू कर दिया है, जो बीजेपी सरकार में चर्चित घटनाओ में शामिल रहे. साथ ही, बीजेपी की कमजोर नस बने थे. उन्नाव में कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की की मां को कांग्रेस ने टिकट देकर, उन्नाव से चुनाव लड़ाने का एलान किया. अब कानपुर में विकास दुबे कांड में, उसके शूटर की पत्नी खशी के घरवालों को साथ करने के लिए सपा ने संपर्क किया है.
सपा के प्रतिनिधि मंडल ने खुशी दुबे के परिवार से मिलकर दावा किया कि अगर खुशी को अदालत से न्याय नहीं मिलेगा, तो अखिलेश यादव न्याय देंगे. सपा सरकार बनते ही उसके सभी केस वापिस होंगे. अगर खुशी की मां चुनाव लड़ना चाहेंगी, तो पार्टी फैसला करेगी. जबकि खुशी की मां ने एलान कर दिया कि अगर अखिलेश यादव चाहेंगे, तो वह चुनाव लड़ेंगी.
सोमवार को सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मेजर आशीष चतुर्वेदी के नेतृत्व में सपा का एक प्रतिनिधि मंडल, खुशी के घर पहुंचा और उसकी मां गायत्री दुबे से मुलाकत की. निर्दोष होते हुए भी खुशी को जेल भेजने का आरोप लगाते हुए, राष्ट्रीय प्रवक्ता आशीष ने कहा, 'खुशी को जेल भेजना गलत है. उसको अदालत से न्याय नहीं मिलेगा, तो अखिलेश उसको न्याय दिलाएंगे. अखिलेश सरकार बनते ही खुशी के केस वापस लेंगे.' उन्होंने यह भी कहा कि अगर खुशी की मां चुनाव लड़ना चाहेंगी, तो पार्टी उस पर फैसला लेगी.
वहीं खुशी की मां ने अखिलश यादव पर विश्वास जताते हुए कहा, 'मुझे अखिलेश यादव पर भरोसा है. मेरी बेटी को न्याय मिलेगा. सब सरकार एक जैसी नहीं होती. अगर अखिलेश यादव चाहेंगे, तो चुनाव लड़ूंगी और बेटी को न्याय दिलाऊंगी. कई पार्टियों के लोग आए थे, लेकिन मुझे अखिलेश ठीक लगे.'
इस बात को लेकर, समाजवादी पार्टी खेमे में आज काफी चर्चा रही. गोविंद नगर से गायत्री देवी को टिकट मिल सकता है, हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं हुई है.