Advertisement

UP चुनाव टालने का सुझाव देने वाले जज शेखर यादव पहले भी रहे हैं चर्चा में, गाय पर कही थी ये बातें

हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव (Justice Shekhar Kumar Yadav) ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को लेकर चुनावी रैलियों में होने वाली भीड़ रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयुक्त को यूपी चुनाव टालने का सुझाव दिया है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट (सांकेतिक तस्वीर) इलाहाबाद हाईकोर्ट (सांकेतिक तस्वीर)
पंकज श्रीवास्तव
  • प्रयागराज,
  • 24 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 4:08 PM IST
  • ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को लेकर दिया सुझाव
  • पहले जो सुझाव दिए वह भी चर्चा का केंद्र बने

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में गैंगस्टर के आरोपी संजय यादव के केस की सुनवाई चल रही थी. कोर्ट खचाखच भरा हुआ था. भीड़भाड़ की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होना मुश्किल हो रहा था. इसी दौरान जस्टिस शेखर कुमार यादव ने जमानत मंजूर करते हुए एक सुझाव दिया. जो कि चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव (Justice Shekhar Kumar Yadav) ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को लेकर चुनावी रैलियों में होने वाली भीड़ रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयुक्त को यूपी चुनाव टालने का सुझाव दिया है.

Advertisement

कोर्ट ने कहा कि यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में कोरोना से जनता को बचाने के लिए राजनीतिक पार्टियां चुनावी रैलियों पर रोक लगाएं. जस्टिस शेखर कुमार यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से चुनाव टालने पर भी विचार करने को कहा है. और बोले कि जान है तो जहान है.

कोर्ट ने कहा है कि इस विकट हालात से निपटने के लिए नियम बनाएं. क्योंकि रोजाना ओमिक्रॉन के नए मरीज बढ़ रहे हैं. हमने देखा कि कोरोना की दूसरी लहर में लाखों लोग कोरोना संक्रमित हुए थे. कई लोगों की मौत हुई थी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव करीब है. सभी पार्टियां रैली, सभा करके लाखों लोगों की भीड़ जुटा रही हैं. जहां कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना सम्भव नहीं है.

न्यायाधीश ने कहा कि इसे समय रहते नहीं रोका गया तो परिणाम दूसरी लहर से कहीं अधिक भयावह होंगे. ऐसे में चुनाव आयुक्त से कोर्ट ने कहा है कि चुनावी रैली, सभाओं पर तत्काल रोक लगाएं और राजनीतिक पार्टियों के आदेश दें कि वह टीवी या अखबारों से प्रचार-प्रसार करें. जीवन रहेगा तो चुनावी रैलियां, सभाएं आगे भी होती रहेंगी.

Advertisement

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का दिया था सुझाव

यह पहला मामला नहीं हैं जब जस्टिस शेखर कुमार यादव का सुझाव चर्चा का कारण बना हो. इससे पहले वह गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का सुझाव दे चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि गाय के घी से यज्ञ में दी गई आहुतियां वर्षा का कारण बनती हैं. जस्टिस शेखर कुमार ने पहले कहा था कि गायें हमारी संस्कृति का आधार हैं, गाय के दूध से बनी खीर से श्राद्ध किया जाता है जिससे पितरों को तृप्ति मिलती है. यादव ने यह भी दावा किया था कि गाय इकलौती ऐसी पशु है जो ऑक्सीजन छोड़ती है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement