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UP विधानसभा चुनाव: 30-35% विधायकों के टिकट काट सकती है BJP, सर्वे से होगा फैसला

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र में किए काम और जनता में लोकप्रियता के आधार पर टिकट तय किए जाएंगे. भाजपा आलाकमान ये सर्वे कराएगा. आंतरिक सर्वे के आधार पर ही नए चेहरों को भी मौका मिलेगा.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सीएम योगी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सीएम योगी
अभिषेक मिश्रा/कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 26 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 9:26 PM IST
  • कुछ मंत्रियों के भी कट सकते हैं टिकट
  • काम और लोकप्रियता के आधार पर मिलेगा टिकट

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 2022 में विधानसभा चुनाव ( UP Assembly Election) हैं. ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बना शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि भाजपा (BJP) इस बार 30 से 35% मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकती है. पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आंतरिक सर्वे के आधार पर आंकलन करेगी. इसके बाद ही टिकटों पर मुहर लगेगी. 

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पार्टी सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र में किए काम और जनता में लोकप्रियता के आधार पर टिकट तय किए जाएंगे. भाजपा आलाकमान ये सर्वे कराएगा. अंतरिक सर्वे के आधार पर ही नए चेहरों को भी मौका मिलेगा. 

मंत्रियों के भी कट सकते हैं टिकट
बताया जा रहा है कि इस बार कुछ मंत्रियों के टिकट भी कट सकते हैं. इस बार अच्छे काम पर ही विधायकों और मंत्रियों के टिकट बरकरार रहेंगे. औसत से कम फीडबैक पर टिकट कट जाएगा. 

बड़े नेताओं को चुनाव लड़ाने के पक्ष में भाजपा
भाजपा ने इस बार 403 में से 300 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. माना जा रहा है कि इस लक्ष्य को पाने के लिए भाजपा सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज नेताओं को चुनाव लड़ा सकती है. सबसे ज्यादा चर्चा में सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव मौर्य, दिनेश शर्मा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और महेंद्र सिंह के नाम हैं. 

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अयोध्या से चुनाव लड़ सकते हैं सीएम योगी! 
सूत्रों की मानें तो सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या सीट से 2022 का चुनाव लड़ सकते हैं. वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी की सिराथू और डॉक्टर दिनेश शर्मा को लखनऊ पश्चिमी सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है. इसी तरह कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह को भी प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से मैदान में उतारा जा सकता है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को बुंदेलखंड में किसी सीट से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है.

अभी विधानपरिद सदस्य हैं योगी
योगी आदित्यनाथ अभी विधान परिषद सदस्य हैं. इनका कार्यकाल भी ज्यादा दिन नहीं है. सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही दोनों डिप्टी सीएम और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह का कार्यकाल भी सितम्बर 2022 तक ही है.

 

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