
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज हो गई है. मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बदलाव की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नई दिल्ली में मौजूद हैं.
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रधानमंत्री आवास पहुंचे, जहां पर उनकी बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई. दोनों नेताओं के बीच करीब सवा घंटे तक बैठक चली, दोपहर सवा बारह बजे यूपी सीएम प्रधानमंत्री आवास से बाहर आए.
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया. योगी ने लिखा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट एवं मार्गदर्शन प्राप्ति का सौभाग्य प्राप्त हुआ. अपनी व्यस्ततम दिनचर्या से भेंट के लिए समय प्रदान करने व आत्मीय मार्गदर्शन करने हेतु आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हृदयतल से आभार.
पीएम मोदी के साथ होने वाली मीटिंग के बाद योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की. सूत्रों की मानें, तो यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच होने वाली बैठक पर यूपी समेत पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इस मीटिंग से आने वाले वक्त में यूपी की राजनीति की बड़ी तस्वीर सामने आ सकती है.
बीते दिन अमित शाह से हुई थी मुलाकात
यूपी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे, इस बीच गुरुवार को सीएम योगी दिल्ली पहुंचे. यहां सबसे पहले उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बैठक चली. जिसमें कई विषयों पर मंथन किया गया. यूपी सीएम ने इसके अलावा जितिन प्रसाद से भी मुलाकात की, जो हाल ही में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए हैं.
यूपी चुनाव के लिए मजबूत तैयारी?
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान यूपी सरकार को कई बार आलोचना का सामना करना पड़ा है. ऐसे में अब अगले साल होने वाले चुनाव से पहले बीजेपी तैयारियों में जुट गई है. बीते दिन ही अमित शाह से अनुप्रिया पटेल, संजय निषाद ने भी मुलाकात की, ऐसे में बीजेपी की ओर से यूपी में अपने सहयोगियों पर भी फोकस किया जा रहा है.
पिछले महीने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने लखनऊ में लगातार बैठकें की थीं, जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि यूपी मंत्रिमंडल में कुछ बदलाव हो सकता है. साथ ही तमाम समीकरणों को साधने के लिए बीजेपी अपने संगठन में कुछ बदलाव भी कर सकती है. हालांकि, अभी तक कुछ स्पष्ट तौर पर नहीं कहा गया है.