
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले समाचार एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू दिया. इस दौरान उन्होंने किसान आंदोलन, 5 राज्यों में चुनाव, परिवारवाद, लखीमपुर हिंसा समेत तमाम मुद्दों पर बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने मुस्लिम समुदाय की OBC जातियों का भी जिक्र किया. साथ ही पीएम मोदी ने सवाल उठाया कि हिंदू समाज की जाति व्यवस्था, ऊंच नीच की बात होती है, लेकिन दूसरे समुदाय की जाति व्यवस्था की बात नहीं होती.
दरअसल, पीएम मोदी से पूछा गया था कि हर चुनाव में जाति और धर्म के नाम पर धुव्रीकरण उभर कर सामने आता है? चुनाव से पहले कोई न कोई किस्सा सामने आ जाता है.
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इस पर पीएम मोदी ने कहा, पहली बात ये है कि बीजेपी का मंत्र है, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास. हमने कभी अपने सिद्धांतों को नहीं बदला. दुनिया के तमाम देश अपनी भाषा में ट्रांसलेट करके इस सिद्धांत को सुनाते हैं. आपने मेरे मुंह से सैकड़ों बार इस बात को सुना होगा. सबका साथ ही हमारा मंत्र रहा. भारत में समाज व्यवस्था है. इसे कोई नकार नहीं सकता. हमें समाज के दबे कुचले वर्ग की चिंता करनी चाहिए. लेकिन मुझे हैरानी तब होती है, जब मैं देखता हूं मीडिया में कि इस संप्रदाय में जाति व्यवस्था का वर्णन करेंगे. लेकिन दूसरे संप्रदाय की जाति व्यवस्था का वर्णन नहीं करेंगे. क्या संप्रदाय के दूसरे वर्ग में जातियां नहीं हैं. क्यां वहां ऊंच नीच नहीं है. क्या पिछड़े वर्ग नहीं हैं.
मुस्लिमों की OBC जातियों की कोई बात नहीं करता
पीएम मोदी ने कहा, मुस्लिम धर्म में 70 OBC जातियां, लेकिन उनकी बात नहीं होती. गुजरात में जब मैं था, तो उनको OBC कैटेगरी का लाभ मिलता था. लेकिन मैंने कभी मीडिया में नहीं देखा कि इस पर चर्चा हो रही हो कि वहां कितने ओबीसी और पिछड़ों को टिकट मिला. इस प्रकार की राजनीति कौन करता है?
पीएम ने कहा, एकता देश को आगे ले जाने के लिए जरूरी
पीएम ने कहा, हम टिकट देते हैं तो जाति के आधार पर बंटवारा शुरू कर देते हैं, किस जाति का कितना वोट मिलेगा ये भी कह रहे हैं. इस भाषा को बदलना चाहिए और इसलिए सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को लेकर ही हम चलना चाहते हैं. क्योंकि हमारा मत है कि देश की एकता देश को आगे ले जाने के लिए बहुत आवश्यक है.