
आज देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का जनादेश आने वाला है. चार और राज्यों के नतीजे आज ही आ जाएंगे. यूपी में तो दावे सपा भी कर रही है, बीजेपी भी कर रही है. एग्जिट पोल ने भी अपने नतीजे बता दिए हैं, लेकिन इस सब के बीच नतीजों से ठीक पहले EVM को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. ये वो विवाद है जो हर चुनाव से पहले उठता है और नतीजों के बाद अपने चरम पर पहुंच जाता है.
इस बार सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ईवीएम का मुद्दा उठाया है. उन्हें ईवीएम की सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंता है. ये चिंता इतनी ज्यादा है कि अब उनके गठबंधन साथी खुद ही ईवीएम की निगरानी करने के लिए मैदान में आ गए हैं. मऊ में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रत्याशी अब्बास अंसारी ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की धुन पर बिरहा गीत के माध्यम से अपने समर्थकों के साथ रात में ईवीएम की सुरक्षा कर रहे हैं.
ईवीएम सुरक्षा बड़ा मुद्दा
किसी को नींद नही लगें और लोग रात में सो नहीं जाय, इसको लेकर अब्बास अंसारी ने एक गीत के कार्यक्रम का आयोजन कर रखा है. सड़क के एक किनारे यह कार्यक्रम चल रहा है और दूसरे किनारे पर भारी पुलिस बल मौजूद है. इस बारे में अब्बाज अंसासी बताते हैं कि गीत के माध्यम से संदेश यही है कि हम सब लोगों की सबसे बड़ी पूंजी इस देश का संविधान है और हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारा लोकतांत्रिक देश है . इसी को बचाने के लिए आज हम सब लोग यहां पर एकत्रित हैं और जिस तरीके से आप देख रहे हैं परिस्थितियां होती जा रही हैं. तो यह सब चीजें ऐसी हैं जो बहुत दुखद है. तो उस दुख की घड़ी में भी गाने के जरिए लोगों का मनोबल बढ़ाने की बात है और यह जो बड़े बुजुर्ग हैं वह इस गीत को बहुत पसंद करते हैं.
राकेश टिकैत हुए सक्रिय
वैसे किसान नेता राकेश टिकैत भी ईवीएम पर ज्यादा भरोसा नहीं जता रहे हैं. उनके एक बुलाने पर ही पश्चिमी यूपी में कई किसान उनके निवास पर आ रहे हैं. ये सभी भी नतीजों के दौरान 'अपने वोटों' की रखवाली करने वाले हैं. इस बारे में राकेश टिकैत ने बताया है कि ये लोग आये हैं,अपनी वोटो की रखवाली के लिए जो इन्होने डाली हैं. और आज सुबह 8 बजे से 12 बजे तक ये अपनी वोटों की रखवाली करेंगे क्योंकि सरकार पर जनता भरोसा नहीं कर रही है. हम लोग नॉन पॉलटिकल हैं,और ये लोग भी... इसलिए हम मतगणना स्थल पर नहीं जायेगे,बस आसपास ही रहेंगे. मैं भी दो दिन शहर में ही हूं,ये लोग भी आये हैं,तो हम तो अपनी पंचायत करेंगे. अपनी बात करेंगे, हां चुनाव की बात भी उसमे करेंगे.
वैसे पश्चिमी यूपी में तो आरएलडी भी इस समय सक्रिय हो गई है. उसके कई कार्यकर्ता पिछले दो से तीन दिनों से काउंटिंग सेंटर के पास में डेरा डालकर बैठे हैं. ये कार्यकर्ता भी ईवीएम की सुरक्षा में लगाए गए हैं. पश्चमी यूपी की 113 सीटों पर जब आज काउंटिंग होगीं, तो पास में ही टेंट लगा ये कार्यकर्ता भी पैनी नजर रखेंगे.
ऐसा ही हाल नोएडा में भी देखने को मिल रहा है जहां पर सपा प्रत्याशी जगराता करने की बात कर रहे हैं. सेक्टर 88 स्थित स्ट्रांग रूम में सपा कार्यकर्ताओं द्वारा पूरी रात जगराता चलाया जाएगा. तर्क दिया जा रहा है कि अधिकारियों के ऊपर दवाब है, ऐसे में सपा कार्यकर्ता खुद ही ईवीएम की रक्षा करेंगे. सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तरफ से भी यही निर्देश आए हैं कि उनके पार्टी के सभी कार्यकर्ता काउंटिंग सेंटर पर तब तक डटे रहें जब तक मतगणना पूरी ना हो जाए.
क्यों उठा ईवीएम का मुद्दा?
जानकारी के लिए बता दें कि बनारस में ईवीएम वाले तीन ट्रक मिले थे. एक को सपा कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया था तो वहीं दो वहां से निकल गए थे. अखिलेश यादव ने उन ईवीएम को देख धांधली का आरोप लगाया था. बाद में चुनाव आयोग ने साफ कर दिया कि वो ईवीएम ट्रेनिंग वाली थीं और उनका नतीजों से कोई लेना देना नहीं है. ये भी साफ कर दिया गया कि जो मतगणना वाली ईवीएम हैं, वो एकदम सुरक्षित हैं और स्ट्रांग रूप में रखी हैं.
लेकिन इस सफाई के बावजूद भी अखिलेश यादव को ईवीएम पर ज्यादा भरोसा नहीं है. उन्हें स्लो काउंटिंग का भी डर है. उनका वहीं डर सपा कार्यकर्ताओं को जमीन पर और सक्रिय करने का काम कर रहा है. ऐसे में अब जब पांच राज्यों के चुनावी नतीजे आने जा रहे हैं, ईवीएम की भी अपनी परीक्षा देखने को मिलने वाली है.
उधर, यूपी के आजमगढ़ में मिले ब्लैंक बैलेट पेपर पर समाजवादी पार्टी ने सख्त रूख अपना लिया है. लखनऊ में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल देर रात चुनाव आयोग दफ्तर पहुंचा और मामले की शिकायत की. प्रतिनिधिमंडल में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी, एमएलसी एवं प्रवक्ता उदयवीर सिंह भी मौजूद थे.