Advertisement

UP Election: NDA के सहयोगी संजय निषाद का दावा- एग्जैक्ट है Exit Poll, EVM के बवाल पर अखिलेश को घेरा

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद ने कहा कि हमें 16 सीटें मिली हैं उसमें से हो सकता है कि हमारी एक दो सीटें इधर-उधर हो जाए लेकिन हम अपना 100% दे रहे हैं.

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद. -फाइल फोटो निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद. -फाइल फोटो
सत्यम मिश्रा
  • लखनऊ,
  • 09 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 6:55 AM IST
  • निषाद का दावा- एनडीए सरकार करेगी 300 सीटों का आंकड़ा पार
  • बनारस में ईवीएम के बवाल पर अखिलेश यादव को घेरा

उत्तर प्रदेश में 7 चरणों का मतदान हो चुका है. 10 मार्च को मतगणना होनी है जिसके चलते यूपी की जनता के जेहन में सिर्फ एक ही सवाल है कि आखिर सरकार किसकी बनेगी? ऐसे में बीजेपी के सहयोगी दल के नेता और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद से आजतक ने बातचीत की. उन्होंने दावा किया कि एनडीए की सरकार बन रही है क्योंकि निचले पायदान पर जनता को लाभ पहुंचाने के लिए विशेष नेतृत्व और नेता की जरूरत होती है. 

Advertisement

संजय निषाद ने कहा कि यही देश था, यही लोग थे और नेता भी थे. बसपा, सपा के सहयोग से कांग्रेस ने हुकूमत की लेकिन इनकी गलत नीतियों से देश का अनाज गोदाम में सड़ रहा था और गरीब भूखे मर रहा था. अगर कुछ खाद्यान्न देते भी थे तो सिर्फ वह खानापूर्ति थी. लेकिन आज एक-एक विधानसभा में लाखों लोगों को महीने में दो बार भोजन (राशन) सरकार दे रही है.

डॉ संजय कहते हैं कि राजीव गांधी कभी कहते थे कि 100 रुपए जब जनता के लिए निकाला जाता है तो उसमें 50 रुपए दलाल खा जाते हैं और 15 रुपए विभीषण. ऐसे में मोदीजी ने सीधे जनता के खातों में बिना दलालों के पैसे भिजवाया है. आधी आबादी तो महिलाओं की है. महिलाओं को मोदी-योगी जी ने सम्मान दिया है. पहले सपा और बसपा भी योजनाओं को देती थी लेकिन इन योजनाओं से सिर्फ उन्हीं लोगों के दो हजार परिवार लाभान्वित होते थे. 

Advertisement

देखा जाए तो जो ट्रेडिशनल वोट थे जो विपक्ष के बिरादरी के लोग थे, उन्होंने भी वोट सपा को नहीं दिया है. चाहे वह मुसलमान हो या फिर यादव इन्होंने समाजवादी पार्टी को कम वोट दिया है. वहीं जो अन्य बिरादरी के लोग हैं, उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया है. क्योंकि वह यह देखते हैं कि जब सपा आती है तो वह अपने ही बिरादरी के लोगों के लिए काम करती है इसलिए जो अन्य बिरादरी के वोटर्स थे उन्होंने सपा की तरफ रुख नहीं किया. ऐसे में सारी जातियों के लोग मिलकर भारतीय जनता पार्टी को वोट दिए हैं.

मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी दिया बीजेपी का साथ

मुसलमान भी कह रहा है कि ऊपर अल्लाह नीचे मल्लाह और उसकी सलाह से हमारे बच्चों का इलाज हो रहा है. खाते में सीधे पैसा आ रहा है. साथ ही भोजन और मकान भी मिला है. आज के समय में मुसलमान कह रहा है कि हम जालीदार टोपी वालों को सपा, बसपा और कांग्रेस कहती है कि हम इनके हैं लेकिन आज जालीदार टोपी वाले कहते हैं कि यह तीनों पार्टियां जाली हैं. इनके वजह से हमारे पेट खाली हैं. संजय निषाद ने दावा किया कि 28% मुसलमानों ने भाजपा को वोट दिया है. 

Advertisement

पीएम मोदी ने मछुआरे को गले लगाया, अखिलेश चलवाते थे गोली

संजय निषाद ने कहा कि मोदीजी ने मुझ जैसे मछुआरे के बेटे को भी गले लगाया, जबकि समाजवादी पार्टी गोली मरवाती थी और फर्जी मुकदमे लिखवाती थी. जिस तरीके से राम और निषादराज गले मिले थे और शांति आई थी. निषादराज की सेना से लंका पर विजय प्राप्त हुआ था और रावण का वध हुआ था. उसी तरह निषादराज की सेना ने 2019 से मोदीजी के साथ है. आज तीन-तीन सेना लगी हुई है जिसमें निषाद, अपना दल और भाजपा की सेना है, जिन्होंने एनडीए की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाया है और जिसके कारण आज मतदाता ने हमारा बटन दबाया है और इसी नाते से उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विजय हो रही है और परिणाम इस बार विशेष आएगा.

एग्जिट पोल है एक्जैक्ट पोल

संजय निषाद ने कहा कि एग्जिट पोल एग्जैक्ट पोल है क्योंकि सभी जातियों ने वोट डाला है. भाजपा ने हमें 16 सीटें दी और मोदी, योगी, अमित शाह, जेपी नड्डा और आरएसएस के प्रचारक सभी लोग हमारे लिए जी जान से लगे. यह कहना गलत नहीं होगा कि अपनी पार्टी से ज्यादा हमारे प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार किया. जो भाजपा की मशीनरी थी इसमें शक्ति केंद्र, पन्ना प्रमुख, विधानसभा कमेटी, विधान मंडल की कमेटी इन सब लोगों को उन्होंने जमीन पर उतारा और आज इसी से यह परिणाम आ रहा है कि सभी ने भाजपा का बटन दबाया है. 10 मार्च को ऐतिहासिक जीत हम लोग दर्ज कर रहे हैं और हमारी सरकार बन रही है.

Advertisement

बनारस में ईवीएम के बवाल पर अखिलेश यादव को घेरा

संजय निषाद ने कहा कि हो सकता है अखिलेश यादव पहले ऐसा कर चुके हों इसीलिए इनको यह पता है और उनको शंका हो रही है. अगर उनके पास कोई सबूत है तो वह इलेक्शन कमीशन को पेश करें क्योंकि आचार संहिता लगने के बाद सरकार की पावर खत्म हो जाती है और चुनाव आयोग पावर में रहता है. ऐसे में सरकार को टारगेट करना ठीक नहीं. जो कुछ कहना है वह इलेक्शन कमीशन से और उनको कहें. अखिलेश यादव के पास अगर कोई सबूत है, जैसे कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो तो हो चुनाव आयोग को पेश करें. इलेक्शन कमीशन उन अधिकारियों को सस्पेंड करेगा. पत्र लिखकर शिकायत करना यह सब कोई भी कर सकता है, इन सब चीजों में कोई दम नहीं है.

ओमप्रकाश राजभर को भी लिया आड़े हाथों

ओम प्रकाश भैया का क्या बताए? उनके जुबान का कौनो ठिकाना न बा... भिन्ननही (सुबह) अखिलेश के साथ चाय पीहेन और दोपहरे में दयाशंकर के जलेबी खाएन और भाजपा के कमरे में बैठ के बात करेन. हीरो तो वह तब बने थे जब वह भाजपा के साथ 2017 में आए थे. शकुनी मामा जब पीछे लग गए तो वह जीरो हो गए. अगर उनको लगता है कि ईवीएम को लेकर कुछ गड़बड़ी है तो चुनाव आयोग से बात करें. अपनी बातों को चुनाव आयोग के संज्ञान में लाएं हालांकि ईवीएम को लेकर ऐसा कुछ नहीं है.

Advertisement

एनडीए सरकार करेगी 300 सीटों का आंकड़ा पार

हम लोग 300 के पार हैं जो बची सीट है, अखिलेश यादव को हम दे रहे हैं. अगर भाजपा की सरकार बनती है तो यूपी का अगला सीएम कौन होगा? इस सवाल के जवाब में संजय निषाद ने कहा कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा यह भारतीय जनता पार्टी तय करेगी. हम तो छोटे भाई हैं, जिस तरीके से राम निषाद राज को गले लगाया था, उसी तरीके से भाजपा ने हमें गले लगाया है. भारतीय जनता पार्टी अगर चाय वाले को को प्रधानमंत्री बना सकती है, तो निषादराज के बेटे को और लोगों को भी कुछ भी बना सकती है. इस बार भारतीय जनता पार्टी ने सभी जातियों के लोगों को टिकट दिया है. सबका साथ सबका विकास है. किसी चेहरा से नहीं, नीतियों से देश और प्रदेश चलता है. भारतीय जनता पार्टी किसे मुख्यमंत्री बनाती है वो उसके ऊपर है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement