
फिल्म 'आदिपुरुष' ने अपनी रिलीज के साथ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है. इस फिल्म को भले ही जनता से मिक्स रिएक्शन मिल रहा हो, लेकिन इसकी पहले दिन की कमाई कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. फिल्म के रिलीज होने के बाद से सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा हो रही है. अच्छी कमाई के बावजूद ट्रोल्स ने फिल्म का पीछा नहीं छोड़ा है. पहले 'आदिपुरुष' के डायलॉग्स को लेकर खूब मीम्स वायरल हुए थे और अब सैफ अली खान के रावण लुक का मजाक बनाया जा रहा है.
रावण के 10 सिर देख क्या बोले यूजर्स?
यूजर्स का कहना है कि सैफ अली खान का रावण लुक 'छपरी' है. वहीं कुछ के लिए इस बात पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि रावण को 'आदिपुरुष' में टी-शर्ट पहने हुए दिखाया गया है. लेकिन सबसे ज्यादा हैरानी फिल्म में दिखाए रावण के 10 सिरों को लेकर जताई जा रही है. यूजर्स का कहना है कि मेकर्स ने 500 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद रावण को गलत लुक दिया है, जो काफी फनी है. देखें वायरल हुए मीम्स :
दूसरी तरफ बहुत से यूजर्स को सैफ अली खान का काम और ट्रांसफॉर्मेशन काफी पसंद आया है. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो दुनियाभर में इसने 140 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके हिंदी वर्जन ने 37.25 करोड़ रुपये की कमाई पहले दिन की है. 'आदिपुरुष' का ओपनिंग डे कलेक्शन देख मेकर्स की खुशी का ठिकाना नहीं है.
मनोज मुंतशिर ने कही ये बात
सोशल मीडिया पर 'आदिपुरुष' के रिलीज होने के बाद हंगामा मच गया था. यूजर्स ने इस फिल्म के डायलॉग्स को लेकर नाराजगी जताई थी. ऐसे में फिल्म के डायलॉग लिखने वाले मनोज मुंतशिर ने आज तक से बात करते हुए कहा कि 'रामायण' पर बेस्ड फिल्म के लिए ये डायलॉग गलती से इस तरह नहीं लिखे गए, इन्हें जानबूझकर ऐसा रखा गया है. उन्होंने कहा कि सिर्फ हनुमान जी के डायलॉग पर बात क्यों हो रही है. लोगों को भगवान श्रीराम के संवादों पर भी बात करनी चाहिए.
मनोज ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, 'हमने रामायण नहीं बनाई है, ये रामायण की कहानी से प्रेरित हैं.' उन्होंने राम चरितमानस लिखने वाले कवि तुलसीदास का जिक्र करते हुए आगे कहा, 'बाबा तुलसीदास कहते हैं- नाना भांति राम अवतारा, रामायण शत कोटि अपारा. राम के अवतार के अनेकों-अनेक पहलू हैं और सैकड़ों तरीके से रामायण सुनाई जा सकती है.'