
'आज मौत महाकाल को चढ़ाकर आया हूं...' अजय देवगन ने 'भोला' के ट्रेलर में जब ये डायलॉग बोला तो उनके कितने ही फैन्स ने ये तय कर लिया कि वो सिर्फ इस एक सीन के लिए फिल्म देखने जा सकते हैं. ये कहना कोई अतिरंजना नहीं है, बल्कि आप सोशल मीडिया पर ट्रेलर पर आए कमेंट्स में जनता का मूड चेक कर सकते हैं.
'भोला' में अजय देवगन का किरदार एक शिवभक्त का है. ट्रेलर में दिख रहा है कि फिल्म में बहुत जोरदार एक्शन होने वाला है और कहानी में इमोशन भी होगा. फिल्म के प्रमोशन के लिए सामने आए पहले लुक से ही, 'भोला' के मेकर्स ने फिल्म में अजय के किरदार में शिवभक्ति का रंग खूब दिखाया है.
ये पहली बार नहीं है कि अजय के किसी किरदार में, या उनकी फिल्म में ऐसा कनेक्शन दिख रहा हो. अजय अपनी रियल लाइफ में भी भगवान शिव के बड़े भक्त हैं. और उनके किरदारों में शिवभक्ति का रेफरेंस नजर आना स्क्रीन पर बहुत कमाल लगता है. अजय पर ये शिवभक्ति का सुरूर पहले रियल लाइफ में ही चढ़ा और फिर धीरे-धीरे उनके किरदारों में भी आने लग गया.
'गोलमाल' और टैटू का कमाल
बॉलीवुड के ऑरिजिनल एक्शन स्टार्स में से एक अजय ने अपनी फिल्मों में डायनामिक भौकाली किरदार बहुत निभाए हैं. ऐसे किरदारों को उनके हिस्से का माहौल देने के लिए अक्सर उनके किरदारों में छोटे-छोटे एलिमेंट जोड़े जाते हैं, जैसे कि टैटू. अगर आपको पहली 'गोलमाल' फिल्म (2006) याद हो तो उसमें चार एक्टर्स थे अजय देवगन, अरशद वारसी, शरमन जोशी और तुषार कपूर. अजय का किरदार इस मजेदार गैंग के लीडर की तरह था, और उसका भौकाल बाकी तीनों पर भारी रहता था.
अजय के कैरेक्टर को ये डायनामिक फील देने के लिए उनकी बाएं बाजू पर एक टैटू था. ये टैटू 'ग्रीम रीपर' का था. ग्रीम रीपर को कुछ माइथोलॉजिकल कहानियों में मौत का सिंबल माना जाता है, जो दरांती या हंसिए टाइप का हथियार रखता है और लोगों की आत्मा निकालकर ले जाने आता है.
2010 में जब 'गोलमाल 3' आई तो कहानी में अजय का किरदार- गोपाल, फिल्म का सबसे भौकाली किरदार था. एकदम छोटे बाल और धांसू बॉडी बनाए हुए अजय का लुक भी उनके किरदार के हिसाब से ही था. फिल्म में उनकी शर्ट के, ऊपर के दो बटन खुले रहते थे और इनकी आड़ से अजय के सीने पर बना एक नया टैटू झांक रहा था. और ये टैटू भगवान शिव की तस्वीर थी.
भगवान शिव का कूल फैक्टर और अजय के जबराट किरदार
अजय ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 2009 में फिल्म 'ऑल द बेस्ट' के शूट के दौरान संजय दत्त ने उन्हें भगवान शिव का टैटू बनवाने के लिए उनपर जोर दिया. संजय दत्त ने खुद अपने बाजू पर भगवान शिव की तस्वीर टैटू करवा रखी है. 'गोलमाल 3' में अजय के सीने पर इस टैटू को लोगों ने खूब नोटिस किया.
टैटू एक कूल चीज तो है ही मगर उससे एक तरह की दृढ़ता भी दिखती है, उस विचार को लेकर जो टैटू में नजर आता है. ऊपर से भगवान शिव की इमेज ऐसी है कि जहां बाकी देवी-देवताओं को पॉप कल्चर में लाते ही विवाद होने का डर रहता है, वहीं उनको लेकर एक 'कूल' किस्म का माहौल रहता है. वो महादेव भी हैं और भोले भी, प्रेम में वो अद्भुत नर्तक बन जाते हैं और क्रोध में विनाश. भगवान शिव के किरदार का ये लचीलापन उन्हें उनके भक्तों से लेकर, पॉप कल्चर को खूब फॉलो करने वाले यूथ तक, सबका फेवरेट बनाती है.
वापिस 'गोलमाल 3' पर आएं तो, फिल्म में बाकी के किरदार अजय के खूब मजे लेते रहते हैं, लेकिन जब उसका मूड बिगड़ता है, तो सब एक मील के फासले पर चले जाते हैं. इस तरह के भौकाल के साथ भगवान शिव का टैटू परफेक्ट सूट करता है. लेकिन अजय के इस टैटू को सबसे कमाल अंदाज में यूज किया रोहित शेट्टी ने.
रोहित की फिल्म 'सिंघम' का ट्रेलर तो आपको याद ही होगा. ट्रेलर में बैकग्राउंड में एक श्लोक का उच्चारण चल रहा है, जिम में तराशी हुई बॉडी चमकाते हुए अजय पानी से बाहर निकलते हैं और जब कैमरा उनके सीने पर फोकस करता है तो वहां भगवान शिव की तस्वीर बनी है. (हालांकि बैकग्राउंड में चल रहा ये श्लोक भगवान शिव नहीं, बल्कि भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की स्तुति के लिए प्रयोग होता है.)
'सिंघम' के बाद अजय का ये टैटू 'सन ऑफ सरदार' 'एक्शन जैक्सन' और उसके बाद भी फिल्मों में नजर आता रहा. अजय के सीने पर भगवान शिव का ये टैटू अब उनके पक्के वाले फैन्स को भी याद हो चुका है और ये लगता भी काफी 'कूल' है.
अजय के किरदार और महादेव के नाम
अजय ये भी कह चुके हैं कि 'मैं (भगवान शिव का) बहुत बड़ा भक्त हूं. लेकिन कई चीजें अपने आप ही जगह पर बैठ जाती हैं.' उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे 'ओमकारा' का टाइटल 'ओमकारा' रखना डायरेक्टर विशाल भारद्वाज का फैसला था. फिल्म में अजय के किरदार का नाम ओमकारा शुक्ला उर्फ़ ओमी था.
थोड़ा पीछे चलें तो 'धनवान' (1993) में अजय के किरदार का नाम काशीनाथ (भगवान शिव का एक प्रचलित नाम) और 'हकीकत' (1995) में शिवा था. अजय की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक 'प्यार तो होना ही था' (1998) के अलावा 'राजू चाचा' (2000) और 'ब्लैकमेल' (2005) में भी उनके किरदारों का नाम शेखर था. भगवान शिव का ही एक नाम चंद्रशेखर भी है जिससे 'शेखर' नाम निकला.
'बोलो हर हर हर...'
अजय कई बार बोल चुके हैं कि वो बचपन से भगवान शिव के भक्त हैं और उनमें बहुत आस्था रखते हैं. अजय जो फिल्में खुद बनाते हैं, उनमें प्रोडक्शन हाउस के टाइटल कार्ड पर गौर कीजिएगा. 'अजय देवगन फिल्म्स' के बैकग्राउंड में शिव तांडव स्तोत्र बजता है और फाइनल लोगो भगवान शिव के तिलक के जैसा दिखता है.
अजय की इस शिवभक्ति सबसे बड़ा एक्सप्रेशन शायद उनकी फिल्म 'शिवाय' है. फिल्म में अजय के किरदार का नाम तो शिवाय था ही, उसका पहाड़ों से बहुत तगड़ा कनेक्शन था. फिल्म में अजय की पीठ पर एक बड़े से त्रिशूल का टैटू था और तमाम सिंबल इस तरह थे जो उनके किरदार को एक पक्का शिवभक्त बना रहे थे. और फिल्म का टाइटल ट्रैक 'बोलो हर हर हर' यूथ में बहुत पॉपुलर हुआ.
इस गाने की पॉपुलैरिटी ऐसी है कि शिवरात्रि पर आपको बहुत जगह ये बजता मिल जाएगा. 'शिवाय' अजय की होम प्रोडक्शन फिल्म थी. अजय खुद ही फिल्म के डायरेक्टर भी थे और उन्होंने धमाकेदार स्टंट किए थे. 'शिवाय' के एक्शन और स्टंट की खूब तारीफ तो हुई, लेकिन फिल्म उतनी बड़ी हिट नहीं हुई जिसकी उम्मीद की जा रही थी.
'भोला' का दम
अब अजय 'भोला' लेकर आ रहे हैं जिसका टीजर, ट्रेलर और अजय के किरदार के लुक तक में शिवभक्ति के सिंबल जमकर भरे हुए हैं. ट्रेलर में भगवान शिव की नगरी कहे जाने वाली वाराणसी के घाट और शिवलिंग पर जल चढ़ाने के सीन भी हैं. माथे पर भस्म लगाए हुए अजय, त्रिशूल के साथ खतरनाक एक्शन करते दिख रहे हैं और बैकग्राउंड में भगवान शिव की एक मूर्ति नजर आ रही है. ऊपर से वो किलर डायलॉग जो फिल्म के पूरे जलवे को ही एक अलग लेवल पर ले जाता है.
'भोला' का ट्रेलर देखने के बाद जनता अभी तक फिल्म देखने के पूरे मूड में लग रही है. फिल्म से अजय का लुक बहुत चर्चा में है और अजय एक बार फिर खतरनाक एक्शन करते नजर आ रहे हैं. अब ये देखना दिलचस्प है कि 'भोला' के लिए बना ये जोरदार माहौल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में कितना कन्वर्ट हो पाता है. 'भोला' की कमाई चाहे जितनी भी हो, लेकिन अगर फिल्म में कहानी को सही से हैंडल किया गया होगा तो महादेव के रंगों में रंगा अजय का भौकाल जरूर कल्ट बन जाएगा. हर हर महादेव...