
अक्षय कुमार का दिल बहुत बड़ा है और ये बात हमने कई बार देखी भी है. अब फिल्म बेल बॉटम के प्रोड्यूसर्स के लिए अक्षय कुमार मसीहा बन गए हैं. इस फिल्म की शूटिंग इन दिनों स्कॉटलैंड में हो रही है. अक्षय कुमार सहित फिल्म की पूरी कास्ट और क्रू प्राइवेट जेट से स्कॉटलैंड रवाना हुई थी. अक्षय अपनी फिल्मों की शूटिंग पर कास्ट और क्रू को एक हेल्दी और स्ट्रिक्ट लाइफस्टाइल फॉलो करवाते हैं. हालांकि इस बार उन्होंने अपना एक रुल तोड़ दिया है.
अक्षय ने तोडा 18 साल पुराना रूल
अक्षय कुमार और बेल बॉटम के कास्ट एंड क्रू के 14 दिन क्वारनटीन में खराब हो गए थे.अक्षय ने इस बात को समझा कि प्रोड्यूसर्स को इसकी वजह से आर्थिक नुकसान होगा. इसलिए उन्हने अपने 18 साल से चलते आ रहे रुल को तोड़ दिया है. अक्षय पिछले 18 सालों से दिन में 8 घंटे काम करते आ रहे हैं. लेकिन अब उन्होंने अपनी शिफ्ट डबल करने का फैसला लिया है. इस बात को सुनकर सभी को सरप्राइज हुआ था.
अक्षय के ऐसा करने का कारण प्रोडक्शन हाउस पूजा एंटरटेनमेंट के पैसे बचाना है. उनका कहना है कि दो यूनिट अगर एक दिन में काम करे तो ऐसा हो सकता है. इसी के बाद फिल्म की यूनिट ने डबल शिफ्ट में काम करना शुरू किया. ये अपनी तरह की पहली फिल्म बन गई है जिसने लॉकडाउन के बाद जो हर घंटे में ज्यादा सा ज्यादा काम खत्म कर रही है. खास बात ये भी है कि पूजा एंटरटेनमेंट अपने सेट्स पर एक्टर्स और क्रू की सेफ्टी का भी पूरा ध्यान रखने में कामयाब रही है.
प्रोड्यूसर जैकी भगनानी ने की तारीफ
बेल बॉटम के प्रोड्यूसर जैकी भगनानी ने इस बारे में कहा, ''अक्षय कुमार सही में प्रोड्यूसर के एक्टर हैं और उनके साथ काम करना हमारा सौभाग्य रहा है. वो हमेशा हर चीज और इंसान के बारे में सोचते हैं. यूनिट की सेफ्टी से लेकर उनके शूटिंग शेेड्यूल और प्रोड्यूसर की परेशानी तक हर चीज का ध्यान वो रखते हैं. वो आदमी सोना है. अक्षय 18 सालों में पहली बार डबल शिफ्ट में काम कर रहे हैं. जब उन्होंने हमें सुझाव दिया कि दो यूनिट्स के साथ काम करना सही होगा, तो हम चौंक गए थे और उत्साहित भी थे. उनके काम का अनुशासन और समय के लिए इज्जत देखकर सेट्स को सभी पर एनर्जी मिल रही है और सभी अपना बेस्ट दे रहे हैं. ये किसी बढ़िया मशीनरी का पूरा समय काम करके इसे पूरा करने जैसा है.''