
उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुई दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे देश को अंदर तक झकझोर दिया है. 50 वर्षीय महिला का गैंग रेप और बाद में हत्या करने के मामले ने सभी का गुस्सा चरम पर पहुंचा दिया है. राज्य सरकार ने STF का गठन कर दिया है और मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन कुछ लोगों के विवादित बयान की वजह से ये केस अपनी दिशा से भटक रहा है.
महिला आयोग की सदस्य के बयान पर बवाल
हाल ही में महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी ने ऐसा बयान दिया कि उस पर जमकर बवाल काटा जा रहा है. महिला आयोग की तरफ से केस का जायजा लेने पहुंची चंद्रमुखी ने मीडिया से बातचीत के दौरान लड़कियों के घर से बाहर निकलने पर टिप्पणी कर दी. उनके मुताबिक अगर महिला शाम को बाहर नहीं जाती, तो शायद उनके साथ ऐसा नहीं होता. बयान में कहा है- किसी के प्रभाव में महिला को समय-असमय नहीं पहुंचना चाहिए. सोचती हूं अगर संध्या के समय वो महिला नहीं चली गई होती या कोई परिवार का बच्चा साथ होता तो शायद ऐसी घटना नहीं होती.
पूजा भट्ट के महिला आयोग से तीखे सवाल
महिला आयोग की सदस्य की तरफ से आए ऐसे बयान ने सभी को हैरत में डाल दिया है. फिल्ममेकर पूजा भट्ट ने भी इस बयान को आधार बनाते हुए महिला आयोग पर निशाना साधा है. उन्होंने सीधे अध्यक्ष रेखा शर्मा पर तीखे सवाल दाग दिए हैं. उन्होंने जानना चाहा है कि अगर महिला आयोग भी ऐसे संवेदनशील मामलों अपनी यही राय रखता है. ट्वीट में लिखा है- रेखा जी क्या आप इस बयान से सहमत हैं. क्या आपको भी यही लगता है कि महिला का गलत समय में मंदिर जाने के लिए बाहर निकलना ठीक नहीं था.
महिला आयोग की तरफ से सफाई
अब रेखा शर्मा की तरफ से जवाब देने में देरी नहीं हुई है. उन्होंने ना सिर्फ अपने उस सदस्य के बयान का खंडन किया है बल्कि महिलाओं के बाहर निकलने पर भी अपनी राय स्पष्ट कर दी है. वे लिखती हैं- मैं बिल्कुल भी सहमत नहीं हूं इससे. मुझे नहीं पता कि सदस्य ने ऐसा क्यों कहा है. सभी महिलाओं को पूरा हक है कि वे कभी भी और कही भी जा सकती हैं. महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करना समाज का काम है. रेखा शर्मा के इस जवाब से पूजा भी संतुष्ट नजर आईं और उन्होंने उम्मीद जताई कि इस केस में भी जल्द न्याय होगा.