
अन्नू कपूर और मनोज जोशी स्टारर फिल्म 'हमारे बारह' पर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इस फिल्म में धर्म विशेष के लोगों की कहानी दिखाई जाने वाली है, जिसमें महिलाओं पर धर्म की आड़ में अत्यार हो रहे हैं. उनके साथ जोर-जबरदस्ती की जाती है और बच्चे पैदा करने का दबाव बनाया जाता है. फिल्म का ट्रेलर 30 मई की शाम को रिलीज किया गया था. इसे अब हटा दिया गया है.
हटाया गया फिल्म का ट्रेलर
ट्रेलर में अन्नू कपूर के किरदार को एकदम निर्दयी रूप में देखा गया था. उनके किरदार के 12 बच्चे हैं. ये बच्चे उनके अपनी बीवी के साथ जबरदस्ती से हुए हैं. एक बार फिर उनकी पत्नी प्रेग्नेंट हो जाती है. प्रेग्नेंसी में मुश्किल होने के चलते उनका एबॉर्शन करवाना जरूरी है. हालांकि अन्नू का किरदार इस बात को अपने धर्म के खिलाफ मानता है. यहीं से उनके घर की महिलाओं की अपने हक के लिए जंग शुरू होती है. इस जंग में परिवार के साथ-साथ समाज पर भी बड़ा असर पड़ने वाला है.
इस फिल्म के ट्रेलर को सिर्फ फिल्म के इंस्टाग्राम अकाउंट पर रिलीज किया गया था. लेकिन अब इसे वहां से डिलीट कर दिया गया है. ऐसा क्यों किया गया ये अभी साफ नहीं हुआ है. ट्रेलर रिलीज के 24 घंटों के बाद ही इसे हटा दिया गया. हो सकता है कि इसके पीछे फिल्म पर हो रहे विवाद हों. हालांकि अभी इसे लेकर मेकर्स या फिल्म के एक्टर्स का आधिकारिक बयान आना बाकी है.
फिल्म 'हमारे बारह' पर सारा विवाद इसके टीजर रिलीज होने के बाद हुआ था. टीजर में एक किरदार को औरतों की तुलना सलवार के नाड़े से करते देखा जा गया था. ये किरदार औरतें को मर्दों के लिए खेती समान बता रहा है. उसका कहना है कि मर्द जब चाहे खेती कर सकता है. टीजर में महिलाओं के दर्द को देखा गया था. वहीं किरदार की ऐसी बातों से दर्शक भड़क उठे थे. इसके बाद मूवी का विरोध शुरू हो गया था.
अन्नू कपूर ने कही थी ये बात
एक इंटरव्यू के दौरान एक्टर अन्नू कपूर ने विरोध पर बात की थी. विरोध करने वालों को अन्नू कपूर ने कहा, 'भैया फिल्म देखिए. उसके बाद अपनी राय कायम कीजिएगा. खुद आका बनने की कोशिश मत करिए. ये फिल्म मदरहुड की बात करती है, ये फिल्म जनसंख्या की बात करती है. औरत किन जज्बात से गुजरती है और उसको किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है एक फैमिली के अंदर ये उसकी कहानी है. मैं ऐसा किरदार निभा रहा हूं जो अपने दीन-ओ-ईमान के ऊपर अटका हुआ है. वो उसके खिलाफ नहीं जाना चाहता है. जो लिखा हुआ उसको बदलना नहीं चाहता है. मुझे फिल्म का विलेन भी कहा जा सकता है.'
अन्नू कपूर ने आगे कहा, 'इस फिल्म के माध्यम से प्रोड्यूसर-डायरेक्टर एक बदलाव की मांग करते हैं. और वक्त के साथ-साथ बदलाव आना चाहिए. हमारे सूफी खान, जो हमारे क्रिएटिव राइटर हैं, उन्होंने बहुत अच्छी बात कही कि 'फोटो लगाना जो है मना है, लेकिन फिर भी लोगों को उमराह करने के लिए, हज करने के लिए जाना होता है तो पासपोर्ट पर फोटो लगानी पड़ती है न. वक्त के साथ-साथ हम लोगों को बदलना पड़ता है. इंसानियत की भलाई के लिए वक्त के साथ हम सबको बदलना है. इस बारे में फिल्म बात करती है. दूसरी बात जनसंख्या हमारे मुल्क में बहुत बड़ी मुसीबत हो चुकी है. हमें किसी न किसी तरह इसको कंट्रोल करना है और पूरी ईमानदारी के साथ कंट्रोल करना है. मैं सभी से अपील करता हूं कि हम सब अपने समाज के लिए, मुल्क के लिए जिम्मेदार हैं. हमको जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी.'
एक्टर को मिल रही धमकी
एक्टर से पूछा गया कि क्या ये सच में कोई विवादित फिल्म है? इसे सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिला है? इसपर उन्होंने कहा, 'सेंसर बोर्ड से बिल्कुल फिल्म पास हुई है. वो एक कॉम्पेटेंट अथॉरिटी है उसने पास की है. जो आप के देश के प्रजातंत्र ने नियम कानून और गाइडलाइंस बनाई हैं उन्हीं को सेंसर बोर्ड फॉलो करती है. तो उसके बाद इस तरह का विरोध, प्रजातंत्र में विरोध है, लेकिन प्रजातंत्र में मौत की धमकियां और स्त्रियों को गाली-गलौच और ये कि बलात्कार कर देंगे, ये तो सही नहीं है. इसकी तो कड़ी सजा मिलनी चाहिए. लेडीज को ज्यादा धमकियां मिली हैं. किसी भी स्त्री को आप ये कहेंगे कि आपका रेप करेंगे तो ये अच्छी बात नहीं है. वो भी तब जब आपने फिल्म का सिर्फ टीजर देखा है.'