
फिल्म इंडस्ट्री को अक्सर ही नेपोटिज्म के टॉपिक पर टार्गेट किया जाता है. अक्सर कहा जाता है कि स्टार किड्स की वजह से बाकि एक्टर्स को मौका नहीं मिलता है. इस मुद्दे पर कई बार सिनेमा की बड़ी पर्सनैलिटीज ने अपनी राय रखी है. साहित्य आजतक के मंच पर जावेद अख्तर ने भी इस टॉपिक अपना ओपिनियन शेयर किया. जावेद के मुताबिक इंडस्ट्री में कोई नेपोटिज्म नहीं है, ये सब एक सोच है.
इस इलेक्शन में धांधली नहीं
जावेद ने कहा कि एक प्रोड्यूसर फिल्म बनाता पैसे लगाता है, तो उसका मन कि किसे कास्ट करे किसे नहीं. ये ऑडियन्स पर डिपेंड करता है कि वो किसे स्टार बनाती है किसे नहीं.
जावेद बोले- फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा नेपोटिज्म की बात होती रहती है. लेकिन मैं आपको बता दूं कि फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म हो ही नहीं सकता. क्योंकि ये ऐसा इलेक्शन है, जहां धांधली हो ही नहीं सकती. क्योंकि यहां स्टार ऑडियन्स बनाती है. ये ब्यूकोक्रेसी में हो सकता है, एजेंसी में हो सकता है. यहां नहीं, प्रोड्यूसर अपने रिस्क पर फिल्म बना रहा है, उसके पैसे लग रहे हैं, फ्लॉप होगी तो उसका पैसा चला जाएगा. बिजनेसमैन तो अपनी सारी संपत्ति अपने बेटे को दे देता है. वो नेपोटिस्ट है. फिल्म मेकर नहीं है.
जोया ने लिया ऑडिशन
जावेद ने बेटी जोया अख्तर को डिफेंड करते हुए ये बातें कही. जोया कि फिल्म द आर्चीज 7 दिसंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है. फिल्म में सुहाना खान, खुशी कपूर, अगस्त्य नंदा जैसे स्टार किड्स लीड रोल में हैं. इन स्टार किड्स को कास्ट करने के सवाल पर जोया ने कहा-क्योंकि मैंने उनका ऑडिशन लिया, वो मुझे पसंद आए. वो रोल में फिट हुए. मैं फिल्म मेकर हूं, मेरा जॉब है मेरी फिल्म के लिए बेस्ट करना. इसी के लिए मुझे पैसे मिलते हैं. ये स्टार किड्स हैं नहीं, वो खुद को कभी ऐसा नहीं बुलाते हैं, आप लोग बुलाते हैं. वो एक्टर्स हैं. मैं अपनी फिल्म के लिए बेस्ट ही कास्ट करूंगी.
बता दें, फेमस आर्चीज कॉमिक्स पर बेस्ड इस फिल्म में सुहाना खान के साथ अगस्त्य नंदा, वेदांग रैना, मिहिर आहुजा, खुशी कपूर, अदिती डॉट, युवराज मेंडा भी लीड रोल में हैं. फिल्म के म्यूजिकल लिरिक्स जावेद अख्तर ने लिखे हैं.