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'कंगना रनौत को अदालत ले जाओ... फैसला कानून करेगा', क्यों बोले मनोज मुंतशिर, टली इमरजेंसी की रिलीज

3 मिनट 32 सेकंड के इस वीडियो में मनोज ने कई सवाल उठाए हैं. फिल्म के जिस भी हिस्से पर आपत्ति दर्ज कराई गई है, उसके मनोज ने सवालिया तौर पर ही जवाब दिए हैं. और साथ ही अभिव्यक्ति की आजादी पर बात की है. वहीं कंगना ने वीडियो शेयर कर कैप्शन में इसे इमरजेंसी वर्सेज फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन की लड़ाई बताई है. 

कंगना रनौत, मनोज मुंतशिर कंगना रनौत, मनोज मुंतशिर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:25 PM IST

बॉलीवुड एक्ट्रेस-सांसद कंगना रनौत की मच-अवेटेड फिल्म इमरजेंसी की रिलीज टल गई है. फिल्म को लेकर विवाद काफी गहराया हुआ है, सेंसर बोर्ड ने अभी तक इसे लेकर कोई क्लैरिफिकेशन नहीं दिया है. हालांकि कंगना ने एक वीडियो शेयर कर अपना ओपिनियन शेयर किया है. वीडियो में लिरिसिस्ट मनोज मुंतशिर फिल्म की रिलीज टलने और इसकी कुछ वजहों पर बात करते दिखे. 

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3 मिनट 32 सेकंड के इस वीडियो में मनोज ने कई सवाल उठाए हैं. फिल्म के जिस भी हिस्से पर आपत्ति दर्ज कराई गई है, उसके मनोज ने सवालिया तौर पर ही जवाब दिए हैं. और साथ ही अभिव्यक्ति की आजादी पर बात की है. मनोज ने आपत्तिदर्ज करने वालों से गुजारिश की है कि उन्हें दिक्कत है तो कंगना को अदालत ले जाए, फैसला कानून करेगा. वहीं कंगना ने वीडियो शेयर कर कैप्शन में इसे इमरजेंसी वर्सेज फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन की लड़ाई बताई है. 

रुक गई फिल्म की रिलीज

मनोज ने वीडियो में कहा- इमरजेंसी 6 सितंबर को रिलीज नहीं होगी, क्योंकि फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला. अच्छी बात है. लेकिन सर्टिफिकेट का ये खेल आधा अधूरा क्यों खेला जा रहा है. पूर खेला जाना चाहिए. लगे हाथ हमसे एक और सर्टिफिकेट हमसे छीन लेना चाहिए कि हम अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान करने वाले लोग हैं. छोड़िये ये महानता का ढोंग, एक फिल्म तो हमसे बर्दाश्त हो नहीं रही. फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन की बात करते हैं. 

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'प्रॉब्लम क्या है इमरजेंसी से... प्रॉब्लम ये है कि इंदिरा गांधी की निर्मम हत्या दिखाई गई है. तो क्या इंदिरा जी की मृत्यू रोड एक्सीडेंट में हुई थी, हत्या नहीं की गई थी? प्रॉब्लम ये है कि इंदिरा गांधी के हत्यारों को सिख दिखाया गया है. तो सतवंत सिंह और बेअंत सिंह सिख नहीं थे? प्रॉब्लम ये है कि जरनैल सिंह भिंडरावाले को आतंकवादी बताया गया है. तो क्या हजारों निर्दोषों की हत्या करने वाला वो दरिंदा, आतंकवादी नहीं था?'

सिख के नाम पर राजनीतिक दबाव

'कहते हैं सिख समुदाय को फिल्म के इन हिस्सों पर आपत्ति है. मैं मानने को तैयार नहीं हूं कि इक ओंकार सतनाम बोलकर सच्चाई के लिए बेखौफ खड़े होने वाले सिख किसी फिल्म में दिखाई गए सच से डर गए. सिख भारतवर्ष के इतिहास का सुनहरा पन्ना हैं. जब सिर पर केसरी पगड़ी बांधकर निकलते हैं तो पूरा देश उन्हें इज्जत से देखता है. क्योंकि उस पगड़ी की हर सिलवट से हमारे महान गुरुओं का शौर्य झलकता है. सिखों की शिनाख्त जरनैल सिंह भिंडरावाले से की जाएगी?'

मनोज ने पूरे वीडियो में सिखों की तारीफ में कई बातें की. उन्होंने बताया कि सिख ने कभी विक्टिम कार्ड नहीं खेला है. ऐसा एक समुदाय महज एक फिल्म से डर जाए ये मुमकिन नहीं है. मनोज ऐलान करते हुए आगे कहा कि 'आगे बढ़िए और कंगना रनौत से आपको जो भी शिकायते हैं, उन्हें अदालतों में ले जाइये, उनका फैसला कानून करेगा. लेकिन ये फिल्म अकेले कंगना की नहीं है. 500 लोगों के क्रू ने अपना पसीना बहाकर फिल्म कमाई है. उनके साथ आपके रहते नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए.'  

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सेंसर बोर्ड पर बना दबाव

मनोज आगे बोले- सेंसर बोर्ड पर आपके नाम से जो दबाव बनाया जा रहा है, उसकी निंदा कीजिए. कहिए कि ये दबाव राजनैतिक है नैतिक नहीं. कुछ डरे सहमे हुए लोग पूरी कौम को रिप्रेजेंट नहीं करते. कहिए कि आपकी सच्चाई ना किसी फिल्म की मौहताज है ना किसी फिल्म से डरती है. रिलीज के बाद अगर आपको लगे कि फिल्म में कुछ गलत दिखाया गया है, तो उसका विरोध कीजिए, मैं भी आपके साथ खड़ा रहुंगा. हमने आपकी मानवता और न्याय वेदना पर हमेशा विश्वास किया है. हम जानते हैं कि सिखों के बुलंद दहाड़ों से कभी औरंगजेब के कानों के पर्दे फट जाते थे. वो सिख कभी किसी दूसरे की आवाज को दबाने के हक में खड़े नहीं हो सकते. 

बता दें, कंगना रनौत इमरजेंसी में इंदिरा गांधी की कैरेक्टर प्ले कर रही हैं. फिल्म का डायरेक्शन भी उन्होंने खुद किया है. फिल्म में श्रेयस तलपड़े, अनुपम खेर, महिमा चौधरी सरीखे कई कलाकार शामिल हैं. 

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