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कांतारा फिल्म के सुपर सक्सेस के बाद अब दर्शकों के बीच अब इसके प्रीक्वल का पोस्टर रिलीज किया गया है. पोस्टर के आते ही इसकी चर्चा जोर-शोर से होने लगी है. दर्शकों को बस अब फिल्म की रिलीज का इंतजार है. बता दें, कांतारा की कहानी अब प्रीक्वल के रूप में प्रेजेंट की जाएगी.
कहानी के मूल सब्जेक्ट से नहीं होगी छेड़छाड़
हुंबाले फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनने वाली इस फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है. प्रोड्यूसर विजय किरागंदुर हमसे इस फिल्म और उसकी तैयारी पर डिटेल में बातचीत करते हैं. विजय बताते हैं, 'कांतारा पिछले साल की सबसे चर्चित फिल्मों से रही है. इसने हर तरह के दर्शक वर्ग को एंटरटेन किया है. सबने इस फिल्म को एक्सेप्ट किया है. कांतारा 2 का स्केल उससे भी बड़ा होने वाला है. जाहिर सी बात है, जिस तरह से दर्शकों की उम्मीदें बढ़ी हैं. मैं यही कहूंगा इसके मूल सब्जेक्ट पर ही फोकस रहेगा. इसके नरैटिव के साथ हम कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं, कहानी उतनी ही रूटेड होगी, दैवत्व(divinity)फैक्टर भी वैसा ही रहेगा. हम उन सब चीजों को इनटैक्ट कर एक बड़ी फिल्म लाने जा रहे हैं.'
दोगुना हो जाएगा बजट
कांतारा 2 के बजट पर बात करते हुए प्रोड्यूसर कहते हैं, 'बजट तो जाहिर सी बात है, पिछले फिल्म जितना नहीं होगा. फिल्म प्रीक्वल है, तो हमें उस ऐरा को दर्शाना है. जिसमें कई सारे वॉर सीक्वेंस क्रिएट होने हैं. बड़े-बड़े महल होंगे, किरदारों का गेटअप भी उस दौर का ही होगा. हालांकि हमारी पूरी कोशिश यही है कि फिल्म में ज्यादा वीएफएक्स का इस्तेमाल नहीं हो. हम ऑर्गैनिक लोकेशन में ही शूट करने वाले हैं. इन सबकी वजह से बजट तो थोड़ा ऊपर जाएगा ही. हम बेशक इसे भव्य करेंगे, लेकिन कोशिश यही है कि इसके मूल सब्जेक्ट से हम डायवर्ट नहीं हों. पार्ट वन का बजट 16 करोड़ था, जो केवल कन्नड़ भाषा में बनी थी. वहीं जब इसे 6 भाषा में डब कर प्रमोट किया गया था, तो उस वक्त भी वजह 30 से 35 करोड़ चला गया था. वहीं अब इसके प्रीक्वल पर दोगुना पैसा लगेगा ही. इसमें इंडस्ट्री के कुछ बड़े नाम भी जुड़ेंगे. थोड़ा वीएफएक्स, स्पेशल कैमरा जिसे घने जंगलों में शूट किया जा सके. ऐसे में लॉजिस्टिक्स बढ़ेंगे ही.' हम इसके फ्लेवर और कॉन्सेप्ट से तो बिलकुल भी डायर्वट नहीं होंगे. पंजुली को कैसे क्रिएट किया गया. दैवासा का सोर्स क्या था. इन सब पहलूओं पर कहानी का ताना-बाना बुना गया है.
पोस्टर के डिटेल पर बात करते हुए विजय कहते हैं, कैसे कोंकण की स्थापना हुई और इसके क्रिएटर कौन रहे हैं. इस पोस्टर में ऋषभ इन्हीं दो मुख्य चीजों को दर्शाना चाह रहे हैं. आप देखेंगे कि पोस्टर में त्रिशूल और एक्स दोनों ही है. कोस्टल रीजन के बारे में यही कहानी है कि परशुराम ने इसे क्रिएट किया है और इस कहानी में शिव का किरदार भी बहुत अहम होता है. शिव और परशुराम के प्रतिकात्मक रूप में पोस्टर बनाया गया है. बता दें, इस पोस्टर को बनने में दस दिन लगे थे.
शूटिंग की हो गई है शुरुआत
फिल्म की शूटिंग पर विजय कहते हैं, मुर्हुत शूट से हमने फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है. हर महीने में 10 से 15 दिन की शूटिंग होगी. हमारी कोशिश यही है कि फिल्म 6 से 8 महीने में पूरी हो जाए. उसके बाद 3 से 4 महीने प्रोडक्शन में लगने हैं. फिल्म रिलीज का प्लान इस साल के आखिर में हो या 2025 के शुरुआत में है. लोकेशन कर्नाटक के कोस्टल एरिया में ही हैं. ऋषभ को घना जंगल नहीं मिल रहा है, हमने श्रीलंका के कुछ जगहों को फाइनलाइज किया है.