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Lata Mangeshkar: गानों के रीमिक्स कल्चर से सख्त नाराज थीं लता मंगेशकर, बंद करने को लिखा था लेटर

सुरों की मल्लिका को हर तरह के संगीत से प्यार था, लेकिन वो गानों के रीमिक्स वर्जन को पसंद नहीं करती थीं. साल 2018 में जून के महीने में लता ने अपने एक खत में हिंदी फिल्मों के संगीत के रीमिक्स वर्जन पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. 

लता मंगेशकर लता मंगेशकर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 07 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 1:37 PM IST
  • लता मंगेशकर को पसंद नहीं था म्यूजिक का रीमिक्स कल्चर
  • लता मंगेशकर ने म्यूजिक कंपनियों से की थी खास अपील

साक्षात सरस्वती का रूप कही जाने वाली महान गाय‍िका लता मंगेशकर अब स्वर्ग के सफर पर जा चुकी हैं. 92 वर्ष की उम्र में लता ने अपनी अंत‍िम सांसें लीं. सात दशकों तक अपनी सुरीली आवाज से लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाली ये आवाज अब हमेशा के लिए शांत हो चुकी है. उनके गीत आज की पीढ़‍ियों के बीच भी बहुत पसंद किए जाते हैं. लता ने हर स‍िंगर और हर गाने की हमेशा कद्र की है, लेकिन बॉलीवुड का एक ट्रेंड जो हमेशा उन्हें खटका वो था गानों का रीम‍िक्स कल्चर.

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बॉलीवुड ने कई ओर‍िज‍िनल गानों का रीम‍िक्स वर्जन अपनी फिल्मों और म्यूज‍िक वीड‍ियोज में इस्तेमाल किया है. यह रीम‍िक्स कल्चर लता को पसंद नहीं था. जून 2018 में उन्होंने इसे बंद करने की अपील करते हुए एक खत भी लिखा था.

रीमिक्स कल्चर के खिलाफ थीं स्वर कोकिला लता मंगेशकर
सुरों की मल्लिका को हर तरह के संगीत से प्यार था, लेकिन वो गानों के रीमिक्स वर्जन को पसंद नहीं करती थीं. साल 2018 में जून के महीने में लता ने अपने एक खत में हिंदी फिल्मों के संगीत के रीमिक्स वर्जन पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. 

लता मंगेशकर ने अपने नोट में रिकॉर्डिंग कंपनियों से क्लासिक गानों के नए वर्जन के लिरिक्स और संगीत बदलने का अप्रूवल देने से पहले उसपर सोचने की अपील की थी. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा था कि बदलने में कुछ गलत नहीं है. एक गाने को नए तरीके से पेश करना सही है, लेकिन गाने की एसेंस नहीं बदलनी चाहिए. गाने को तोड़मोड़ कर ट्विस्ट करके पेश करना गलत है. 

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लता मंगेशकर ने लिखा था-गाने की मूल धुन को बिगाड़ना, शब्दों में मनचाहा परिवर्तन करना या फिर नए और सस्ते शब्द जोड़ना इस तरह की बेतुकी हरकतें देख-सुन सचमें पीड़ा होती है.
 

 

7 दशकों के करियर में लता ने गाए हजारों खूबसूरत गाने
सुरों की मल्लिक लता मंगेशकर ने अपने 7 दशकों के करियर में हजारों खूबसूरत गानों में अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरा है. ऐ मेरे वतन के लोगों..., लग जा गले..., ये कहां आ गए हैं हम... , प्यार किया तो डरना क्या...समेत हजारों ऐसे गानें हैं, जिनकी गूंज हमेशा लोगों के दिलों में छाई रहेगी. लता जी तो दुनिया से रुख्सत हो गईं, लेकिन उनकी यादें हमेशा जिंदा रहेंगी. 

 

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