
फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाने वाली अभिनेत्री पायल घोष दिल्ली जा रही हैं क्योंकि उन्हें मंगलवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश होना है. अभिनेत्री के साथ उनके वकील नितिन सतपुते भी होंगे. बता दें कि एनसीडब्ल्यू के सामने दो मामले हैं.
एक मामला पायल घोष द्वारा दायर किया गया है जबकि दूसरा ऋचा चड्ढा द्वारा दायर किया गया है. पायल ने ट्विटर पर अनुराग के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया था और फिर मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई वही एनसीडबल्यू चेयरपर्सन ने उनसे डिटेल रिपोर्ट की मांग की थी. इसके अलावा ऋचा की मानहानि और उनके अधिकारों के उल्लंघन की शिकायत पर एनसीडबल्यू ने पायल को नोटिस जारी किया था. बता दें कि पायल ने अनुराग के खिलाफ जो बयान दिया है उसमें ऋचा चड्ढा को लेकर भी कुछ बातें कहीं है जिसके बाद ऋचा ने पायल के लिए लीगल एक्शन लेने का फैसला किया है.
पायल ने दावा किया था कि अनुराग कश्यप ने उनसे कहा था कि ऋचा, माही गिल और हुमा कुरैशी जैसी कई एक्ट्रेस उनके साथ इंटिमेट हो चुकी हैं और वह उनसे इसी तरह की उम्मीद कर रहे थे. पायल ने मामले में एनसीडब्ल्यू के नोटिस का जवाब भी दायर किया है. पायल अपने मामले के साथ ही ऋचा के मामले में भी NCW के समक्ष उपस्थित होंगी.
गौरतलब है कि अनुराग को समन भेजने से पहले पायल घोष और उनके वकील सतपुते ने 27 सितंबर को वर्सोवा पुलिस स्टेशन का दौरा किया था. वहां उन्होंने कश्यप के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करने पर भूख हड़ताल पर जाने की धमकी दी थी. इसके बाद पुलिस ने समन जारी किया और कश्यप को थाने बुलाया था और उनके बयान को नोट किया था.
कश्यप की वकील प्रियंका खिमानी ने एक बयान जारी किया था जिसमें कहा गया था, 'कश्यप ने इस बात का दस्तावेजी सबूत दिया है कि अगस्त 2013 में वे अपनी एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में श्रीलंका में थे. कश्यप ने साफ तौर पर इंकार किया है कि इस तरह की कोई भी कथित घटना कभी हुई है और उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से भी इनकार किया है.'
दूसरी तरफ पायल के वकील सतपुते ने कहा कि उन्होंने सभी सबूत दिए हैं जिसमें ये साफ होता है कि कश्यप ने पायल से मुलाकात की थी और उन्हें अपने घर बुलाया. उन्होंने कहा कि इस मीटिंग से संबंधित बातचीत एक सोशल मीडिया साइट पर हुई थी और बातचीत के लिंक पुलिस को प्रदान किए गए हैं. यह तकनीकी साक्ष्य पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है. जब उस डेटा को दोबारा प्राप्त किया जाएगा तो यह पता चलेगा कि दोनों संपर्क में कब आए. वह जो कुछ भी कह रहे हैं, उसके सहारे वे अपना बचाव कर रहे हैं. मुझे हैरानी नहीं है क्योंकि एक आरोपी के रूप में वह इस घटना से इनकार ही करेंगे.