
फिर से एक शुक्रवार आ चुका है और थिएटर्स में एक नई बॉलीवुड फिल्म बड़े पर्दे पर जनता को एंटरटेन करने के लिए तैयार है. राजकुमार राव और ज्योतिका स्टारर 'श्रीकांत' शुक्रवार को सुबह से जनता के सामने होगी. 'श्रीकांत' का ट्रेलर कुछ दिन पहले ही आया था और जनता ने इसे बहुत पसंद किया था.
राजकुमार राव ने 'श्रीकांत' में मशहूर इंडियन इंडस्ट्रियलिस्ट, श्रीकांत बोला का किरदार निभाया है. Bollant इंडस्ट्रीज के फाउंडर श्रीकांत, पहले इंटरनेशनल दृष्टिबाधित स्टूडेंट रहे हैं, जिन्होंने Massachusetts Institute of Technology में पढ़ाई की है. उनकी इंडस्ट्रीज में दृष्टिबाधित और अन्य विशेष क्षमता वाले लोग काम करते हैं. फिल्म के ट्रेलर में राजकुमार ने उनका किरदार इस तरह निभाते नजर आ रहे हैं कि उनकी ये परफॉरमेंस ही फिल्म देखने की एक बड़ी वजह है. मगर अब बात सिर्फ फिल्म के अच्छे होने की नहीं है, क्योंकि 'श्रीकांत' के आने तक असल में थिएटर्स का हाल बहुत डेस्पिरेट हो चुका है.
डेढ़ महीने से सूने पड़े थिएटर्स
बॉलीवुड के भरोसे चलने वाले थिएटर्स का इन दिनों हाल बहुत टेंशन भरा है. वजह ये है कि इन थिएटर्स में आखिरी बॉलीवुड फिल्म, जिसने बॉक्स ऑफिस को थोड़ी हरियाली दिलाई वो मार्च के अंत में आई थी. 29 मार्च को थिएटर्स में रिलीज हुई करीना कपूर, तब्बू और कृति सेनन स्टारर 'क्रू' ने इंडिया में 86 करोड़ रुपये से ज्यादा नेट कलेक्शन किया था. ये फीमेल लीड फिल्म वो आखिरी फिल्म थी जिसने थिएटर्स में ऑडियंस की भीड़ जुटाई.
इसके बाद तो ईद के मौके पर आई 'बड़े मियां छोटे मियां' और 'मैदान' जैसी बड़ी फिल्मों को भी ऑडियंस नहीं मिली. 'लव सेक्स और धोखा 2', 'दो और दो प्यार' और 'रुसलान' जैसी फिल्मों को तो जनता ने पूछा भी नहीं. ये कब आईं और कब थिएटर्स से उतर गईं, जनता में से बहुतों को याद भी नहीं होगा.
क्या 'श्रीकांत' से टूटेगी थिएटर्स की उदासी?
'श्रीकांत' में महत्वपूर्ण किरदार निभाने वाले राजकुमार राव और ज्योतिका बहुत ही दमदार कलाकार हैं. फिल्म में दोनों का काम दमदार नजर आ रहा है. मीडिया के एक बड़े सेक्शन ने इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग देख ली है और इसे शानदार रिव्यूज मिल रहे हैं. राजकुमार राव की 'स्त्री' भी 2018 में एक सरप्राइज हिट बन चुकी है और उनके अच्छे काम को जनता सराहती रही है.
इधर पिछले कुछ समय में '12वीं फेल', 'लापता लेडीज' और 'आर्टिकल 370' जैसी लिमिटेड बजट फिल्मो को सिर्फ इनके कंटेंट की वजह से ऑडियंस से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. यानी ये तो साफ दिखता है कि ऑडियंस में अच्छे कंटेंट की भूख है.
'श्रीकांत' जिस तरह की फिल्म है, उससे इतना तो तय है कि इसकी रिलीज भी लिमिटेड रहेगी. मगर सारा खेल फिल्म के कंटेंट और जनता से मिल रही तारीफों पर डिपेंड करेगा. अगर राजकुमार राव की फिल्म दर्शकों को इम्प्रेस करने में कामयाब होती है, तो यकीनन जनता थिएटर्स में भीड़ लगा देगी. लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो थिएटर्स का सूनापन थोड़ा लंबा चलने वाला है. क्योंकि इसके बाद अब 31 मई को वरुण धवन की 'बेबी जॉन' और राजकुमार की ही जाह्नवी के साथ 'मिस्टर एंड मिसेज माही' से कुछ उम्मीदें की जा सकती हैं.
इन दोनों फिल्मों से अभी तक कोई ऐसा प्रमोशनल मैटेरियल सामने नहीं आया है जो इनके लिए दर्शकों में कोई खास जिज्ञासा जगाता हो. और इन दोनों के बाद सीधा जून के बीच में कार्तिक आर्यन की 'चंदू चैंपियन' एक ऐसी फिल्म है जिससे थिएटर्स का कुछ भला हो सकता है.