
1983 में भारतीय धुरंधरों ने क्रिकेट विश्वकप जीतकर इतिहास रच दिया था. इस कहानी को अब डायरेक्टर कबीर खान ने बड़े ही करीने से पर्दे पर उतारा है. कपिल देव के किरदार में रणवीर सिंह का लुक हर ओर सराहा जा रहा है. फिल्म को भी क्रिटिक्स और ऑडियंस दोनों ने बड़े अच्छे रिस्पॉन्स दिए हैं. लेकिन...जिस 83 से बॉक्स ऑफिस पर चौके-छक्के लगाने की उम्मीद की जा रही थी, वैसा हुआ नहीं. ओमिक्रॉन का पैर पसारना, हॉलीवुड और साउथ की फिल्मों का एक साथ रिलीज होना, सब कुछ 83 पर भारी पड़ता नजर आया. आइए जानें वो पांच वजह जिस कारण 83 कमर्शियल हिट नहीं साबित हो पाई.
सबसे पहले 83 के पहले हफ्ते के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का आंकड़ा देखते हैं. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने फिल्म का जो BO पेश किया, उसके मुताबिक 83 की कमाई में भारी गिरावट दिखी है. शुक्रवार को फिल्म ने 12.64 करोड़ से ओपनिंग की थी. इसके बाद शनिवार को 16.95 करोड़ और रविवार को 17.41 करोड़ का कलेक्शन हुआ था. फिर चौथे दिन सोमवार को फिल्म के इस बॉक्स ऑफिस आंकड़े में 10 करोड़ का अंतर नजर आया. 83 ने चौथे दिन 7.29 करोड़ का कलेक्शन किया है. फिल्म ने चार दिनों में बड़ी मुश्किल से 54.29 करोड़ की कमाई कर हाफ सेंचुरी का कलेक्शन किया है.
इसकी जो पांच मुख्य वजह हैं वो कुछ इस तरह है. पहला फिल्म के गाने. फिल्म में कई गाने हैं जो जोश का समंदर लिए हैं, लेकिन इनमें से कोई भी दर्शकों के दिल को छू नहीं पाया. बल्कि जब फिल्म रिलीज से पहले 'लहरा दो' रिलीज हुआ था, तब भी इसे लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला था. और जैसा कि गाने, बॉलीवुड फिल्मों की जान है, तो 83 की ये एक चूक लोगों को थिएटर तक खींच नहीं पाई.
ओमिक्रॉन का डर, हॉलीवुड-टॉलीवुड का कहर
दूसरा है ओमिक्रॉन जो कि बेहद अहम है. अभी लोगों के मन से कोरोना का डर गया नहीं कि ओमिक्रॉन की दहशत फैल गई है. ये भी एक वजह है जिस कारण लोग थिएटर पर जाकर रिस्क नहीं लेना चाहते हैं. तीसरी वजह सबसे बड़ी है, वो है हॉलीवुड और साउथ की फिल्मों का रिलीज होना. हॉलीवुड मूवी स्पाइडर मैन नो वे होम और साउथ मूवी पुष्पा, 83 से एक हफ्ते पहले रिलीज हुई थी. लोगों पर इन दो फिल्मों का ऐसा नशा छाया कि लोग 83 भूल ही गए. इन दोनों फिल्मों ने 83 को बॉक्स ऑफिस पर काफी पीछे छोड़ दिया और यही अब भी जारी है.
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रणवीर के अलावा बाकी कलाकारों के मेकअप में नहीं वो बात
फिल्म में रणवीर सिंह के मेकअप पर कोई शक नहीं कर सकता है. वे हुबहू कपिल देव जैसे लग रहे हैं, लेकिन फिल्म के दूसरे कास्ट पर इतनी मेहनत नहीं की गई. क्रिकेट प्रेमियों को यह बात खली और दर्शकों ने भी इस बात पर ध्यान दिया. पांचवी वजह की बात करें तो इसमें पब्लिक की दोराय आती है. कई लोग हैं जो 83 को अलग अलग वजहों से फ्लॉप बता रहे हैं.
पब्लिक ने दीपिका पर फोड़ा 83 के फ्लॉप होने का ठिकरा
एक यूजर ने लिखा- 'मूवी इसलिए फेल हुई क्योंकि दीपिका पादुकोण फिल्म का प्रमोशन करने JNU या अफगानिस्तान नहीं गई. कबीर खान को भी फिल्म में एक सीन ऐड करना चाहिए था जिसमें ये दिखाया जाता कि कैसे मुगलों ने इस द्वीप पर क्रिकेट की शुरुआत की.' एक और यूजर ने दीपिका पर फिल्म के फ्लॉप होने का ठिकरा फोड़ा है. लिखा- 'रणवीर सिंह पसंद है, पर फिल्म इसलिए नहीं देखी क्योंकि दीपिका ने #antinationals के साथ घटिया स्टंट किया था. Shame on her.'
एक ने लिखा 'बॉलीवुड ने अपना चार्म खो दिया है...वे सिर्फ रीमेक या बायोपिक बनाते हैं...कौन इस डॉक्यूमेंट्री मूवी 83 को देखने थिएटर जाएगा.' एक यूजर ने फिल्म को सिर्फ क्रिकेट लवर्स के लिए बताया है. लिखते हैं- 'मूवी सिर्फ क्रिकेट के बारे में है तो अगर किसी को क्रिकेट नहीं पसंद है तो वो इसे देखने क्यों जाएगा. और टिकट की कीमत भी बहुत महंगी है.'
जनता ने इस फिल्म को फ्लॉप घोषित करने में कई कारणों की लिस्ट दे दी है. कुछ ने दीपिका को तो कुछ ने क्रिकेट सब्जेक्ट को फिल्म के ना चलने की वजह बता दी है. खैर, कमर्शियली ना सही पर लगभग सभी आलोचकों ने 83 को बेहतरीन मूवी बताई है.