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जब राजकुमार के दोस्त की गर्लफ्रेंड को अनजान शख्स ने कहे अपशब्द, एक्टर ने ले ली उसकी जान

लेजेंडरी एक्टर राज कुमार का स्क्रीन प्रेजेंस एक समय पर काफी शानदार होता था. उनका अंदाज अलग हटके होता था जिसे हर कोई पसंद करता था. लेकिन उनके जीवन में एक ऐसी बात भी थी जिसका पता बहुत कम लोगों को पता है. हाल ही में रजा मुराद उसी का जिक्र करते नजर आए.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST

बॉलीवुड में जब सुपरस्टार एक्टर्स की बात होती है, तब लेजेंडरी एक्टर राज कुमार का नाम सभी की जुबान पर आता है. उनका औरा बाकी सभी एक्टर्स के मुकाबले बहुत शानदार था. उनका अंदाज और स्वैग आज भी लोग याद रखते हैं. वो उनके डायलॉग उन्हीं के अंदाज में बोलते हुए कई बार नजर आते हैं. लेकिन राज कुमार की जिंदगी किसी फिल्म से कम नहीं थी. उनकी लाइफ में कई सारे मोमेंट्स आ चुके हैं जो किसी फिल्मी सीन के बराबर थे. 

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जब राज कुमार को आया था गुस्सा, बुरी तरह कर दी इंसान की पिटाई

हाल ही में न्यूज एजेंसी के एक पॉडकास्ट में एक्टर रजा मुराद ने राज कुमार से जुड़ा चौकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने एक्टर का एक किस्सा सुनाया जिसमें उनके हाथों से एक इंसान की जान चली गई थी. उन्होंने राज कुमार के पुराने दिनों के बारे में बताया, 'एक बार राज साहब जुहू बीच पर अपने दोस्त और उसकी गर्लफ्रेंड के साथ गए थे. वहां किसी ने उनकी दोस्त के लिए अपशब्द कह डाले. तो राज साहब को इतना गुस्सा आ गया कि उन्होंने उस इंसान को पकड़ा और उसे इतना मारा कि उसकी जान चली गई.'

रजा मुराद आगे बताते हैं कि मामला काफी गंभीर हो गया था. इस वाकये के बाद राज कुमार पर एक इंसान की हत्या का केस दर्ज हुआ था. उस दौर में एक्टर की दोस्ती रजा मुराद के पिता से अच्छी थी. राज कुमार जिस भी कोर्ट में जाते थे, रजा मुराद के पिता भी उनके साथ जाते और उन्हें सपोर्ट करते. ये मामला काफी समय तक चला लेकिन कोर्ट ने अंत में राजकुमार को इस केस से बरी कर दिया था. रजा बताते हैं कि राज कुमार अपना जीवन अपने हिसाब से ही जीना पसंद करते थे. वो एक्टिंग में आने से पहले एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर थे.

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कोर्ट में लंबा चला केस, लगा हत्या का आरोप लेकिन फिर हो गए बरी

राज कुमार ने करीब 40 साल तक फिल्मों में लगातार काम किया है. वो पहली बार इंडस्ट्री में 1952 में आए थे. लेकिन उनका करियर बना 1957 में जब उन्होंने फिल्म 'मदर इंडिया' में काम किया. इसके बाद वो 'काला बाजार', 'दिल एक मंदिर', 'पाखीजा', 'वक्त' और 'हमराज' जैसी फिल्मों में नजर आए. लेकिन 69 साल की उम्र में उन्होंने अचानक इस दुनिया को अलविदा कह दिया. उनकी आखिरी फिल्म 'गॉड और गन' भले ही कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई. लेकिन उनका अंदाज हमेशा के लिए लोगों के बीच जिंदा रह गया.

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