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डाउन होता स्टारडम, नई फिल्मों में नहीं दम, साथ छोड़ते फैन्स... क्या फीकी पड़ी बॉलीवुड के 'सिकंदर' की चमक?

90s से बॉलीवुड के लीडिंग सुपरस्टार बने तीनों खान्स में सलमान की फैन फॉलोइंग सबसे दमदार मानी जाती है. इसका सीधा सबूत ये है कि क्रिटिक्स से मिले नेगेटिव रिव्यू और दर्शकों से मिले नेगेटिव वर्ड ऑफ माउथ के बाद भी 'सिकंदर' 3 दिन में 86 करोड़ कमा चुकी है. पर क्या एक सुपरस्टार के लिए ये काफी है?

क्या फीकी पड़ी बॉलीवुड के 'सिकंदर' की चमक? क्या फीकी पड़ी बॉलीवुड के 'सिकंदर' की चमक?
सुबोध मिश्रा
  • नई दिल्ली ,
  • 02 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 6:00 PM IST

सुपरस्टार सलमान खान के फैन्स के लिए ये हफ्ता काफी मुश्किल साबित हो रहा है. हर साल बिना चूके ईद सेलिब्रेट करने के लिए जनता को एक फिल्म देते आ रहे सलमान ने इस साल अपने फैन्स को ईदी की शक्ल में 'सिकंदर' दी है. इस फिल्म को क्रिटिक्स से लेकर जनता तक, कहीं से भी बहहुत पॉजिटिव रिस्पॉन्स नहीं मिला.

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इससे पहले सलमान की आखिरी ईद रिलीज 'किसी का भाई किसी की जान' थी. 'सिकंदर' की कमाई, 'किसी का भाई किसी की जान' के मुकाबले तो अच्छी नजर आ रही है. लेकिन सलमान की लेटेस्ट फिल्म को लेकर आम दर्शक और उनके फैन्स भी जिस तरह से निराश हैं, वो एक दिल तोड़ देने वाली चीज है. 

'सिकंदर' में सलमान खान (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

90s से बॉलीवुड के लीडिंग सुपरस्टार बने तीनों खान्स (आमिर, सलमान और शाहरुख) में सलमान की फैन फॉलोइंग सबसे दमदार मानी जाती है. इसका सीधा सबूत ये है कि क्रिटिक से मिले नेगेटिव रिव्यू और दर्शकों से मिले नेगेटिव वर्ड ऑफ माउथ के बाद भी 'सिकंदर' 3 दिन में 86 करोड़ कमा चुकी है. मगर 'टाइगर जिंदा है' (2017) के बाद से सलमान का करियर बॉलीवुड फैन्स के लिए एक चिंताजनक तस्वीर पेश करता है, जिसमें उनके सुपरस्टार की चमक फीकी पड़ती नजर आ रही है. आइए बताते हैं कैसे...

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पुराने स्वैग पर टिका स्टारडम
2017 सलमान के स्टारडम का एक लैंडमार्क साल है. इस साल उनकी फिल्म 'ट्यूबलाइट' भले ऑडियंस की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. लेकिन इसी साल सलमान की 'टाइगर जिंदा है' ने थिएटर्स में जमकर भीड़ जुटाई. ऑलमोस्ट 340 करोड़ कमाने वाली इस फिल्म की वजह से सलमान खान आज भी, 300 करोड़ से ज्यादा कमाऊ फिल्में देने वाले टॉप स्टार हैं. 'टाइगर जिंदा है' से पहले उनकी फिल्मों 'सुल्तान' (2016) और 'बजरंगी भाईजान' (2015) ने भी 300 करोड़ नेट कलेक्शन का आंकड़ा पार किया था. 

300 करोड़ क्लब की शुरुआत आमिर खान की फिल्म 'पीके' (2014) से हुई थी. लेकिन 3 ही सालों में सलमान इसमें टॉप पर पहुंच गए. जबकि शाहरुख ने तबतक इस क्लब में एंट्री भी नहीं की थी. ये सलमान के सुपरस्टारडम का असली पीक था. मगर इसके बाद उन्होंने जो फिल्में कीं उनमें कुछ भी नया, कुछ अनोखा और एक्साइटिंग नहीं था. 

2017 के बाद सलमान ज्यादातर अपनी पुरानी फिल्मों के सीक्वल में नजर आए हैं. खुद 'टाइगर जिंदा है' तो एक सीक्वल थी ही, इसके बाद वो 'दबंग 3', 'रेस 3' और 'टाइगर 3' में नजर आ चुके हैं. यहां तक कि उनकी एक नई फिल्म 'राधे' भी, 2009 की उनकी ब्लॉकबस्टर 'वांटेड' की नींव पर टिकी थी. इस फिल्म के बारे में लोगों की राय देखकर लगता है कि अच्छा हुआ जो ये फिल्म लॉकडाउन के दौर में ओटीटी पर आई, थिएटर्स में नहीं.

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बिना फ्रैंचाइजी वाली नई फिल्मों का भी ठंडा हाल
2017 के बाद सलमान की फ्रेश फिल्में हैं 'भारत', 'किसी का भाई किसी की जान' और 'सिकंदर'. ये सभी बॉक्स ऑफिस को साधने वाले एक फॉर्मूला पर बनी हुई लगती हैं- सलमान का किरदार शुरू से ही सुपरमैन जैसा हो, थोड़ा रोमांस ही, थोड़ी देशभक्ति हो, समाज सेवा हो, थोड़ा पर्सनल या पारिवारिक मैटर हो, थोड़ा एक्शन हो और उनके डांस वाला एक गाना जरूर हो. यानी वो सारी चीजें जो उनकी पिछली फिल्मों में पसंद की गई हैं, कहानी को उसी हिसाब से 'डिजाईन' किया गया. 

मगर ये दर्शकों की चॉइस बदलने का दौर है और तमाम एक्टर्स की ये फॉर्मूलेबाजी जनता दूर से ही सूंघ लेती है. नतीजा- 2017 के बाद सलमान की एक भी फिल्म 300 करोड़ नहीं कमा सकी है. बल्कि पिछले 8 सालों में उनकी सबसे कमाऊ फिल्म, 285 करोड़ कमाने वाली 'टाइगर 3' है, जिसका कलेक्शन इस सीरीज की ही पिछली फिल्म 'टाइगर जिंदा है' से कम है! 2017 के बाद से उनकी किसी भी फिल्म का लीडिंग किरदार इस तरह नहीं पॉपुलर हुआ है जैसे 'बजरंगी भाईजान' का बजरंगी, 'दबंग' का चुलबुल पांडे, 'किक' का डेविल और वांटेड का राधे. बल्कि अब हर फिल्म में सलमान अपना ही एक वर्जन लगते हैं. उनके किरदार का नाम रखना भी एक जबरदस्ती की फॉर्मेलिटी लगती है. 

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ओवर एक्सपोजर का भी शिकार
एक तरफ तो सलमान स्क्रीन पर सिर्फ एक जैसे किरदारों में नजर आने लगे. दूसरी तरफ वो दूसरे स्टार्स की फिल्मों में अपने ही पुराने पॉपुलर किरदारों और इमेज में जमकर कैमियो करते नजर आए. 2017 के बाद से सलमान ने बतौर लीड हीरो 8 फिल्में की हैं और अपने जीजा, आयुष शर्मा की फिल्म 'अंतिम' में नजर आ चुके हैं. इसमें उनका किरदार था तो सपोर्टिंग, मगर उसका जलवा लीड हीरो से कम नहीं था. 

आजतक इस बात पर मतभेद हैं कि 'अंतिम' को सलमान की अपनी फिल्मों में गिना जाना चाहिए या कैमियो में. लेकिन इसे न भी गिनें तो सलमान 2017 के बाद 10 फिल्मों में कैमियो करते नजर आ चुके हैं. उनकी अपनी फिल्में हों या दूसरों की फिल्मों में कैमियो, वो हमेशा सबके ठीक कर देने वाले-मजलूमों के मसीहा के रोल में ही नजर आते हैं. यानी बड़े पर्दे पर सलमान हमेशा एक जैसे अवतार में विराजमान मिलते हैं. ऊपर से उनसे जुड़े विवाद और बिश्नोई गैंग वाले मामले ने उन्हें लगातार खबरों में भी बना रखा है. हर तरफ सलमान का इस तरह नजर आते रहना भी उनकी फिल्मों के लिए एक परेशानी का सबब बन रहा है. 

अटकते नए प्रोजेक्ट्स 
एक तरफ तो सलमान हर बार एक ही अंदाज, एक ही तरह की प्रेजेंटेशन और किरदार में नजर आते रहे. दूसरी तरफ उनके ऐसे प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हुए जिनमें उनके कुछ अलग तरह से नजर आने की उम्मीद थी. करण जौहर के प्रोडक्शन में बन रही 'द बुल' में सलमान एक आर्मी ऑफिसर बनने वाले थे. संजय लीला भंसाली के साथ वो 30 साल बाद काम करने वाले थे और रोमांटिक कहानी 'इंशाल्लाह' में नजर आने वाले थे. 

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हाल ही में 'जवान' डायरेक्टर एटली के साथ उनका कोलेबोरेशन खूब चर्चा में था, मगर सलमान ने कन्फर्म कर दिया है कि ये प्रोजेक्ट अभी नहीं बन रहा. उधर साजिद नाडियाडवाला, सलमान के साथ 'किक 2' की बात काफी पहले से कर रहे हैं मगर ये फिल्म अभी तक शुरू भी नहीं हो पाई है. इससे पहले ही नाडियाडवाला और सलमान की 'सिकंदर' का हाल चिंताजनक बना हुआ है. सलमान के सभी आने वाले एक्साइटिंग प्रोजेक्ट लगभग एक ही तरीके से बंद होने लगे. ऐसे में ऑडियंस को सलमान से कनेक्ट करने की कोई नई वजह भी नहीं मिल रही. और पुरानी वजह इतनी बार दोहराई जा चुकी है कि अब शायद उसमें मजा नहीं रहा. 

लॉकडाउन से पहले शाहरुख खान का भी बॉक्स-ऑफिस पर बुरा हाल था. उनके जानदार कमबैक की वजह रही उनका एकदम अलग अवतार जो बैक टू बैक 'पठान' और 'जवान' में नजर आया. इसी तरह 'एनिमल' के चलने की भी यही वजह है कि लोगों को कहानी में इंटरेस्ट आया और रणबीर ने फिल्म में अपने रूटीन किरदारों से बहुत अलग हटकर किरदार निभाया. मगर सलमान अपनी अप्रोच में एक ही पैटर्न पर चलते हुए, बोलते हुए, एक्शन करते हुए नजर आने लगे हैं. 'सिकंदर' देखते हुए तो ऐसा लगा जैसे एक्टिंग में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है. उनके मूवमेंट स्लो दिखने लगे हैं और उनकी डायलॉग डिलीवरी में भी मेहनत नहीं झलकती, हर डायलॉग वो एक जैसे अंदाज में बोलते हैं.  

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'सिकंदर' में तो कहानी के नाम पर जनता को कुछ भी ऐसा नहीं मिला जो उनका ध्यान बांधे रख सके. यही वजह है कि अब सोशल मीडिया पर सलमान के ही फैन क्लब उनकी इस फिल्म से नाराजगी जाहिर करने लगे हैं. जबकि सलमान के फैन्स इंडस्ट्री में सबसे वफादार माने जाते थे. अब सलमान को चाहिए कि वो ठहरकर एक नए अंदाज में आने की तैयारी करें और फैन्स को सरप्राइज कर दें और कम से कम कैमियो से तो दूर ही रहें. 

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