Advertisement

जब पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर शिवसेना से भिड़ गया था पूरा बॉलीवुड!

ये साल था 2015 और विवाद था पाकिस्तानी कलाकालों का बॉलीवुड में काम करना. उस साल फवाद खान की फिल्म कपूर एंड सन्स और माहिरा खान की फिल्म हैपी भाग जाएगी सुर्खियों मे थी. फिल्म अपने कंटेट की वजह से कम और इन दो पाकिस्तानी सितारों की वजह से खबरों में बनी हुई थी.

फवाद खान फवाद खान
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:57 PM IST

एक्ट्रेस कंगना रनौत ने जब से शिवसेना के खिलाफ आवाज उठाई है, वे सुर्खियों में आ गई हैं. जिस पार्टी का एक मुख्यमंत्री हो, उसी के खिलाफ लगातार बोलने के लिए हिम्मत चाहिए. कंगना रनौत ने वो हिम्मत दिखाई है और अपने हक के लिए वे किसी से भी लड़ने को तैयार दिखाई दे रही हैं. लेकिन कंगना से पहले एक मौका ऐसा भी था जब पूरा बॉलीवुड शिवसेना के खिलाफ खड़ा हो गया था. कई सेलेब्स ने पार्टी को उसकी विचारधारा की वजह से घेरने की कोशिश की थी.

Advertisement

2015 में बॉलीवुड बनाम शिवसेना

ये साल था 2015 और विवाद था पाकिस्तानी कलाकालों का बॉलीवुड में काम करना. उस साल फवाद खान की फिल्म कपूर एंड सन्स और माहिरा खान की एक रिलीज होने जा रही थी. फिल्म अपने कंटेट की वजह से कम और इन दो पाकिस्तानी सितारों की वजह से खबरों में बनी हुई थी. शिवसेना ने इन दोनों फिल्म और इन कलाकारों का जमकर विरोध किया था. फवाद और माहिरा को बैन करने की मांग उठा दी गई थी. कई शिवसेना के नेताओं ने इस मुद्दे पर जमकर बयाबाजी भी की.

लेकिन उस दौरान पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री इन दो पाकिस्तानी सितारों संग खड़ी नजर आई. हर किसी ने शिवसेना के स्टैंड को असहिष्णुता का प्रतीक माना और उन से सिनेमा पर राजनीति ना करने की गुजारिश की. बॉलीवुड का डायरेक्टर वाला तबका तो इस विवाद में काफी सक्रिय हो गया था. कई निर्देशकों ने खुलकर शिवसेना की निंदा की थी. उस लिस्ट में महेश भट्ट, आनंद एल राय, शशांक घोष जैसे कई डायरेक्टर शामिल थे. 

Advertisement

बॉलीवुड ने लगाई शिवसेना को फटकार

उस दौरान आनंद एल राय ने कहा था- कला के अंदर राजनीति ना मिलाई जाए. क्रिएटिव लोगों का सम्मान होना चाहिए, हमे दूसरे देशों की तरह बिहेव नहीं करना चाहिए. डायरेक्टर महेश भट्ट ने भी रिएक्ट करते हुए कहा था- फिल्मों को बनाने में काफी समय जाता है, लेकिन जब कुछ लोगों की वजह से एडजस्ट करना पड़ता है, तो कई लोगों पर इसका प्रभाव पड़ता है. हाथ जोड़कर कहता हूं, ऐसा ना करें. वहीं विक्रम भट्ट ने भी शिवसेना से पूछा था कि सरकार को वोट किस काम के लिए दिया जाता है.

ये वो समय था जब शिवसेना तो अपनी मांग पर अड़ी रही, लेकिन बॉलीवुड भी अपनी मांग पर मजबूती से खड़ा रहा. नतीजा ये रहा कि कपूर एंड सन्स हिट भी साबित हुईं और फवाद की एक्टिंग को भी पसंद किया गया.
 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement