
एक्टर सोनू सूद ने कोरोना काल में सभी की काफी मदद की थी. प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने से लेकर बेरोजगारों को रोजगार देने तक, सोनू ने कई लोगों की जिंदगी बदली है. उन्होंने काम के बलबूते सभी के दिल में ऐसी जगह बना ली है कि अब सभी उन्हें एक मसीहा कहने लगे हैं. लेकिन खुद सोनू अपने आप को एक मसीहा नहीं मानते हैं. वे तो खुद को सिर्फ एक आम इंसान के रूप में देखते हैं.
सोनू सूद ने लिखी किताब
अब लोगों को भी यहीं समझाने के लिए सोनू ने एक किताब लिख दी है. एक्टर ने लॉकडाउन के दौरान एक किताब लिखी है- आई एम नो मसीहा. उस किताब के बारे में एक्टर ने सोशल मीडिया पर बताया है. एक्टर लिखते हैं- मुझे बहुत खुशी है कि मेरी किताब आई एम नो मसीहा दिसंबर में लॉन्च हो रही है. ये मेरी जिंदगी की कहानी है, जैसे हजारों प्रवासी मजदूरों की है. सोनू ने सभी से अपील की है कि वे उनकी इस किताब को पढ़ें. अब किताब के नाम को देख ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि ये किताब सोनू सूद के संघर्षों पर आधारित है. वहीं किताब में सोनू ये भी बताने जा रहे हैं कि प्रवासी मजदूरों की मदद कर उनकी जिंदगी कैसे बदल गई.
वैसे कोरोना काल में सोनू सूद के काम को देख करोड़ों लोग प्रेरित हुए हैं, ऐसे में अब वे सभी एक्टर की ये किताब पढ़ने को बेताब हैं. अगर कुछ ही समय में उनकी ये किताब बेस्टसेलर भी बन जाए तो हैरानी नहीं होनी चाहिए. एक्टर ने अपने काम के बलबूते अब इतनी लोकप्रियता तो हासिल कर ही ली है. अब कहने को एक्टर काफी फेमस हो चुके हैं, लेकिन उनका जमीन से जुड़ाव अभी भी देखने को मिल जाता है. वे अभी भी सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक मदद पहुंचा रहे हैं. वे अभी भी गरीबों के आंसू पहुंच रहे हैं. ऐसे में एक्टर का भविष्य में भी दिल जीतने का काम जारी रहने वाला है.