
हिंदी सिनेमा में स्वर कोकिला के नाम से मशहूर लता मंगेशकर की खूबसूरत आवाज और गायकी का हर कोई दीवाना है. लता मंगेशकर ने कई ऐसे सदाबहार गाने गाए थे, जिन्हें कोई एक बार सुन ले, तो उन्हें बार-बार सुनना चाहेगा. लता मंगेशकर की आवाज का जादू आज तक लोगों के सिर चढ़कर बोलता है. सिंगर का 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन की खबर से दुनियाभर के संगीतप्रेमियों में शोक की लहर है.
जब अफवाह उड़ी लता मुसलमानों के साथ गाना नहीं गाती हैं
लता मंगेशकर ने अपने सफल करियर में कई दिग्गज गायकों और म्यूजिशियन के साथ काम किया था. लेकिन एक समय में लता मंगेशकर को लेकर ऐसी अफवाह थी कि वो मुसलमानों के साथ गाना नहीं गाती हैं. हालांकि, यह अफवाह बाद में पूरी तरह से गलत साबित हुई थी.
लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दें
रिपोर्ट्स थीं कि साठ के दशक में लता मंगेशकर और उस समय के फेमस प्लेबैक सिंगर तलत महमूद को एक साथ डुएट सॉन्ग की रिकॉर्डिंग करने का ऑफर मिला था. लेकिन फिर कुछ वजहों से वो गाना रिकॉर्ड नहीं हो पाया था. इसके बाद ऐसी अफवाह फैली थी कि लता मंगेशकर ने गाना गाने से इसलिए इनकार कर दिया, क्योंकि वो किसी मुसलमान सिंगर के साथ गाना नहीं चाहती थीं. तलत महमूद ने इस अफवाह पर यकीन भी कर लिया था.
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लता मंगेशकर ने तलत महमूद से कही थी ये बात
लेकिन अच्छी बात यह रही कि लता मंगेशकर और तलत महमूद के बीच की यह बड़ी गलतफहमी सही वक्त पर दूर हो गई थी. रिपोर्ट्स की मानें तो जब दोनों मिले तो लता मंगेशकर ने इस बारे में तलत महमूद से पूछा था, "आपने इस तरह की घटिया कहानी पर कैसे यकीन कर लिया? आप ये नहीं जानते कि रफी साहब, नौशाद साहब भी मुसलमान हैं? मैं हमेशा उनके साथ काम करती हूं. मैं यूसुफ भाई (दिलीप कुमार) को राखी बांधती हूं. आप ये भी भूल गए कि मैंने अमन अली और अमानत खान साहब की शागिर्द के तौर पर सीखना शुरू किया था. वो दोनों भी मुसलमान थे." इसके बाद तलत महमूद की गलतफहमी दूर हो गई थी.