
बॉलीवुड में रोमांटिक फिल्मों के लिए एक अलग जगह है. ऐसी फिल्मों का चलन तो हिंदी सिनेमा में कई दशक से चल रहा है. कई खूबसूरत प्रेम कहानियों को बड़े पर्दे पर जीवित किया गया है. लेकिन बॉलीवुड को एक ऐसे डायरेक्टर भी मिले थे जिन्होंने ना सिर्फ रोमांस की परिभाषा बदल दी बल्कि फिल्मों को दिखाने का नजरिया भी हमेशा के लिए बदल दिया. हम बात कर रहे हैं दिग्गज फिल्म डायरेक्टर यश चोपड़ा की. यश चोपड़ा ने अपनी जिंदगी में कई फिल्में डायरेक्ट की थीं. उनका काम उनकी पहचान बना और उन्हें वो शोहरत दिला गया कि उनके अलविदा कह देने के बाद भी वे सभी के दिल में हमेशा जिंदा रहे.
यश चोपड़ा ने बदला शाहरुख का करियर
यश चोपड़ा के करियर को दो तरीकों से देखा जा सकता है. एक तो हम कह सकते हैं कि उन्होंने बॉलीवुड को टॉप रोमांटिक फिल्में दी हैं, वहीं दूसरा पहलू ये है कि उन्होंने बॉलीवुड को उसके किंग ऑफ रोमांस से मिलवाया था. जी हां हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की जिन्होंने अपने करियर में कई फिल्में यश चोपड़ा संग की थीं. उन्हीं की बदौलत उन्हें किंग ऑफ रोमांस का तमगा मिला था. खुद शाहरुख ने कई इंटरव्यू में अपनी सफलता का श्रेय यश चोपड़ा को दिया है.
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि शाहरुख खान तो कभी रोमांटिक फिल्म करना ही नहीं चाहते थे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत यश चोपड़ा की फिल्म डर से की थी. अब ऐसी फिल्म में काम करने वाले शाहरुख को लगता था कि वे सिर्फ डार्क और विलेन वाले रोल ही कर सकते हैं. वे खुद को ज्यादा हैंडसम भी नहीं मानते थे. लेकिन तब यश चोपड़ा ने शाहरुख को कहा था- अगर स्क्रीन लवर बॉय नहीं बने, अगर तुमने रोमांटिक फिल्में नहीं की, तो तुम्हारा करियर कही नहीं जाएगा. अब शाहरुख, यश चोपड़ा को बहुत मानते थे. ऐसे में उन्होंने सिर्फ उनके कहने के बाद अपने करियर की दिशा बदल डाली. इसके बाद तो शाहरुख ने दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे, दिल तो पागल है, मोहब्बतें, वीर जारा जैसी कई लाजवाब फिल्मों में काम किया. इन फिल्मों की खासियत ये रहीं कि ये सभी यश राज बैनर के तले बनी थीं. वहीं दिल तो पागल है और वीर जारा का तो निर्देशन भी यश चोपड़ा ने ही किया था.
कई फिल्मों में किया काम
किस्मत देखिए जिसे शाहरुख खान ने यश चोपड़ा कोअपना गुरू माना था, उनके साथ उन्होंने उनकी आखिरी फिल्म भी की थी. हम बात कर रहे हैं जब तक है जान की. ये यश चोपड़ा की आखिरी फिल्म थी,वहीं शाहरुख संग भी उनका आखिरी प्रोजेक्ट. उस फिल्म में यश चोपड़ा का भी जादू देखने को मिला था और किंग ऑफ रोमांस ने भी उनके काम के साथ न्याय किया था. अब जब यश चोपड़ा हमारे बीच नहीं हैं, तब उनकी शख्सियत को भी याद किया जाता है और शाहरुख संग उनकी उस अटूट जोड़ी को भी.