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Kisi Ka Bhai Kisi Ki Jaan Review: डायरेक्टर-सुपरस्टार नहीं बल्कि एक्शन डायरेक्टर की ये फिल्म

सलमान खान स्टारर फिल्म किसी का भाई किसी की जान में आपको साउथ और बॉलीवुड फिल्मों का जबरदस्त तड़का मिलेगा. फिल्म में धुंआदार एक्शन करते सलमान सरप्राइज करते हैं.

किसी का भाई किसी की जान पोस्टर किसी का भाई किसी की जान पोस्टर
नेहा वर्मा
  • ,
  • 21 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 10:12 PM IST
फिल्म:किसी का भाई किसी की जान
2.5/5
  • कलाकार : सलमान खान, डग्गूबती वेकेंटेशन, पूजा हेगड़े, शहनाज गिल, राघव जुयाल, जस्सी गिल, पलक तिवारी, जगपत्ती बाबू, सिद्धार्थ निगम
  • निर्देशक :फरहाद सामजी

इस ईद के खास मौके पर सुपरस्टार सलमान खान फैंस के लिए अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म किसी का भाई किसी की जान की सौगात लेकर आए हैं. एक्शन से पावरपैक्ड यह फिल्म वाकई में दर्शकों के लिए ट्रीट है. जानने के लिए पढ़ें ये रिव्यू.

कहानी 
दिल्ली का रहने वाला भाईजान(सलमान खान) अपने मुहल्ले का मसीहा है. उस एरिया के विधायक (विजेंद्र सिंह) को इस बात की खीझ है कि उसका पावर वहां नहीं चल पाता है और वहां की जमीन को हथिया पाने में नाकामयाब है. वहीं दूसरी ओर भाईजान अपने तीन भाई लव(सिद्धार्थ ), इश्क (राघव जुयल) और मोह (जस्सी गिल) पर जान छिड़कता है. उसे शादी से ऐतराज है क्योंकि उसका मानना है कि जिंदगी में लड़की की एंट्री भाईयों में मतभेद पैदा करती हैं. जबकि उनके भाईयों की जिंदगी में पहले से ही लड़कियां मौजूद हैं. ये तीनों तब ही शादी कर सकते हैं, जब उनका भाईजान किसी के प्यार में पड़े. यहीं उनका सामना भाग्यलक्ष्मी (पूजा हेगड़े) से होता है और तीनों भाई अपने बड़े भाई की सेटिंग भिड़ाने में लग जाते हैं. साउथ इंडियन भाग्यलक्ष्मी का परिवास हिंसा के खिलाफ है. भाईजान अपनी असलियत छिपाकर भाग्यलक्ष्मी के भाई (वेंकटेशन) और उनके परिवार से मिलता है. यहां से कहानी पर आता है नया मोड़, जहां भाग्यलक्ष्मी के परिवार में कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं, जिससे निपटने के लिए भाईजान को अपनी असलियत दिखानी पड़ती है. अब क्या भाग्यलक्ष्मी का परिवार भाईजान को एक्सेप्ट कर पाता है? भाग्यलक्ष्मी के परिवार का क्या राज है? ये सब जानने के लिए आपको थिएटर की ओर रुख करना पडे़गा. 

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डायरेक्शन 
हाउसफुल 4, बच्चन पांडे जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके फरहाद सामजी अपनी नई फिल्म 'किसी का भाई किसी की जान' लेकर आए हैं. साउथ की पॉप्युलर फिल्म 'वीरम' की ऑफिश‍ियल रीमेक पर बनी इस फिल्म में फरहाद का काम औसत से कम लगता है. बल्कि पूरी फिल्म देखने के दौरान यह साफ पता चलता है कि एक डायरेक्टर के विजन को सुपरस्टार ने ओवरशैडो कर लिया है. खैर, फिल्म कहानी के मामले में बेहद कमजोर है. स्क्रीनप्ले इतना एवरेज है कि साउथ और नॉर्थ की जुगलबंदी, भव्य सेट और दो फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सुपरस्टार्स भी इसको बचाने में असमर्थ नजर आते हैं. फिल्म केवल अपने लार्जर दैन लाइफ फीलिंग तक ही सिमट कर रह जाती है.

कमजोर स्क्रीनप्ले ने सारे प्रयासों पर फेर दिया पानी

डायलॉग्स और इमोशन इतने सतही हैं कि कई बार आपकी हंसी छूटती है और कई बार खीझ बढ़ती है कि दर्शकों को कैसे इतना टेकन फॉर ग्रांटेड ले सकते हैं? एक बेहतरीन पैकेजिंग के साथ परोसी गई फिल्म सुनहरे परदे पर निराश करती है. मजेदार बात यह है कि इन दिनों सोशल मीडिया पर चल रहे साउथ और बॉलीवुड के टशन को भी इनकैशन करने की पूरी शिद्दत से कोशिश की गई है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले ने सारे प्रयासों पर पानी फेर दिया है. फरहाद को अपने डायरेक्शन पर आत्ममंथन की अदद जरूरत है. खैर पहले हाफ में फिल्म बॉलीवुड की फिल्मों का फ्लेवर देती है और इंटरवल के बाद साउथ का तड़का लगता है और क्लाइमैक्स में इन दोनों को ब्लेंड कर कहानी को खत्म किया जाता है. यह एक अच्छा कॉन्सेप्ट हो सकता था.

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सलमान और पूजा की जोड़ी बिलकुल भी फिट नहीं

शुरूआत से ही फिल्म में ओवर ड्रामा, बेतुके डायलॉग्स और जबरस्ती ठूंसी हुई लव स्टोरी की वजह से आपका मन स्क्रीन पर कम अपने मोबाइल पर ज्यादा लगता है. हालांकि सलमान की जो एंट्री रही है, वो मसाला फिल्म पसंद करने वालों को अच्छी लगेगी. हवा में उड़कर जैकेट पहनते सलमान का स्वैग ऑन टॉप है. वहीं दूसरी ओर सलमान और पूजा की केमिस्ट्री बिलकुल भी फिट नहीं लगती है. खासकर सलमान के चेहरे पर किया गया वीएफएक्स देखकर आप समझ जाते हैं कि टेक्निक के सहारे से उनकी उम्र को बीस साल कम करने की कोशिश की गई है. हां सेकेंड हाफ के दौरान बस क्लाइमैक्स के 20 मिनट में बड़ा मजा आता है. दरअसल फिल्म का आखिरी कुछ मिनट ही मसाला फिल्म पसंद करने वालों के लिए सिनेमैटिक ट्रीट है. 


टेक्निकल ऐंड म्यूजिक 
इस फिल्म का मजबूत पक्ष इसकी भव्यता और प्रॉडक्शन वर्क है. वहीं फिल्म का एक्शन आइस ऑन द केक वाली फीलिंग देता है. पूरी फिल्म देखने के दौरान आप इसे एक बेहतरीन तरीके से कोरियोग्राफ किया गया एक्शन फिल्म का टैग दे सकते हैं. एक्शन डायरेक्टर इरफान खान का जबरदस्त काम रहा. कभी हवा में उड़ते सलमान, तो कभी मेट्रो ट्रेन में अपनी लंबी जुल्फों से लड़ते भाईजान, हर एक फाइट सीक्वेंस परफेक्ट लगता है. खासकर जब वेकंटेश अपने एक्शन अवतार में आते हैं, तो आपका मन तालियां और सीटी बजाने को जरूर करता है. पांच मिनट से भी कम के एक्शन सीक्वेंस में वो पूरी अटेंशन ले जाते हैं. इस मामले में सलमान की दाद देनी होगी, क्योंकि वे एक्टर के तौर पर खुद को बहुत सिक्यॉर मानते हैं और किसी पर हावी नहीं होते हैं. पूरी एक्शन टीम का काम कमाल का रहा है.फैंस सलमान के अब तक के बेस्ट एक्शन सीक्वेंस इसमें देखेंगे.

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सिनेमैटोग्राफर ने फिल्म के लार्जर दैन लाइफ वाली फीलिंग का पूरी तरह से ख्याल रखा है. स्क्रीन पर फिल्म बेहद भव्य और खूबसूरत लगती है. ड्रैग्ड लव सीन्स को अगर एडिट कर दिया जाता, तो फिल्म का मिजाज कुछ और होता. म्यूजिक पर सलमान का इनवॉल्वमेंट हद से ज्यादा रहा, लेकिन स्क्रीन पर वो कहानी की रफ्तार पर खलल डालते नजर आते हैं. हालांकि इतना एफर्ट डालने के बावजूद म्यूजिक का असर शायद ही फैंस के जेहन पर लंबे समय तक रहे.


सतीश कौशिक और विलेन बाजी मार गए 
फिल्म की कास्टिंग भी बड़े पैमाने पर की गई है. साउथ और बॉलीवुड का मिश्रण कमाल का रहा. इंडस्ट्री में इतना लंबा समय गुजार चुके सलमान खान आज भी स्क्रीन पर इमोशनल सीन्स को इमोट कर पाने में असहज ही पाए जाते हैं. स्क्रीन पर उनका रोना आपको कहीं से भी इमोशनल तो नहीं करता है बल्कि हास्यस्पद लगता है. पूजा हेगड़े ने काम डिसेंट किया है. सलमान संग उनकी जोड़ी बहुत बेमेल रही. बिलकुल भी केमिस्ट्री नजर नहीं आती है. पूजा के बजाए फिल्म में करीना की पेयरिंग परफेक्ट होती.

शहनाज गिल, विनाली भटनागर, पलक तिवारी का डेब्यू बेशक था लेकिन स्क्रीनस्पेस इतना नहीं मिल पाता है कि वे अपने टैलेंट को अच्छे से शोकेस कर सकें. राघव, जस्सी और सिद्धार्थ छोटे भाई के रूप में नैचुरल लगे हैं. सबसे बेहतरीन काम दिवंगत सतीश कौशिक का रहा, वे जब-जब स्क्रीन पर आए हैं, उन्होंने मैजिक किया है. वेंकटेश का किरदार इमोशनल भाई का है लेकिन फिल्म में एंग्री मैन में रूप में वो ज्यादा लुभाते हैं. भूमिका चावला फिल्म में कोई कमाल करतीं नजर नहीं आती हैं. विलेन के रूप में नजर आए विजेंद्र सिंह स्क्रीन पर दिखते स्टाइलिश हैं लेकिन डायलॉग डिलीवरी में उनकी असहजता साफ झलकती है. जगपति बाबू विलेन के रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज करा जाते हैं. 

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क्यों देखें 
एक बेहतरीन एक्शन के लिए फिल्म देखी जा सकती है. इसके अलावा एक साफ सुथरी फैमिली एंटरटेनमेंट के रूप में भी इसे एक मौका दे सकते हैं. सलमान खान के फैंस के लिए यह ट्रीट है. अपने भाईजान को यूं पावरपैक्ड एक्शन करता देख फैंस जरूर सीटियां बजाएंगे. ओवरऑल ईद का मौका है, फैमिली के साथ जाकर इस फिल्म के साथ फेस्टिवल का लुत्फ उठाएं. 


 

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