Advertisement

जनता से टूटता कनेक्शन, बोर करती कहानियां, नए कैप्टन अमेरिका का स्ट्रगल... इंडिया में बुरा है MCU का हाल

'अवेंजर्स: एंड गेम' के बाद नया कैप्टन अमेरिका तैयार है और अपनी पहली फिल्म 'कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड' (Captain America: Brave New World) के साथ बीते शुक्रवार को थिएटर्स में पहुंच चुका है. मगर इस फिल्म का जो हाल है वो कहीं से भी MCU के उस क्रेज के लेवल पर नहीं है, जो लॉकडाउन से पहले थिएटर्स में दिखता था.

'कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड' पोस्टर 'कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड' पोस्टर
सुबोध मिश्रा
  • नई दिल्ली ,
  • 17 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 5:00 PM IST

दुनिया भर में सुपरहीरो फिल्मों के फैन्स के लिए 2019 एक लैंडमार्क साल था. हॉलीवुड फिल्म 'अवेंजर्स: एंड गेम' के लिए दुनिया भर में ऐसा क्रेज था कि एक सुपरहीरो फिल्म, जिसे दुनिया के कई टॉप डायरेक्टर्स 'सिनेमा' मानने तक से इनकार करते हैं, दुनिया की दूसरी सबसे कमाऊ फिल्म बन गई थी. 

पिछले कई सालों से फिल्म दर फिल्म, मार्वल सिनेमेटिक यूनिवर्स (MCU) ने फैन्स में वो क्रेज तैयार किया था जिसका पीक थिएटर्स में 'अवेंजर्स: एंड गेम' के दौरान देखने को मिला. भारत की बात करें तो इस फिल्म के आने से पहले शायद ही किसी ने सोचा होगा कि देश के थिएटर्स किसी फिल्म के लिए 24 घंटे खुल सकते हैं. कितने ही लोगों ने 'अवेंजर्स: एंड गेम' के लिए पहली और आखिरी बार रात में 2-3 बजे के शोज देखे. मगर ये फिल्म MCU फैन्स के लिए एक उदासी भरा मोड़ भी लेकर आई थी.

Advertisement

'अवेंजर्स: एंड गेम' में जनता ने अपने फेवरेट सुपरहीरोज में से एक आयरनमैन को मरते देखा और एक और सुपरहीरो आइकॉन कैप्टन अमेरिका ने रिटायरमेंट अनाउंस कर दी. कैप्टन ने गायब होने से पहले अमेरिका का शक्तिशाली प्रतीक माने जाने वाली आपनी शील्ड, अपने साथी सुपरहीरो सैम विल्सन उर्फ फाल्कन (एक्टर एंथनी मैकी) को सौंप दी थी. 

'अवेंजर्स: एंड गेम' में शील्ड हैंडओवर का सीन (क्रेडिट: सोशल मीडिया)

सैम को इस शील्ड और कैप्टन अमेरिका टाइटल के लिए खुद को काबिल साबित करने में थोड़ा वक्त लगा. लेकिन फाइनली अब नया कैप्टन अमेरिका तैयार है और अपनी पहली फिल्म 'कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड' (Captain America: Brave New World) के साथ बीते शुक्रवार को दुनिया भर के साथ-साथ भारत के थिएटर्स में भी पहुंच चुका है. मगर इस फिल्म का जो हाल है वो कहीं से भी MCU के उस क्रेज के लेवल पर नहीं है, जो लॉकडाउन से पहले थिएटर्स में दिखता था. 

Advertisement

बॉक्स ऑफिस पर कमजोर नया कैप्टन अमेरिका
सैकनिल्क के अनुसार, 'कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड' ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर करीब 4.3 करोड़ का ही बिजनेस किया. फिल्म के रिव्यू बहुत पॉजिटिव नहीं रहे और जनता का वर्ड ऑफ माउथ भी मिला-जुला रहा. असर ये हुआ कि जहां शनिवार-रविवार को फिल्मों की कमाई में जंप आता है, वहीं नई कैप्टन अमेरिका फिल्म सुस्त ही रही. शनिवार को करीब 4.15 करोड़ और रविवार को 4.25 करोड़ के साथ फिल्म ने पहले 3 दिन में 13 करोड़ से भी कम कलेक्शन किया है. ये पिछले कुछ सालों के रिकॉर्ड में, भारत में किसी MCU फिल्म की सबसे ठंडी परफॉरमेंस में से एक है. 

'अवेंजर्स' से कनेक्ट ने भारत में दिलाई थी सफलता 
MCU ने अपने पहले फेज की शुरुआत अपने एक-एक सुपरहीरो की कहानी के जरिए की थी. शुरुआत में इन फिल्मों को भारत में बहुत ज्यादा प्रमोट नहीं किया गया था लेकिन फिर भी लिमिटेड स्क्रीन्स पर रिलीज होने वाली इन फिल्मों को, देश की हॉलीवुड लवर जनता में अच्छी पॉपुलैरिटी मिलनी शुरू हुई. MCU के शुरुआती सुपरहीरोज जैसे- आयरन मैन, हल्क, थॉर और कैप्टन अमेरिका को इंट्रोड्यूस करने वाली फिल्मों की भारत में कामयाबी लिमिटेड मगर ठीकठाक रही थी. टीवी चैनल्स पर जनता ने इन फिल्मों और सुपरहीरोज को डिस्कवर करना शुरू किया और मार्वल की सुपरहीरो कॉमिक्स ना पढ़ने वाले लोग भी इनके फैन होने लगे.

Advertisement

भारत में MCU का पहला बड़ा धमाका 2012 में आई फिल्म 'द अवेंजर्स' से हुआ. इस फिल्म ने इंडिया में 69 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, जो उस वक्त अच्छी-खासी बड़ी इंडियन फिल्मों के बराबर कमाई थी. MCU सुपरहीरोज की पहली खेप का एक साथ, एक फिल्म में आना भारतीय फिल्म फैन्स के लिए भी दिलचस्प था. 2015 की फिल्म 'अवेंजर्स: एज ऑफ अल्ट्रॉन' में दूसरी बार सारे सुपरहीरोज का साथ आना भी दर्शकों ने खूब एन्जॉय किया. इस फिल्म ने इंडिया में 80 करोड़ का बिजनेस किया. 

इसके बाद तो MCU का क्रेज ऐसा फैला कि फिर इस यूनिवर्स की फिल्में इंडियन फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर टक्कर देने लगीं. बाद में MCU जॉइन करने वाले स्पाइडरमैन, डेडपूल, ब्लैक पैंथर जैसे सुपरहीरोज की फिल्मों ने भी भारत में अच्छी कमाई की. MCU के शुरूआती किरदारों की पॉपुलैरिटी का एक बड़ा कारण था इनका ह्यूमन कनेक्शन. आयरनमैन, कैप्टन अमेरिका या हल्क किसी चमत्कारिक सुपरपावर वाले हीरो नहीं थे. ये आम इंसान ही थे जिनकी शक्तियों की वजह साइंस थी. अकेला सुपरहीरो जिसके पास चमत्कारिक शक्तियां थीं वो थॉर था. लेकिन पहली फिल्म में उसकी शक्तियां छिन चुकी थीं और वो इंसानों को समझता, उनसे बॉन्डिंग करता और अपने साथी देवताओं के सामने धरती के इंसानों का पक्ष लेने वाला सुपरहीरो था.  

Advertisement

बॉलीवुड फिल्मों को पछाड़कर आगे निकलीं MCU फिल्में
2015 से MCU का क्रेज भारत में बढ़ा, वो इस लेवल पर चला गया कि इन सुपरहीरो फिल्मों ने बॉलीवुड की टॉप फिल्मों से बढ़कर कमाई की. 2019 में जहां ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ स्टारर 'वॉर' बॉलीवुड की सबसे कमाऊ फिल्म थी. वहीं, MCU फिल्म 'अवेंजर्स: एंड गेम' ने 373 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया था. 

लॉकडाउन के बाद 2021 में खुले थिएटर्स जब ऑडियंस के लिए तरस रहे थे तब अक्षय कुमार की फिल्म 'सूर्यवंशी' बॉलीवुड की पहली बड़ी हिट बनकर आई. मगर 'अवेंजर्स: एंड गेम' के बाद आई पहली बड़ी MCU फिल्म, 'स्पाइडर मैन: नो वे होम' ने इसे काफी पीछे छोड़ दिया और उस साल इंडिया में सबसे कमाऊ फिल्मों में से एक रही. 

लॉकडाउन के बाद से भारत में ठंडा पड़ रहा MCU का क्रेज
'अवेंजर्स: एंड गेम' के बाद आयरन मैन, कैप्टन अमेरिका, हल्क और कई बड़े सुपरहीरो MCU में गायब हो गए, या तो उनकी स्टोरी किनारे कर दी गई. 2012 से दर्शक जिन किरदारों के साथ इमोशनली जुड़ चुके थे उनकी गैर-मौजूदगी का नुक्सान MCU फिल्मों को इंटरनेशनल मार्किट में ही नहीं, भारत में भी हुआ. 

'अवेंजर्स: एंड गेम' से पहले MCU की कहानियों की थीम थानोस और इनफिनिटी स्टोन्स पर बेस्ड थी, जिसका आगे बढ़ते जाना दर्शक बहुत पसंद कर रहे थे. 2019 में थानोस की हार के बाद MCU की कहानियों में नया प्लॉट आया 'मल्टीवर्स' का. इस थीम को जनता ने आलस भरी राइटिंग की तरह देखा क्योंकि इसमें पुराने किरदारों को कभी भी नई कहानी में फिर से घुसाया जा सकता था. 'मल्टीवर्स' आने के साथ MCU में ढेर सारे नए किरदार भी आए और कहानी दो हिस्सों में आगे बढ़ने लगी- एक तरफ ओटीटी शोज में और दूसरी तरफ फिल्मों में. 

Advertisement

मल्टीवर्स वाले आईडिया से कनेक्शन की कमी, कहानी का जरूरत से ज्यादा फैलना और दो अलग-अलग माध्यमों में आगे बढ़ना, MCU फैन्स के लिए थोड़ा थकाऊ और बोरिंग हो गया. किरदारों के साथ इमोशनल कनेक्ट की कमी दर्शकों को खलने लगी. ये दिक्कत लॉकडाउन के बाद आए MCU प्रोजेक्ट्स की कम पॉपुलैरिटी का कारण बनी और अब 'कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड' भी इसीलिए स्ट्रगल कर रही है. नतीजा ये हुआ कि लॉकडाउन के बाद आईं MCU की दस फिल्मों में से सिर्फ 4 ही 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर पाई हैं. ये सभी मार्वल के उन सुपरहीरोज की फिल्में हैं, जिनकी जनता में पुरानी पॉपुलैरिटी है. जैसे- स्पाइडर मैन, थॉर, डॉक्टर स्ट्रेंज और डेडपूल और वुल्वरीन.  

हालांकि, 'कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड' और इसके बाद आने वाले प्रोजेक्ट्स, 'थंडरबोल्ट्स' वगैरह में MCU अपनी कंटेंट स्ट्रेटेजी बदलता नजर आ रहा है. अब कहानी में फिर से उन हीरोज पर फोकस किया जा रहा है जो धरती पर रहने वाले इंसान हैं मगर उनका कैरेक्टर लार्जर दैन लाइफ है. 'कैप्टन अमेरिका: ब्रेव न्यू वर्ल्ड' के रिव्यू बताते हैं कि इस फिल्म में कनेक्ट की कमी नहीं है मगर ये स्टोरीटेलिंग के लेवल पर कमजोर है. इसलिए अब ये देखना दिलचस्प होगा कि प्लॉट में बदलावों के साथ पुराने स्टाइल पर लौट रहा MCU इस साल कोई बड़ा कमाल कर पाता है या नहीं. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement