
अमेजन प्राइम की वेब सीरीज तांडव पर उत्तर प्रदेश सरकार का शिकंजा कसता जा रहा है. लखनऊ के हजरतगंज थाने के बाद अब ग्रेटर नोएडा के राबूपुरा थाने में तांडव वेब सीरीज के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, एक्टर सैफ अली खान, सुनील ग्रोवर और डिंपल कपाड़िया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. इन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है.
क्या लगी हैं धाराएं?
वेब सीरीज पर IPC की धारा 153A, 295, 505 के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा IT एक्ट की कुछ धाराएं इस शिकायत में सीरीज और इसके मेकर्स पर लगाई गई हैं. सीरीज पर पुलिस का अपमान किए जाने और लोगों की भावनाएं आहत किए जाने का आरोप लगा है. मालूम हो कि इस वेब सीरीज का कुछ हिस्सा ग्रेटर नोएडा में शूट किया गया था जो कि इसी थाने के तहत आता है जिसमें शिकायत दर्ज कराई गई है.
शिकायत में तांडव के निर्देशक अली अब्बास जफर, प्रोड्यूसर, अमेजन प्राइम वीडियो को कॉन्टेंट हेड और एक्टर सैफ अली खान का नाम शामिल है. इसके अलावा भी FIR में सिंपल कपाड़िया, सुनील ग्रोवर जैसे कई बड़े नाम हैं. कुल मिलाकर 7 लोगों को इस FIR में आरोपी बनाया गया है. बता दें कि सीरीज के कुछ दृष्यों और डायलॉग्स को लेकर जबरदस्त बवाल मचा हुआ है.
CAIT ने लिखा जावड़ेकर को पत्र
Confederation Of All India Traders (कैट) ने तांडव विवाद को लेकर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर को पत्र लिखा है. उन्होंने मांग की है कि इस सीरीज के प्रसारण पर तुरंत रोक लगाई जाए और अमेजन के खिलाफ कानून के तहत कारवाई की जाए. इसके अलावा इस पत्र में OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए सेन्सर बोर्ड की तरह एक बोर्ड बनाया जाए जो प्रसारित होने वाली प्रत्येक सामग्री को देख कर हरी झंडी दे. यदि ऐसा न हुआ तो ओटीटी जिस प्रकार से लोगों के जीवन में घुस गया है वो देश की संस्कृति और सभ्यता में बड़ा जहर घोल देगा.
23 जनवरी को होगी सुनवाई
बता दें कि हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज तांडव के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में भी अर्जी दाखिल की गई है. इस अर्जी में तांडव सीरीज और उसको बनाने वाले टीम जिसमें अब्बास जफर,अपर्णा पुरोहित, हिमांशु कृष्ण मेहरा, गौरव सोलंकी, सैफ अली खान, मोहम्मद जीशान अय्यूब, गौहर खान शामिल है, उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई है. इस याचिका पर सुनवाई 23 जनवरी को होगी.
मेकर्स ने मांगी माफी
बवाब बढ़ता देखकर हाल ही में अली अब्बास जफर ने इसलिए लिए माफी मांग ली थी. उन्होंने कहा कि कास्ट एंड क्रू ने कभी भी किसी व्यक्ति, जाति, समुदाय, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या बेइज्जत करने की मंशा नहीं रखी. हालांकि, वेब मेकर की ओर से लोगों कि ओर से व्यक्त की जा रही चिंता का संज्ञान लिया गया है और अगर किसी की भावना को अनजाने में ठेस पहुंची है तो इसके लिए हम बिना शर्त माफी मांगते हैं.''