
हिंदी सिनेमा फैन्स को डायरेक्टर शंकर शनमुगन का नाम शायद एकदम से ना याए आए. लेकिन जिसने भी उनकी फिल्में देखी हैं, वो शायद ही उन्हें भूल पाए. अनिल कपूर स्टारर 'नायक', कमल हासन की 'हिंदुस्तानी' या फिर विक्रम की 'अपरिचित' (ऑरिजिनल तमिल टाइटल 'अन्नियन') और 'आई' तो आपको याद ही होंगी.
रजनीकांत की तीन सबसे बड़ी फिल्में- शिवाजी: द बॉस, रोबोट और 2.0; शंकर की ही फिल्में हैं. अब शंकर की नई फिल्म आ रही है- गेम चेंजर. 'RRR' स्टार राम चरण इसके हीरो हैं और गुरुवार को फिल्म का ट्रेलर आने वाला है. ये 2025 की पहली बड़ी इंडियन रिलीज होगी. मगर इस फिल्म पर दांव बहुत बड़ा है और शंकर के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण भी है. कैसे? आइए बताते हैं...
विजनरी डायरेक्टर शंकर
तमिल फिल्म इंडस्ट्री से आने वाले डायरेक्टर शंकर, वैसे तो एक्टर बनने आए थे. मगर बहुत जल्दी ही उन्हें ये एहसास हो गया कि एक्टिंग टैलेंट तो उनके पास नहीं है, इसलिए उन्होंने फिल्ममेकिंग पर हाथ आजमाना शुरू किया और दो बड़े तमिल डायरेक्टर एस. ए. चंद्रशेखर और पवित्रन के असिस्टेंट बन गए. 1993 में शंकर ने फिल्म 'जेंटलमैन' से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया और उनकी पहली ही फिल्म एवरेज तमिल फिल्मों से ज्यादा महंगी थी. वजह ये थी कि शंकर शुरू से ही फिल्ममेकिंग की नई तकनीकों पर बड़ा जोर देते थे, जो हॉलीवुड में आजमाई जा रही थीं.
अपनी दूसरी ही फिल्म 'कादलन' (1994) में शंकर ने ग्राफिक्स और स्पेशल इफेक्ट्स का ऐसा इस्तेमाल किया कि दर्शक इंडियन फिल्म्स में ऐसे विजुअल्स देखकर दंग रह गए. प्रभु देवा स्टारर इस फिल्म को हिंदी डबिंग के साथ 'हमसे है मुकाबला' नाम से रिलीज किया गया था. 'मुकाबला मुकाबला' और 'उर्वशी उर्वशी' इसी फिल्म के गाने हैं और स्पेशल इफेक्ट्स का कमाल इन गानों में ही नजर आ जाता है.
शंकर ने यहां से अपनी फिल्मों में स्पेशल इफेक्ट्स और नई तकनीकों को यूज करने का जो सिलसिला शुरू किया वो आजतक जारी है. उनकी 6 फिल्मों को स्पेश्हल इफेक्ट्स के लिए नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है. शंकर ने इंडिया की पहली बड़े बजट की साइंस-फिक्शन फिल्म 'रोबोट' (ऑरिजिनल तमिल टाइटल- एंथिरन) बनाई जिसके विजुअल्स इफेक्ट्स की चर्चा हॉलीवुड तक हुई. इसके सीक्वल '2.0' के साथ भी ऐसा ही हुआ. 'आई' और 'इंडियन' में स्टंट्स, स्पेशल इफेक्ट्स और मेकअप में भी शंकर ने जमकर एक्स्परिमेंट किए.
शंकर की फिल्मों के प्लॉट एक लाइन में समेटे जा सकते हैं- एक मिडल क्लास आम आदमी को पावरफुल लोगों से परेशानी होती है और वो सिस्टम बदलने चल पड़ता है. ये 'शिवाजी' भी हो सकती है और 'जेंटलमैन' भी. लेकिन अपनी फिल्मों में शंकर स्क्रीन पर ऐसा जादू रचते हैं कि जनता का ध्यान नहीं भटकता. उल्टा फिल्म देखने के बाद एक आम आदमी भी खुद को पावरफुल महसूस करता है. और फिर मैसेज का डोज तो साथ में रहता ही है.
हिट ट्रैक से उतरी शंकर की गाड़ी
2018 में आई '2.0' के बाद शंकर ने कमल हासन की फिल्म 'इंडियन' के सीक्वल 'इंडियन 2' पर काम शुरू किया था. पिछले साल ये फिल्म रिलीज हुई और बुरी तरह फ्लॉप हो गई. इसके बाद से ही शंकर के करियर और एक डायरेक्टर के तौर पर उनकी पावर पर सवाल उठ रहे हैं. 30 साल से ज्यादा वक्त से जनता को एंटरटेन कर रहे शंकर उन डायरेक्टर्स में से हैं जिन्होंने इंडियन सिनेमा का स्केल बड़ा करने में बड़ा योगदान दिया है.
'जीन्स', 'अन्नियन', 'रोबोट' और '2.0' शंकर की ऐसी फिल्में हैं जो अपनी-अपनी मेकिंग के समय, इंडियन सिनेमा की सबसे महंगी फिल्में रही हैं. और इन सभी फिल्मों ने ना सिर्फ अच्छा बिजनेस किया, बल्कि उस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल रहीं. 'बाहुबली' फेम डायरेक्टर एस. एस. राजामौली के चमकने से काफी पहले शंकर वो डायरेक्टर रहे हैं जिनकी फिल्में इंडिया की सबसे 'ग्रैंड' फिल्में मानी जाती थीं और कोई उनके बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड के आसपास भी नहीं पहुंच पाता था.
'गेम चेंजर' भी है महंगी फिल्म, आ रहा है ट्रेलर
राम चरण के साथ शंकर की फिल्म 'गेम चेंजर' भी अच्छी खासी महंगी है और इसका बजट रिपोर्ट्स में 400 करोड़ बताया गया है. RRR के बाद राम चरण की अगली फिल्म 'आचार्य' (2022) बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी. शंकर खुद एक बड़ी फ्लॉप देकर आ रहे हैं. तमिल सिनेमा को एक से बढ़कर एक फिल्में दे चुके शंकर, 'गेम चेंजर' से तेलुगू डेब्यू भी कर रहे हैं. ऐसे में इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े डायरेक्टर्स में से एक की अगली फिल्म पर सबकी नजर लगी है. 10 जनवरी को रिलीज होने जा रही 'गेम चेंजर' क्या धमाका करेगी, ये तो अब जनता ही तय करेगी.