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भारत का रहने वाला हूं, है प्रीत जहां की रीत सदा... देशभक्ति से ओतप्रोत मनोज कुमार के 10 यादगार गाने

Manoj Kumar Death: हिंदी सिनेमा के इतिहास में मनोज कुमार को देशभक्ति और सामाजिक चेतना से जुड़ी फिल्मों के लिए जाना जाता था. उनकी फिल्मों के गाने आज भी लोगों की जुबां पर रहते हैं. उपकार (1967) उनकी निर्देशित पहली फिल्म थी, इस फिल्म का गीत "मेरे देश की धरती सोना उगले" आज भी हर भारतीय के दिल को छू जाता है.

Manoj Kumar Manoj Kumar
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

हिंदी सिनेमा में ‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर अभिनेता मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में निधन हो गया है. लंबी बीमारी से जूझने के बाद उन्होंने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली.

हिंदी सिनेमा में देशभक्ति की भावना को जीवंत करने वाले मनोज कुमार ने परदे पर सिर्फ देशभक्त की भूमिका ही नहीं निभाई, बल्कि अपने जीवन और सिनेमा में भी वही आदर्श जिए.

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यह भी पढ़ें: Manoj Kumar Death: अभिनेता मनोज कुमार का निधन, 87 साल की उम्र में मुंबई में ली अंतिम सांस, क्रांति-उपकार जैसी देशभक्ति वाली फिल्मों के लिए रहे मशहूर

उनकी फिल्मों के गाने आज भी लोगों के दिलों में जोश और गर्व की भावना भर देते हैं.फिल्म 'उपकार' का गाना "मेरे देश की धरती सोना उगले" आज भी खेतों में गूंजता है. यह गीत किसानों और जवानों के सम्मान का प्रतीक बना. फिल्म 'पूरब और पश्चिम' का " है प्रीत जहां की रीत सदा" दुनिया भर में भारत की महानता का बखान करता है.

यहां हम मनोज कुमार की फिल्मों से जुड़े 10 देशभक्ति गानों की लिस्ट दे रहे हैं, इनमें से कौन सा आपका पसंदीदा गाना है, आप कमेंट सेक्शन में लिखकर बता सकते हैं.

मनोज कुमार की फिल्मों से जुड़े देशभक्ति से ओतप्रोत 10 गाने

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1- है प्रीत जहां की रीत सदा (पूरब और पश्चिम)


2- मेरा रंग दे बंसती चोला (शहीद)

3- ऐ वतन ऐ वतन(शहीद)

4- दिल दिया है जान भी देंगे(कर्मा)

5- जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती हैं बसेरा (सिकंदर-ए-आज़म)

6- अब के बरस तुझे धरती की रानी कर देंगे (क्रांति)

7- इंसाफ की डगर पे (गंगा जमुना)

8- कर चले हम फिदा (हकीकत)

9- दुल्हन चली  (पूरब और पश्चिम)

10-  जिंदगी की ना टूटे लड़ी (क्रांति)

मनोज कुमार की खासियत थी कि सादगी से गहरी बात कह जाना. वह भले ही अभिनेता थे लेकिन उनके किरदार आम आदमी की पीड़ा, संघर्ष और उम्मीद को दर्शाते थे. पद्म श्री और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित मनोज कुमार को पूरब और पश्चिम, रोटी कपड़ा और मकान, क्रांति जैसी फिल्मों की बदौलत 'भारत कुमार' के नाम से भी जाना जाने लगा.

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