
2018 में आई 'KGF चैप्टर 1' में कन्नड़ सिनेमा से निकले रॉकिंग स्टार यश को देखने के बाद पूरा इंडिया उनका फैन बन गया. सिनेमा स्क्रीन पर सबसे आइकॉनिक गैंगस्टर किरदारों में से एक, रॉकी भाई का रोल करने वाले यश ने एक-एक सीन, एक-एक डायलॉग से जनता को जमकर एंटरटेनमेंट दिया था. फिल्म का एक डायलॉग लोग कभी नहीं भूल सकते, जब एक छोटे बच्चे की मां को जूझते हुए देखकर यश का किरदार अपने गैंगस्टर स्टाइल में उसकी मदद करता है और कहता है- 'सबसे बड़ा योद्धा मां होती है.'
'KGF चैप्टर 1' देखने के बाद जनता में इसका अगला पार्ट देखने की एक्साइटमेंट इस तरह फैली कि जब ये रिलीज हुई, तो इंडियन सिनेमा की चौथी सबसे बड़ी फिल्म बन गई. आज यश इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े नामों में से एक हैं और उनका अपना एक अलग भौकाल है. उनके नाम के साथ एक पावरफुल ऑरा जुड़ा हुआ है.
अब अपनी अगली फिल्म 'टॉक्सिक' में यश, नेशनल अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर गीतू मोहनदास के साथ काम कर रहे हैं. गीतू के पति राजीव रवि, जो खुद एक बेहतरीन डायरेक्टर हैं, 'टॉक्सिक' के डी.ओ.पी. हैं. जब इतने क्रिएटिव लोगों में कोई असहमति होती है तो क्या यश जैसे पावरफुल आदमी के सामने लोग अपनी बात रख पाते हैं?
यश ने एक इंटरव्यू में इस सवाल का जवाब दिया और जवाब देते हुए बताया कि वो सेट पर, सबसे छोटी पोजीशन रखने वाले व्यक्ति से भी आइडिया लेने के लिए तैयार रहते हैं. ये बात कहते हुए उन्होंने ये किस्सा भी बताया कि कैसे 'KGF चैप्टर 1' में वो मां वाला सीन था ही नहीं और उसका आइडिया प्रोडक्शन से जुड़े एक व्यक्ति ने दिया था.
हर नए आइडिया के लिए तैयार रहते हैं यश
यश ने बताया कि अगर स्क्रिप्ट को लेकर सभी लोग ईमानदार रहें तो कोई भी क्रिएटिव असहमति आराम से सुलझ जाती है. उन्होंने कहा कि 'जब मैच्योर व्यक्ति साथ काम कर रहे होते हैं तो चीजें इतनी मुश्किल नहीं होतीं.' यश ने कहा कि भले उनके पास स्टारडम का पावर है, मगर कैमरे के सामने वो सिर्फ एक एक्टर हैं और उनके डायरेक्टर और सिनेमेटोग्राफर उनकी सबसे पहली ऑडियंस होते हैं. इसलिए वो हमेशा नए आइडियाज का स्वागत करते हैं. यश बोले, 'मुझे लगता है कि मैं शायद लास्ट असिस्टेंट डायरेक्टर को भी वो स्पेस देता हूं कि वो आकर कुछ बता सके. जब आप इस तरह का स्पेस देते हैं तो कितनी बार ऐसा हुआ है कि लोगों ने आकर हमें कमाल के आइडिया दिए हैं.
कैसे आया KGF चैप्टर 1 का मां वाला सीन
नए आइडियाज की बात करते हुए यश ने आगे कहा, 'KGF की ही बात करते हैं. मैं और प्रशांत (प्रशांत नील, डायरेक्टर) बैठकर फिल्म का एडिट देख रहे थे, उसपर काम कर रहे थे. बन वाला वो फेमस सीन, मां के साथ था ही नहीं. वो किसी और बूढ़ी औरत के साथ होना था, जो सड़क पार कर रही थी. मैं बस अपनी गन निकालता और ये गन सीन होने वाला था. तो हमारे एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर मिस्टर रामा राव वहां साथ बैठे हुए थे. वो अचानक से उठकर बोले पूरी फिल्म रॉकी की मां के बारे में है, तो इस सीन में मां क्यों नहीं है?'
यश ने कहा कि वो और प्रशांत एक दूसरे को देखते ही रह गए क्योंकि ये बहुत बेहतरीन आइडिया था. यश ने बताया, 'मैंने सोचा अब क्या करें? प्रशांत ने कहा कि कोई बात नहीं, मैं ये पूरा ब्लॉक ही बदल दूंगा, हम इसे री-शूट कर लेंगे. फिर मैंने प्रोड्यूसर को कन्विंस किया कि हमें ये सीन बदलना पड़ेगा. फिर हम सीन में छोटे बच्चे के साथ एक लेडी को लेकर आए, जिसे देखकर रॉकी को उसकी मां याद आती है. फिर मैं गाड़ी से निकलकर उसके पास जाता हूं और यहां पर हमें एक लाइन चाहिए थी और इस डिस्कशन में जो लाइन निकली वो थी- सबसे बड़ा योद्धा मां होती है.' यहां देखें वो सीन जिसकी बात यश कर रहे हैं:
यश ने कहा कि कुछ भरोसा नहीं होता आइडिया कहां से आ जाए. हम 2014 से इस फिल्म पर काम कर रहे थे. स्क्रिप्ट पर 4-5 साल लगाए लेकिन इस एक जगह पर उनका ध्यान नहीं गया था. यश ने कहा 'प्रोडक्शन पर काम करने वाला एक आदमी आकर आपको ये बात बताता है और अगर ये अच्छी है तो आपको फिल्म में शामिल करनी चाहिए. वरना किसी एक आदमी को सबकुछ पता हो ही नहीं सकता. ये एक कोलेबोरेटिव चीज है. सेट पर यही मूड और माहौल होना चाहिए. एक एक्टर डायरेक्टर और बाकी सारे लोग साथ काम करते हैं तब जाकर एक बेहतरीन फिल्म बनती है.'
यश के नए प्रोजेक्ट्स की बात करें तो वो अब डायरेक्टर गीतू मोहनदास की फिल्म 'टॉक्सिक' में नजर आएंगे. इसके साथ ही वो रणबीर कपूर स्टारर 'रामायण' में रावण के किरदार में नजर आने वाले हैं.