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पांच रियल हीरो जिन्होंने चमका दी 'रील हीरो' की किस्मत

सुशांत सिंह राजपूत ने साल 2013 में 'काई पो चे' से करियर की शुरुआत की थी, और उनकी शुद्ध देसी रोमांस, 'डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी' जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कोई करिश्मा नहीं दिखा पाई थीं.

सुशांत सिंह राजपूत सुशांत सिंह राजपूत
नरेंद्र सैनी
  • नई दिल्ली,
  • 12 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 4:15 PM IST

सुशांत सिंह राजपूत ने साल 2013 में 'काई पो चे' से करियर की शुरुआत की थी, और उनकी शुद्ध देसी रोमांस, 'डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी' जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कोई करिश्मा नहीं दिखा पाई थीं.

हालांकि 'पीके' में वे छोटे से रोल में नजर आए थे, लेकिन यह फिल्म पूरी तरह से आमिर खान की एक्टिंग और स्टार पावर पर टिकी थी. ऐसे में उन्हें ऐसी एक फिल्म की तलाश थी जिससे वे अपने करियर को मजबूत से ट्रैक पर ला पाते. उनके करियर को मजबूती देने का काम किया है, भारतीय क्रिकेट के चमकते सितारे एम.एस. धोनी ने.

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'एमएस धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी' 115 करोड़ रु. का आंकड़ा पार कर चुकी है और दर्शकों के बीच उसको लेकर क्रेज बरकरार है. ऐसे में भारतीय क्रिकेट का सबसे सफल कप्तान सुशांत सिंह राजपूत के करियर को पटरी पर लाने में कामयाब रहा. अगर कल को सुशांत की 'राब्ता' बड़ा बिजनेस करती है, तो इसके लिए उन्हें उनकी अपनी मेहनत के अलावा धोनी का आभारी होना चाहिए, जिनके नाम ने उन्हें बुलंदी पर पहुंचाया.

सुशांत सिंह अकेले ऐसे सितारे नहीं हैं, जिनका करियर किसी रियल हीरो की वजह से चमका हो. इससे पहले साल 2013 में आई 'भाग मिल्खा भाग' में मिल्खा सिंह के किरदार ने फरहान अख्तार को ऐसी बुलंदियों पर पहुंचा दिया, जिसकी वे उम्मीद भी नहीं कर सकते थे. बेशक फिल्म के लिए उन्होंने जबरदस्त मेहनत की थी, लेकिन मिल्खा के किरदार ने उन्हें उनकी किसी भी अन्य फिल्म की अपेक्षा सबसे ज्यादा सफलता दिलाई. लगभग 30 करोड़ रु. की लागत वाली इस फिल्म ने 150 करोड़ रु. का कारोबार किया था.

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अब विद्या बालन को ही देखें. 'द डर्टी पिक्चर' में उन्होंने सिल्क स्मिता का किरदार इस सॉलिड अंदाज में निभाया कि उसके बाद वे उस तरह की सफलता कहानी के अलावा किसी और फिल्म से अर्जित नहीं कर सकीं. 'द डर्टी पिक्चर' को उनकी अब तक की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से माना जाता है. लगभग 18 करोड़ रु. बनी इस फिल्म ने 100 करोड़ रु. से ज्यादा कारोबार किया था. प्रियंका चोपड़ा की 'मैरी कॉम' 2014 में उस समय आई जब या तो वे फिल्मों में आइटम नंबर कर रही थीं, या कुछ याद न रखे जाने वाले किरदारों को निभाने में जुटी थीं. लेकिन बॉक्सर 'मैरी कॉम' की बायोपिक ने उनकी ऐक्टिंग का लोहा मनवाले के लिए अच्छा मौका दिया. उसके बाद उन्होंने कई फिल्में की जैसे जय गंगाजल और दिल धड़कने दो लेकिन 'मैरी कॉम' जैसा जादू हीं चल सका. फिल्म का बजट लगभग 20 करोड़ रु. था और फिल्म ने 60 करोड़ रु. से ज्यादा का कारोबार किया था.

सोनम कपूर भी ऐसा ही नाम हैं. अगर उनका नाम लिया जाए तो आज की डेट में जिस फिल्म का सबसे पहले ध्यान आता है, वह है 'नीरजा'. बेशक यह नीरजा की जिंदगी ही थी जिसने सोनम को इस रोल के जरिये सिनेमाई इतिहास में अमर कर दिया, और इस साल राष्ट्रीय पुरस्कारों का दावेदार भी बना दिया है. लगभग 25-30 करोड़ रु. के बजट में बनी फिल्म ने 100 करोड़ रु. का आंकड़ा छुआ.

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हालांकि बायोपिक सफलता की गारंटी नहीं है. इसकी मिसाल दशरथ मांझी की जिंदगी पर बनी फिल्म मांझीः द माउंटेन मैन, राजा रवि वर्मा के जीवन पर आधारित रंग रसिया, सरबजीत की जिंदगी पर आधारित सरबजीत और क्रिकेटर अजहरूद्दीन की जिंदगी पर आधारित अजहर बॉक्स ऑफिस पर रंग नहीं जमा सकी थीं.

हालांकि आने वाले दिनों में विद्या बालन कवयित्री कमलादास की बायोपिक में नजर आएंगी तो आमिर खान महावीर सिंह फोगाट पर बन रही फिल्म दंगल में दिखेंगे. देखना यह है कि बॉलीवुड इस ट्रेंड को किस हद तक कैश करवाने में सफल रहता है.

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