
बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर ने 30 अप्रैल को अपनी अंतिम सांस ली. इंडस्ट्री के इस दिग्गज अभिनेता ने जाते-जाते कई खूबसूरत यादें और कुछ किस्से पीछे छोड़ दिए. ऋषि कपूर की जिंदगी के कुछ पन्ने उनकी तरह ही बेबाक, खुश मिजाज और खुले हुए थे. वे कभी किसी बात को कहने में हिचकिचाते नहीं थे. ऋषि कपूर अपनी हर बात पर क्रिस्टल क्लियर रखते थे. उन्होंने कुछ साल पहले अपनी आत्मकथा लिखी थी, जिसमें बहुत सी बातों का जिक्र किया गया है. आइए जानें क्या है ऋषि के वो किस्से.
दाऊद इब्राहिम के ऑफर को ठुकराया
डॉन दाऊद इब्राहिम से मुलाकात का किस्सा ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा में बताया था. किताब में बताया गया था कि ऋषि कपूर दो बार दाऊद से मिले थे. पहली दफा साल 1988 में जब दाऊद भारत सरकार से भागता फिर रहा था. दाऊद दुबई में आशा भोंसले-आरडी बर्मन नाइट में पहुंचा हुआ था. पहली मुलाकात में दाऊद ने ऋषि से एक मर्डर और फिल्मी दुनिया के काम जैसे टॉपिक्स पर बातें कीं. जाते वक्त दाऊद ने उनसे कहा कि उन्हें अगर कभी भी किसी भी चीज की जरूरत हो, कितने भी पैसे की जरूरत हो, या फिर कुछ भी तो बेफिक्र होकर मांग लें. उनका यह ऑफर ऋषि कपूर ने ठुकरा दिया था. दूसरी बार दोबारा दुबई में ही उनकी मुलाकात हुई. ऋषि कपूर अपनी पत्नी के साथ जूते खरीद रहे थे. तब दाऊद अपने 8-9 बॉडीगार्ड्स के साथ वहीं पर था. इस बार भी दाऊद ने ऋषि कपूर को ऑफर किया था कि वह उनके लिए कुछ खरीदना चाहता है. लेकिन इस बार भी ऋषि कपूर ने इनकार कर दिया था. इस किस्से के बाहर आने के बाद ऋषि कपूर की किताब खुल्लम खुल्ला की बिक्री अचानक से बढ़ गई थी.
पैसे देकर खरीदा था पहला अवॉर्ड
ऋषि कपूर ने अवॉर्ड खरीदने वाली बात भी अपनी आत्मकथा में बताई है. उन्होंने बताया कि 1973 में आई फिल्म बॉबी के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. दरअसल, यह अवॉर्ड उन्होंने 30 हजार रुपये देकर खरीदा था, जिसकी कीमत अभी 6.19 लाख (2017 के हिसाब से) होगी. इसके लिए ऋषि ने यह भी कहा था कि वे अवॉर्ड खरीदने के लिए शर्मिंदा भी हैं, पर जब यह हुआ था उस वक्त वे जवान और अमीर भी थे.
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जावेद अख्तर से चाहते थे सार्वजनिक माफी
ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा में गीतकार जावेद अख्तर संग अपने रुखे रिश्ते पर बताया था. उन्होंने कहना है कि गीतकार शैलेंद्र के अचानक निधन का जिम्मेदार जावेद, ऋषि के पिता राज कपूर को मानते थे. ऋषि को लगता था कि जावेद को सार्वजनिक तौर पर इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. हालांकि शबाना से अच्छे रिश्ते होने के कारण ऋषि कपूर कभी जावेद से ज्यादा बहस नहीं करते थे.
जब ऋषि ने जावेद-सलीम की फिल्म को किया था रिजेक्ट
ऋषि ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में यह किस्सा भी बताया है. 1978 में यश चोपड़ा की त्रिशूल का ऑफर पहले ऋषि कपूर को दिया गया था लेकिन उन्होंने मना कर दिया. सलीम-जावेद इस बात का बुरा मान गए. सलीम खान ने ऋषि को बुलाया और फिल्म रिजेक्ट करने का कारण पूछा. जब ऋषि ने कहा कि उन्हें रोल पसंद नहीं आया तो सलीम ने कहा कि वे उसका करियर भी बर्बाद कर सकते हैं. सलीम ने कहा कि राजेश खन्ना ने जंजीर करने से मना कर दिया था और फिर वे (जावेद-सलीम) एक नया सुपरस्टार अमिताभ बच्चन लेकर आए थे. बाद में जावेद-सलीम और ऋषि कपूर के बीच का यह झगड़ा धीरे-धीरे खत्म हुआ और सलीम ऋषि के लिए एक मोरल बूस्टर बन गए.
नीतू सिंह से पहले भी एक लड़की से था ऋषि को प्यार
ऑटोबायोग्राफी में जैसा कि ऋषि ने लिखा कि वे नीतू से पहले एक पारसी लड़की यास्मीन मेहता से प्यार करते थे. यह बॉबी फिल्म रिलीज होने से पहले की बात है. लेकिन बॉबी रिलीज होने के बाद डिंपल कपाड़िया के साथ उनका नाम जोड़ा जाने लगा था, जबकि डिंपल की उस वक्त राजेश खन्ना से शादी हो चुकी थी. डिंपल को तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ा लेकिन यास्मीन के साथ उनका रिश्मा बिल्कुल खत्म हो गया.
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राजेश खन्ना ने ऋषि की दी हुई अंगूठी समुद्र में फेंक दी थी
बॉबी की शूटिंग के समय डिपंल अक्सर ऋषि कपूर की अंगूठी उतारकर पहन लिया करती थी. यह अंगूठी ऋषि को यास्मीन ने दी थी. ऐसा करते करते डिंपल ने वो अंगूठी अपने पास ही रख ली. जब राजेश खन्ना ने डिंपल को प्रपोज किया तब उन्होंने डिंपल के हाथ में देख ली और उसे समुद्र में फेंक दिया. इसके बाद हेडलाइन्स बनने लगी थी कि राजेश खन्ना ने ऋषि कपूर की अंगूठी समुद्र में फेंक दी है. ऋषि कहते हैं- 'सच्चाई तो यह थी कि मैं कभी डिंपल के साथ प्यार में पड़ा ही नहीं और ना ही उनकी तरफ आकर्षित हुआ.'
जब आग से ऋषि ने बचाई थी पद्मिनी कोल्हापुरी की जान
ऋषि असल जिंदगी में भी हीरो थे. उनकी को-स्टार पद्मिनी कोल्हापुरी ने ऋषि के निधन पर शोक जताते हुए मिड-डे से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने इस किस्से के बारे में भी बताया. पद्मिनी ने बताया- जमाने को दिखाना है फिल्म में एक गाना है 'होगा तुमसे प्यारा कौन' जिसे ट्रेन के ऊपर शूट किया गया था. ट्रेन की छत बहुत गर्म थी. अचानक कहीं से मेरे स्कार्फ (सिर पर रखा कपड़ा) में आग लग गई. उस वक्त ऋषि ने आकर मेरी जान बचाई थी.
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फर्स्टपोस्ट को दिए इंटरव्यू में ऋषि कपूर ने इस बारे में बात की थी. ऋषि कपूर ने बताया था कि करण जौहर और डायरेक्टर करण मल्होत्रा इस फिल्म को लेकर एक महीने तक उनके पीछे पड़े रहे, जिसके बाद उन्होंने अपनी सहमति दी थी. ऋषि कहते हैं, 'मैंने उन्हें कहा मेरी वजह से फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. क्या मैं तुम्हें एक विलेन और खूंखार आदमी जैसा लगता हूं? मैं सालों से रोमांटिक हीरो रहा हूं तुम कैसे मुझसे ये फिल्म करने की उम्मीद कर रहे हो? लेकिन वो दोनों नहीं माने. मैं किसी सपनों की दुनिया में नहीं रहता जहां मैं सोचूं कि मैं किसी भी फिल्म को चला लूंगा. अगर मैं किसी फिल्म में मेन किरदार निभा रहा हूं और वो नहीं चली तो इसमें मेरी बेइज्जती वाली बात है.'
गाने की शूटिंग में पहन लिया था लेडीज ट्राउजर
ऋषि खुद का मजाक उड़ाने से भी कभी नहीं कतराते थे. उन्होंने लेडीज ट्राउजर पहनने को लेकर भी एक किस्सा सुनाया था. दरअसल, फिल्म जहरीला इंसान में एक गाने 'ओ हंसिनी' में ऋषि कपूर ने लेडीज ट्राउजर पहन लिया था. वे बेरूत से टाइट फिटिंग ब्लैक पैंट विथ फ्लेयर्स खरीद कर ले आए और उसे पहन कर पूरा गाना शूट किया. बाद में ड्रेस मैन ने उन्हें बताया कि पैंट की जिप आगे होने की बजाया साइड में है.
नीतू की प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें देते थे ताने
अपनी आत्मकथा में ऋषि पत्नी नीतू कपूर को कैसे भूल सकते थे. उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आया था जब वे करियर में कमजोर पड़ गए थे. उनकी फिल्में चल नहीं रही थी. वे डिप्रेशन में थे और नीतू को जिम्मेदार मानने लगे थे. उन दिनों नीतू प्रेग्नेंट थीं. लेकिन वह कमजोर नहीं पड़ी और ऋषि का साथ देती रहीं. बाद में ऋषि को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने दोबारा अपना परिवार संभाला.