
सुशांत सिंह राजपूत केस में रोज नए अपडेट सामने आ रहे हैं. सुशांत केस की जांच पर लोगों ने सवाल उठाए. कई लोगों ने सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी सवाल किए कि सुशांत का पोस्टमार्टम इतनी जल्दबाजी में क्यों हुआ. सुशांत का पोस्टमार्टम 14 जून को ही हो गया था. अब पोस्टमार्टम से जुड़ा नया फेक्ट सामने आया है.
क्यों जल्दबाजी में हुआ सुशांत का पोस्टमॉर्टम?
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर सचिन सोनवणे (Sachin Sonawane) ने खुलासा किया कि सुशांत सिंह राजपूत की बहन, और उनके जीजा, हरियाणा पुलिस के एसपी, ओपी सिंह के अनुरोध पर पोस्टमार्टम किया गया था. डॉक्टर के अनुसार, पोस्टमार्टम 90 मिनट की अवधि में किया गया था. पोस्टमार्टम में कम से कम एक घंटा लगता है.
रात में पोस्टमार्टम क्यों किया गया, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे थे. इस पर डॉक्टर ने कहा कि मुंबई में ऐसा कोई नियम नहीं है. और रात में भी पोस्टमार्टम हुए हैं.
शेखर सुमन ने पोस्टमार्टम को लेकर उठाए थे सवाल
मालूम हो कि एक्टर शेखर सुमन ने आजतक से बातचीत में सुशांत के पोस्टमार्टम को लेकर सवाल किया था. शेखर ने सवाल किया कि सुशांत की मैनेजर दिशा सालियान का पोस्टमार्टम 2 दिन में किया गया क्योंकि कोविड-19 का चक्कर था. तो फिर सुशांत के मामले में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई. वहां कोविड-19 का केस अप्लाई नहीं होता क्या. इतनी क्या जल्दी थी कि उनका पोस्टमार्टम तुरंत कर दिया गया.
हालांकि, 2013 में जारी सर्कुलर में रात में पोस्टमार्टम करने की अनुमति दी गई है. जैसा कि ये पता चला है, सुशांत सिंह राजपूत के मामले में, सुशांत सिंह राजपूत की बहन ने उसी शाम पोस्टमार्टम करवाने के लिए मुंबई पुलिस से लिखित में अनुरोध किया था. जिसके आधार पर मुंबई पुलिस अधिकारियों और बीएमसी ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया को तेज किया. सुशांत के जीजा पुलिस अधिकारी ओपी सिंह खुद डॉक्टरों के साथ पोस्टमार्टम रूम के अंदर मौजूद थे.
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शेखर ने ये भी बताया कि सुशांत सिंह राजपूत का पोस्टमार्टम करने वाले पांच डॉक्टर एक साथ छुट्टी पर चले गए थे. शेखर ने कहा, "क्या वे भाई हैं जो एक साथ गए हैं. उनकी जांच होने की जरूरत है. ये पुलिस का काम है. आम जनता को ऐसा करने की आवश्यकता क्यों है.
शेखर के दावों का जवाब देते हुए, बीएमसी के एडिशनल कमिश्नर सुरेश काकानी ने कहा, "यह गलत और भ्रामक जानकारी है, आज भी हर कोई काम कर रहा है."
मालूम हो कि सुशांत का पोस्टमार्टम मुंबई के कूपर हॉस्पिटल में हुआ था. उनका पोस्टमार्टम रात में हुआ था.