Advertisement

TRP में सास-बहू ड्रामे का दबदबा, टॉप 10 में नहीं एक भी रियलिटी शो, कहां हुई चूक?

बार्क रेटिंग की टॉप 10 लिस्ट में एक भी रियलिटी शो नहीं है. रियलिटी शोज का रियल नहीं रहना कम टीआरपी मिलने की सबसे बड़ी वजह है. अब इन शोज में फेक ड्रामा, कंटेस्टेंट की गरीबी, इमोशनल स्टोरीज को भुनाया जा रहा है. समय आ गया है मेकर्स रियलिटी शोज में सच्चाई पर फोकस करें.

शोएब इब्राहिम-सलमान खान-मुनव्वर फारुकी शोएब इब्राहिम-सलमान खान-मुनव्वर फारुकी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:45 AM IST

एक दौर था जब रियलिटी शोज में सच्चाई होती थी. सिंगिंग शो में कंटेस्टेंट्स बस गाना गाते, डांस शोज में बस डांस करते थे. उनकी बैक स्टोरी दिखाकर शो को प्रमोट नहीं किया जाता था. उस वक्त का हर रियलिटी शो अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहा. दर्शकों के बीच इतनी पॉपुलैरिटी पाई कि उनके कई सीजन्स देखने को मिले. इस लिस्ट में डांस इंडिया डांस, सारेगामापा, इंडियन आइडल, नच बलिए, बिग बॉस जैसे कई रियलिटी शोज शामिल हैं. लेकिन अब बीते कुछ सालों में सब बदल गया है. एक नया ट्रेंड शुरू हुआ है.

Advertisement

टॉप 10 लिस्ट से बाहर रियलिटी शोज
रियलिटी शोज बस नाम के रियल रह गए हैं. तभी इन्हें टीआरपी नहीं मिल रही है. इन दिनों इंडियन आइडल, झलक दिखला जा, डांस दीवाने को लेकर सोशल मीडिया पर बज है. लेकिन हैरानी वाली बात ये है कि बार्क रेटिंग की टॉप 10 लिस्ट में एक भी रियलिटी शो नहीं है. अनुपमा नंबर 1 बना हुआ है. गुम है किसी के प्यार में, ये रिश्ता क्या कहलाता है, झनक, इमली, पांड्या स्टोर, तेरी मेरी डोरियां... टीआरपी में टॉप पर हैं. दूर दूर तक रियलिटी शोज का नाम नहीं है.

भूले भटके कहीं 19वीं रैंक पर कलर्स का शो डांस दीवाने 1.3 इंप्रेशंस के साथ बना हुआ है. अब इसे क्या कहेंगे? रियलिटी शोज को ऑडियंस की इतनी खराब रेटिंग शायद ही इससे पहले मिली होगी. साफ नजर आता है दर्शकों की पहली पसंद सास बहू ड्रामा हो चुके हैं. 

Advertisement

क्यों रियलिटी शोज को नहीं मिल रही टीआरपी?
रियलिटी शोज का रियल नहीं रहना कम टीआरपी मिलने की सबसे बड़ी वजह है. अब इन शोज में फेक ड्रामा, कंटेस्टेंट की गरीबी, इमोशनल स्टोरीज को भुनाया जा रहा है. मेकर्स और जजेज भी कंटेस्टेंटस की पॉपुलैरिटी को देखते हुए उन्हें हाईलाइट करने में लगे हैं. कंटेस्टेंट्स के साथ उनकी फैमिलीज भी शो का हिस्सा बन रही हैं. खिलाड़ी तो खिलाड़ी अब उनके मां-पापा पर एपिसोड फोकस रहता है. हर दूसरे शो की यही कहानी है.

स्टंट शो खतरों के खिलाड़ी पहले रियल था. बस एक्शन होता था. लेकिन अब यहां भी बिग बॉस खिलाड़ियों को बुलाकर लड़ाई-झगड़े क्रिएट होते हैं. स्टंट पर कम फोकस कर बाकी एंगल्स को पिच किया जा रहा. बिग बॉस तो कई सालों से अच्छी टीआरपी के लिए तरस गया है. सीजन 17 में तो ऐसा कुछ हुआ जिसका रियलिटी से दूर दूर का वास्ता नहीं था. सेलेब्स की पर्सनल लाइफ की शो में धज्जियां उड़ीं. फैंस ही नहीं सेलेब्स भी अब बिग बॉस के कंटेंट को ट्रोल कर रहे हैं. झलक दिखला जा-इंडियन आइडल  कम टीआरपी की वजह से इस सीजन जल्दी ऑफएयर हो रहे हैं.

सास बहू शोज ज्यादा रियल?
एक वक्त था कि सास बहू ड्रामा से लोग तंग आ गए थे. उनके रिपिटेटिव कंटेंट और इमेजिनेशन को ट्रोल किया जा रहा था. उस दौर में रियलिटी शोज को जबरदस्त बूम मिला था. लेकिन अब पासा फिर से पलटा है. 2024 में लोग रियलिटी शोज को छोड़ सास बहू ड्रामा देखना प्रिफर कर रहे हैं. क्योंकि लोग पहले से जानते हैं डेली शोज में ड्रामा और फिक्शन होना ही है. लेकिन ऐसा नाटक अब रियलिटी शोज में भी होगा, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी.

Advertisement

वैसे भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के बूम करने से ऑडियंस के पास एंटरटेनिंग कंटेंट की कमी नहीं रह गई है. रूरल एरियाज में आज भी घर की महिलाएं रियलिटी शोज से ज्यादा सास बहू शोज को देखना पसंद करती हैं. 

कैसे सुधरेंगे हालात?

फैंस को लगता है अब समय आ गया है मेकर्स रियलिटी शोज में सच्चाई पर फोकस करें. साइड एंगल्स को अवॉइड कर थीम पर डटे रहे. वरना इन शोज को यूं ही ऑडियंस की इग्नोरेंस झेलती रहनी पड़ सकती है. आपका क्या विचार है?
 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement