
'एजेंडा आजतक' के महामंच पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिरकत की. 'जीत की गारंटी' सेशन में उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की. उत्तर बनाम दक्षिण के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये बहस 2024 के चुनाव के बाद समाप्त हो जाएगी. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में हमारी सरकार रही है, हम आज भी वहां मुख्य विपक्ष हैं. तेलंगाना में हमारी सीटें निश्चित रूप से बढ़ने जा रही हैं. तमिलनाडु और केरल में भी हमारा वोट प्रतिशत और सीटों में बढ़ोतरी होगी.
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो लोग प्रदेश के चुनाव के नतीजों को भारत को बाटंने के तरीके के रूप में सोचते हैं, मैं इसकी घोर निंदा करता हूं, जो लोग उत्तर-दक्षिण का नैरेटिव खड़ा करते हैं वो भारत को जोड़ना नहीं, तोड़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जनता हमारे साथ है. 2024 का नतीजा देख लेना. गृहमंत्री ने आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर कहा कि हम 6 महीने पहले कोई लक्ष्य तय नहीं कर सकते. लेकिन हमारा बेस काफी मजबूत है. और जिनके नेतृत्व में हम चुनाव लड़ने जा रहे हैं, उनका दुनिया में कोई सानी नहीं है.
तेलंगाना के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि कौन आए, इसके लिए वोटिंग नहीं होती, बल्कि कौन जाए. इसके लिए वोटिंग होती है. तेलंगाना में भी ऐसा ही हुआ है. हमारी पार्टी के प्रदेश यूनिट और केंद्र में नड्डाजी ने दो-तीन लोगों को काम दिया है. हम इसका गंभीरता से विश्लेषण कर रहे हैं. इस पर आत्मचिंतन करेंगे. उन्होंने कहा कि तेलंगाना में लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी होगी. सबसे ज्यादा सीटें भी बीजेपी को मिलेंगी.
अमित शाह ने कहा कि जब हमारी पार्टी की ओर से कठोर फैसले लिए जाते हैं, तो पार्टी के कार्यकर्ता कहते थे कि हमारी वोट बैंक हर्ट होती है. लेकिन जब देश के अंदर परिवर्तन के लिए फैसले जरूरी होते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी के वोट बैंक की चिंता नहीं करते. देश की जनता को सामने रखकर कठोर फैसले लिए. यही कारण है कि सभी पैरामीटर्स में आज भारत सबसे आगे है.
फ्री बी को लेकर अमित शाह ने कहा कि कई जगह पर राज्य के नेतृत्व ने कुछ फैसले किए हैं. लेकिन हमारा चुनाव जीतने का एकमात्र आधार ये नहीं हैं. हमारे यहां राज्य के विकास के एजेंडे के साथ ही दलित, आदिवासी, पिछड़ों के लिए योजनाएं भी हैं. जो फ्री बी नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हमारा एजेंडा राज्य के विकास का है.