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एजेंडा 2023: 'राजीव गांधी को लगता था कि मेरी मम्मी...' इंदिरा गांधी का जिक्र कर बीजेपी सांसद ने कांग्रेस पर किए वार

एजेंडा आजतक 2023ः भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का जिक्र करते कांग्रेस पर हमला बोला. बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि राजीव गांधी को लगता था कि मेरी मम्मी सशक्त हैं तो हर महिला सशक्त है.

बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 1:35 PM IST

विचारों का महाकुंभ एजेंडा आजतक 2023 के मंच पर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद सुनीता दुग्गल, कांग्रेस की अमी बेन के साथ ही शिवसेना यूबीटी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, तृणमूल काग्रेस की नेता सुष्मिता देव ने 'नारी शक्ति' सेशन में शिरकत की. इस सेशन में बीजेपी से लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस की महिला सांसदों ने नारी शक्ति को लेकर अपने विचार खुलकर रखे, सवालों के बेबाकी से जवाब दिए.

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महिला आरक्षण बिल पास कराने के श्रेय किसका? इस सवाल पर बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि हमने महिलाओं के लिए विशेष सत्र बुलाया. हां, सभी ने इसका समर्थन किया. कांग्रेस सांसद अमी बेन ने कहा कि खुशी है कि चलो विधायिका में भी महिला आ सकेगी. उन्होंने ये भी कहा कि महिलाओं को व्यक्तिगत स्तर पर एम्पावरमेंट की जरूरत है जो समाज से आता है. हमें ये भी सोचना होगा कि क्या महिलाओं का एम्पावरमेंट हो गया.

शिवसेना यूबीटी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने महिला आरक्षण बिल पास किए जाने को लेकर कहा कि अब महिलाएं अधिक तादाद में वोट करने लगी हैं तो राजनीतिक दलों को उनकी अहमियत समझ आने लगी है. आने वाले चुनावों में किसी को भी ये कहने की जरूरत नहीं होगी कि आप टिकट महिलाओं को दें. उन्होंने वसुंधरा राजे को राजस्थान का सीएम नहीं बनाए जाने को लेकर दुख जताया.

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कांग्रेस नेता अमीबेन याज्ञनिक

टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने महिलाओं को टिकट देने में राजनीतिक दलों की कंजूसी को लेकर सवाल पर कहा कि अगर लीडर चाहे तो एक महिला को टिकट देकर जीता सकते हैं. ममता बनर्जी देश की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री हैं. ममता बनर्जी के नाम पर बंगाल में लोग वोट करते हैं तो ये नारी सशक्तिकरण का ही उदाहरण है.

केक का साइज बढ़ जाएगा तो नहीं होगी दिक्कत

डीलिमिटेशन की कंडीशन, सीटों की संख्या बढ़ाने के बाद महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी के सवाल पर सुनीता दुग्गल ने कहा कि अभी हमलोग कितना भी महिला सशक्तिकरण की बात कर लें, सोसाइटी मैन डॉमिनेटिंग है. केक साइज बढ़ जाएगा तो उन्हें भी अधिक दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने ये भी कहा कि 2011 की जनगणना ओवरड्यू हो चुकी है. जनगणना होगी और उसके आधार पर डीलिमिटेशन होगा और फिर 33 फीसदी आरक्षण महिलाओं को मिलेगा. इसे राजनीति के चश्मे से देखना उचित नहीं होगा.

महिला आरक्षण के भीतर ओबीसी कोटा की मांग से संबंधित सवाल पर कांग्रेस सांसद अमी बेन ने कहा कि पंचायतीराज प्रणाली में महिला आरक्षण का जिक्र किया और कहा कि इसे हम पॉलिटिकली नहीं, लीगली लाए थे. 30 साल में ये एम्पावरमेंट हुआ है. 2012 में ही राज्यसभा से इसे लेकर बिल राज्यसभा से पारित हो गया था. उन्होंने कहा कि 2014 से ही बीजेपी को बहुमत है लेकिन ये बिल नहीं लाए. सोनिया गांधी ने इसे लेकर बार-बार पत्र लिखे. अब लेकर आए तो भी कंडीशन के साथ. उन्होंने ओबीसी पुरुष के लिए आरक्षण पर उन्होंने कहा कि ओबीसी पुरुष खुद आरक्षण मांगेंगे न अभी. देखते रहिए.

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प्रियंका चतुर्वेदी ने याद दिलाया 2014 के चुनाव का वादा

प्रियंका चतुर्वेदी ने साफ किया कि हमारा स्टैंड साफ था कि हम महिला आरक्षण का समर्थन करें और इसके लिए हम कोटा के भीतर कोटा नहीं मांग रहे.उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के समय जब पंचायत में महिला आरक्षण लागू हुआ, उनकी बहुमत वाली सरकार थी. उसके बाद कोई बहुमत की सरकार आई तो नरेंद्र मोदी की सरकार 2014 में आई. आपने तब भी घोषणा पत्र में ये वादा किया था और बिल लेकर अब आए. जब आपने वादा किया था तब ये नहीं कहा था कि हम केक आधे किलो से एक किलो करेंगे तब आपको आरक्षण देंगे. डीलिमिटेशन में नॉर्थ बनाम साउथ अभी से ही शुरू हो गया है, उनकी भी अपनी चिंता हैं.

शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी

सुष्मिता देव ने कहा कि पुरुष ये सोचते हैं कि हम अपनी सीट क्यों दें. इसके लिए डीलिमिटेशन की व्यवस्था की गई है. कई एनजीओ भी ऐसे हैं जिन्होंने महिला आरक्षण के लिए लड़ाई लड़ी. अब पारित होने के बाद वह आंदोलन भी नहीं कर सकते. सरकार डीलिमिटेशन की बात करने की जगह ये भी कह सकती थी कि हम पांच साल के भीतर इसे लागू करेंगे. उन्होंने कहा कि ये पारित भी हो गया और मिला भी नहीं. डीलिमिटेशन कब होगा, इसका पता नहीं. सुनीता दुग्गल ने राजीव गांधी का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस पर वार किया.

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बीजेपी सांसद ने राजीव गांधी का नाम लेकर कांग्रेस को घेरा

बीजेपी सांसद ने कहा कि राजीव गांधी को लगता था कि मेरी मम्मी सशक्त हैं तो सभी महिलाएं सशक्त हैं. क्या किसी ने कभी महिलाओं के बारे में सोचा? पीएम मोदी ने टॉयलेट बनवाए. उन्होंने कहा कि जब तक आप महिलाओं को ग्राउंड लेवल पर सशक्त करना जरूरी है और इसे किसी ने समझा तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझा. बीजेपी सांसद ने महिला वोट पोलिंग परसेंटेज बढ़ने के साथ ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का जिक्र करते हुए कहा कि चीजें जब टॉप लेवल से आती हैं तो धरातल पर असर करती हैं. हमने राम मंदिर बनाने से लेकर अनुच्छेद 370 हटाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि हम महिलाओं को रिप्रेजेंटेशन देंगे तो देंगे. ये मोदी की गारंटी है.

टीएमसी सांसद सुष्मिता देव

कांग्रेस सांसद अमी बेन ने महिला वोट में बीजेपी के बड़े हिस्से को लेकर कहा कि ग्राउंड लेवल पर देखेंगे तो महिला अत्याचार की घटनाएं चार फीसदी बढ़ी हैं. न्याय की बात नहीं होती. महिला पहलवानों के साथ क्या हुआ. महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले बढ़ गए हैं. महिला को सुरक्षित माहौल चाहिए. हम वर्क प्लेस पर सुरक्षा के लिए कानून लेकर आए थे. महिला-बच्चों के लिए पोषण युक्त भोजन पहुंचता ही नहीं है. हम हंगर इंडेक्स में 111 पर हैं. 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देना पड़ रहा है तो आप कौन सा एम्पावरमेंट कर रहे हो. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण देते हुए कहा कि वह उस समय पढ़ीं. वह पढ़कर आई हैं.

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राजीव ने उठाया महिला सशक्तिकरण के लिए कदम

शिवसेना यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि महिलाओं में पॉपुलैरिटी है तभी वो जीतकर आ रहे हैं. राजीव गांधी ने महिला सशक्तिकरण के लिए कदम उठाया. डिंपल यादव को उनके परिवार ने नहीं, जनता ने जिताया. उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 74 फीसदी महिलाओं को हेल्दी खाना नहीं मिल रहा. यूपी में बीजेपी के एक विधायक को 15 साल की लड़की से रेप के मामले में दोषी ठहराया गया है. बदलाव होगा.

टीएमसी सांसद ने पीएम मोदी को दी कौन सी चुनौती

सुष्मिता देव ने कहा कि चुनाव में हार-जीत चलती रहती है. राजनीति में कोई नहीं कह सकता कि तीन महीने बाद क्या होने वाला है. महिलाओं को एससी, एसटी वोट बैंक की हम बात करते हैं,महिलाओं को अलग सेक्शन की तरह ट्रीट करना जरूरी हो गया है और ये ममता बनर्जी ने किया है. उन्होंने गैस सिलेंडर को महिलाओं से जोड़े जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या हमारी जगह बस किचेन में है? सभी को ये समझना होगा कि महिला वोटर्स की यूनिक नीड्स हैं. राजीव गांधी ने पंचायत चुनाव में आरक्षण देकर साबित कर दिया कि आप मौका देंगे तो वो सक्षम बन जाएंगी. मोदीजी को लेकर दावा किया जाता है कि ये सबसे बड़े वोट कैप्चर हैं तो लाइए न आप महिलाओं को जिताकर सदन में.

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परिवारवाद को लेकर सवाल पर सुष्मिता देव ने कहा कि सोनिया गांधी हों या पूनम महाजन या प्रियंका गांधी, उनके परिवार ने नहीं जनता ने जिताकर भेजा. बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि महिलाओं को पहले ईज ऑफ लिविंग तो आना चाहिए. इसके बाद कांग्रेस सांसद अमी बेन ने कहा कि मेरे घर में तो पुरूष भी चूल्हा जलाते हैं. सुष्मिता देव ने यूनाइटेड इंडिया, अमी बेन ने महिला सशक्तिकरण और बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल ने भारत में महिला सशक्तिकरण से विश्व में नारी सशक्तिकरण को 2024 के लिए अपना एजेंडा बताया.

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