
एजेंडा आजतक के मंच पर जब यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पूछा गया कि इंडिया गठबंधन में लीडर के तौर पर ममता बनर्जी का नाम आ रहा है. जबकि, लोकसभा चुनाव में सपा ने जो काम किया, उससे बीजेपी का आंकड़ा कम हुआ. ऐसे में जितना क्रेडिट मिलना चाहिए था, क्या उतना आपको मिला है. इस पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट कहा कि जो बीजेपी को हराएगा हम उसके साथ हैं.
अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता को लेकर मेरी राय यही है कि बीजेपी को जो हटाएगा, हम उसके साथ है. मेरी लीडरशिप के लिए कोई लड़ाई नहीं है. आगे जब उनसे पूछा गया कि इंडिया गठबंधन के लिए कोई उद्धव ठाकरे के लिए बोलता है, कोई ममता बनर्जी के लिए बोलता है, कोई राहुल गांधी के लिए बोलता है. इस पर उन्होंने कहा कि क्योंकि मैं दूसरों के लिए बोलता हूं.
'मैं सिर्फ यूपी तक केंद्रित हूं'
अखिलेश ने कहा कि अब मैं किसके लिए बोलता हूं ये नाम नहीं बता सकता. क्योंकि ये हमारे गठबंधन का इंटरनल मामला है. देखिए मैं सिर्फ यूपी तक केंद्रित हूं. क्योंकि मैं मानता हूं कि मैं इतना बड़ा नेता नहीं हूं कि पूरे देश को देखूं. मैं सिर्फ यूपी के लिए काम करता हूं.
यूपी ही पीएम तय करता है...
अखिलेश ने कहा कि हमलोग यूपी से हैं और यूपी ही प्रधानमंत्री बनाता है और यूपी ही दिशा तय करता है. ये जो 400 का जो नारा था. इसे यूपी की जनता ने ही रोका है. इसमें पीडीए परिवार का योगदान है. सपा ने जो लड़ाई लड़ी उसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को मैं बधाई देता हूं.
अखिलेश ने बताया कैसे बीजेपी से जीतना है संभव
ऐसे ही हमलोगों ने ये मुकाबला नहीं जीता है. कई सालों से हमलोग मेहनत कर रहे थे. इसी का परिणाम है. कोई हमें उम्मीदवार दे चाहे नहीं दे. सबको पता है कि समाजवादी पार्टी वहां मौजूद है जो ऐसी सांप्रदायिक पार्टी से लड़ाई लड़ती रहेगी. सपा ने जो लड़ाई लड़ी उसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को मैं बधाई देता हूं.
'मुस्लिम और यादव वोटरों के काटे गए थे नाम'
अखिलेश यादव ने कहा कि मैं जब 2022 में चुनाव हारा, तो मैंने ये कहा कि चुनाव आयोग ने जानबूझकर हमारे वोटरों के नाम काट दिये. इसके बाद मुझे नोटिस मिला था, तो मैंने सबूत के साथ सभी के नाम दिये. मैंने मंच से कहा था कि मेरे 18 हजार वोट जो काटे गए थे. इनमें कई सारे लोग जिंदा थे. इसमें बहुत सारे लोगों मुस्लिम और यादव वोटर थे. इनके नाम चिह्नित कर-करके नाम काटे गए थे.
हरियाणा और महाराष्ट्र से सीख लेने की कही बात
इससे पहले अखिलेश ने हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव की समीक्षा को लेकर कुछ बातें कही और बताया कि कैसे बीजेपी से मुकाबला किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी से मुकाबला करना है तो आपको जमीन पर रहकर उनका मुकाबला करना होगा. संपूर्ण क्रांति के समय जब जेपी ने ये आह्वान किया था कि चुनाव का खर्चा कैसे कम हो. ऐसे में जबतक चुनाव का खर्चा एक पैमाने से ऊपर जाता है तो आप बीजेपी का मुकाबला नहीं कर पाएंगे.
अखिलेश यादव ने कहा कि मैं किसी दल के खिलाफ नहीं बोलना चाहता हूं. लेकिन बीजेपी का जो जमीन पर काम करने का तरीका है, कम से कम उससे बेहतर तरीके से दूसरे दलों को काम करना होगा तभी आप कामयाब होंगे. उत्तर प्रदेश जैसी जगह पर जिस समय समाजवादी पार्टी ने पीडीए का नारा बनाकर काम किया, तो बीजेपी हार गई. पीडीए जितना मजबूत होगा, बीजेपी उतनी कमजोर होगी.