
दिल्ली के ली मेरेडियन होटल में चल रहे एजेंडा आजतक 2024 के अंतिम दिन शनिवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी अब तक के कार्यकाल के बारे में खुलकर बातें की. साथ ही उन्होंने आगे की योजनाओं के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि मुझे अपने राज्य में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है. इसके लिए यहां उद्योग धंधा लगाने की जरूरत है और इंडस्ट्रीज के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स की.
मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में निवेश के लिए मैंने सीधे जर्मनी और इंग्लैंड का दौरा नहीं किया है. हम देश और राज्य के विभिन्न जगहों पर भी गए. वहां कॉन्क्लेव किये. मैंने अपने राज्य के सागर, रीवा, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर में रीजनल कॉनक्लेव किये और वहां काम करने वाले लोगों से कहा कि आप जो भी काम कर रहे हैं, इसमें हमारे तरफ से और क्या सहयोग किया जा सकता है, बताएं.
कैसे एमपी में निवेशकों को आकर्षित करेंगे?
आगे उन्होंने बताया कि इसके बाद हमनें मुंबई, कोयमबट्टूर, कोलकाता में रोड शो किये. यानी राज्य की सीमा से बाहर निकले और देश के अन्य निवेशकों से बातचीत और उन्हें मध्य प्रदेश में निवेश करने को कहा. एक बात मैं कोलकाता की दीदी को बता दूं कि वहां से 10 हजार करोड़ का निवेश लेकर आया हूं. इस तरह स्थानीय इन्वेस्टर्स को मौका देने के लिए हम राज्य के बाद मैं देश में भी घूमें. तब जाकर ग्लोबल निवेशकों को बुलाने विदेश गया.
'मध्य प्रदेश में विश्वस्तरीय निवेश की कोशिश'
मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में उद्योग धंधे में विश्वस्तरीय निवेश हो. इसके लिए मैं पहले इंग्लैंड गया. वहां से मैं 60 हजार करोड़ का निवेश लेकर आया . फिर मैं जर्मनी गया. वहां से भी 20 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट लेकर आ रहे हैं. हमें अपने यहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स को अपनी ओर खींचना है. इसलिए हमने पॉलिसियां भी वैसी ही बना रखी है.
महाराष्ट्र के उद्योग गुजरात में शिफ्ट हो रहे हैं तो उसे एमपी कैसे लाएंगे?
एमपी के सीएम ने कहा कि मैं भी पीएम मोदी की लाइन पर ही चलता हूं. उन्होंने गुजरात में निवेश के लिए निवेशकों से कहा कि आप जो यहां काम करते हैं, यहां भी करो और हमारे यहां भी आओ. बेहतर होगा कि अगर हमारे राज्य में भी बाहर से लोग अपने काम का फैलाव करते हैं तो यहां रोजगार बढ़ेगा.
'मध्य प्रदेश में निवेशपरक है माहौल'
मोहन यादव ने कहा कि हमारे यहां काफी जमीनें हैं. मजदूरों की कमी नहीं है. यहां जल संपदा भी काफी है. एमपी देश के मध्य में हैं. अगर हम अपनी जमीन, बिजली, पानी और सड़क किसी उद्योग को देते हैं तो उन्हें भी फायदा होगा और यहां के लोगों को भी काम मिलेगा. सबसे बड़ी बात कि हमारे यहां लेबर सस्ते हैं. यहां कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है. इस लिहाज से हमारे यहां उद्योगपतियों और मजदूरों का रिश्ता निवेश परक होगा. पॉलिसियां भी इसी प्रकार से है.
अब रेडिमेड गारमेंट उद्योग पालिसी की बात करें तो हमारे यहां काफी कपास होता है. यहीं से कपास तमिलनाडु और अन्य राज्यों में जाता है, जहां वे धागे से कपड़ा तक बनाते हैं. फिर निर्यात होता है. मैंने कहा कि हमारे यहां ही कपड़ा बनाईये न. यहां कपास भी उपलब्ध होगी, जमीन भी मिल जाएगी, मजदूर भी मिलेंगे.