
Agenda Aaj Tak 2024: एजेंडा आजतक का मंच एक बार फिर सज गया है. राजधानी दिल्ली के होटल ले मेरिडियन में शुक्रवार (13 दिसंबर) से विचारों के महामंच पर कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है. ये सिलसिला शनिवार (14 दिसंबर) तक चलेगा. इस दौरान देश-दुनिया के दिग्गज इस मंच पर बतौर मेहमान नजर आएंगे और अपनी बात रखेंगे. ये दो दिन राजनीति, अर्थव्यवस्था, साहित्य, देश-विदेश और कला-संस्कृति की हर उस विधा के नाम होंगे, जो हमारी जिंदगी से नजदीकी से जुड़े हैं.
इंडिया टुडे ग्रुप की एग्जिक्यूटिव एडिटर इन चीफ और वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि एजेंडा आजतक 2024 में आप सबका स्वागत है. स्पेशली हमारे प्लेटिनम डेलिगेट्स का. ये हिंदी जगत का महामंच है. यहां पर हम सभी दलों के विचार एक स्टेज पर लाने का प्रयास करते हैं.
'एक लीडर होने का मतलब है...'
उन्होंने कहा, पिछले 25 साल से आजतक मजबूती से एक लीड न्यूज ब्रांड बनकर डटा हुआ है. एक लीडर होने का मतलब है हमेशा कुछ नया करना, नए सपने दिखाना और नई उड़ान भरना. हमारी कोशिश रहती है कि हम सिर्फ खबरों को ही प्रस्तुत ना करें, बल्कि उन कहानियों को भी सामने लाएं जो हमारे देश को, हमारे समाज को बेहतर बना सकती हैं. इस मकसद में आपके विश्वास के कारण हम कामयाब हुए हैं. हर इलेक्शन में हम कुछ नया लेकर आना चाहते हैं. इस साल के इलेक्शन में भी हमने कुछ अद्भुत किया है. भारत में ऐसा पहली बार हुआ है.
'असली सीक्रेट आपका साथ है...'
इंडिया टुडे ग्रुप की एग्जिक्यूटिव एडिटर इन चीफ और वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने कहा, हमने अपना आजतक का हेलिकॉप्टर फील्ड में उतारा. इसलिए हम सबसे ज्यादा जिले कवर कर पाए. ज्यादा से ज्यादा लोगों की आवाज सुन पाए. 100 सीटों को कवर कर पाए. इसका मतलब 200 लैंडिंग्स और टेक ऑफ के साथ हमारा हेलिकॉप्टर शॉट का सफर शुरू हुआ. उन इलाकों में जाना था जहां कोई लैंडिंग सुविधा ही नहीं थी, वहां कभी हेलिकॉप्टर आया ही नहीं था. ये हिम्मत सिर्फ एक लीडर की सोच में ही हो सकती है और इसका असली सीक्रेट आपका साथ है. जहां पर भी हम गए, लोग हमारी ग्राउंड टीम के साथ मिलकर काम करने लगे. हमारी टीम का हिस्सा बन गए. मुश्किल है इस ठंड के मौसम में याद करना, पर उस समय टेम्परेचर 45 डिग्री के ऊपर था. फिर भी लोग घंटों, तपती गर्मी में हमारा इंतजार करते थे. लोग हमारे लिए अपने घर का खास खाना लेकर आते थे. कहीं इतने प्यार से सिड्डू में घी डालकर खिलाया. तो कहीं एक महिला स्टील के डिब्बा में घर पर बने लड्डू लेकर आई. बोली आप अपना ख्याल रखें. आप ठीक रहेंगे तो देश ठीक रहेगा. बताईए, दिल जीतने वाली बात है कि नहीं.
'जब कॉलोनी वालों ने लगाए जिंदाबाद के नारे...'
इंडिया टुडे ग्रुप की एग्जिक्यूटिव एडिटर इन चीफ और वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने कहा, लखनऊ के पंतनगर में हमारी रिपोर्ट की वजह से बुलडोजर गलत जगह चलने से रुक गया. कॉलोनी वालों ने रिपोर्टर को घेर लिया और उसके साथ 'आजतक जिंदाबाद', 'रिपोर्टर भैया जिंदाबाद' के नारे लगाए. यूपी में जूनियर इंजीनियर्स की रिक्रूटमेंट पांच साल से नहीं हुई थी. वहां स्टोरी कर-करके रिक्रूटमेंट शुरू करवा दी तो जूनियर इंजीयर मिठाई का डिब्बा लेकर आ गए कि आजतक की वजह से हम आज इंजीनियर बन गए. राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले को एक्सपोज करने से बहुत सारे लोग अरेस्ट हुए तो स्टूडेंट्स ऑफिस आ गए रिपोर्टर को धन्यवाद देने के लिए.
उन्होंने कहा, दिल्ली में जब अचानक पानी भरने से कोचिंग सेंटर में स्टूडेंट की जान चली गई तो हमारी रिपोर्ट की वजह से वहां तुरंत एफआईआर हो गई और एक्शन हो गया. मणिपुर के तनाव पूर्ण माहौल में हमारे रिपोटर्स घाटी और पहाड़ी दोनों ही जिलों में गए. दोनों ही समुदाय कुकी और मैतेई ने रिपोर्टर को बोला कि आप ही हैं जो हमें भूले नहीं हैं. हम बस अपना पक्ष बताना चाहते हैं. हम आपको अपनी जान देकर सुरक्षा देंगे और वहां के प्रशासन ने भी सुरक्षा दी और अपना पक्ष रखा.
'हम खुद को जनता का रिपोर्टर मानते हैं'
ऐसी अनगिनित रिपोर्ट्स हैं, जहां हमारे काम की वजह से बदलाव आया है. लोगों का विश्वास है कि बिना TRP का तड़का लगाए हम उनकी बात सही जगह पहुंचा देंगे. हम सब खुद को जनता का रिपोर्टर मानते हैं. चाहे एंकर्स हों, एडिटर्स हों या प्रोड्यूसर्स. इस लोकसभा चुनाव में मुझे भी ग्राउंड पर जाने का मौका मिला और आम लोगों से लेकर बड़े नेताओं ने हमसे खुलकर बात की. पीएम ने हमें तीन जबरदस्त इंटरव्यू दिए. अलग-अलग अंदाज में. वहीं, अमित शाह जी ने गांधीनगर रोड शो में, योगी जी ने गोरखपुर में, अखिलेश जी ने लखनऊ में उनकी बस पर, प्रियंका जी ने अमेठी में और तेजस्वी जी ने अपने कैंपेन के आखिरी पड़ाव में इंटरव्यू दिया.
'लोगों की जिंदगी का हिस्सा है आजतक'
सभी उम्मीदवार के रूप में अपनी बात आजतक के माध्यम से लोगों के बीच पहुंचाना चाहते थे. जैसे आपने अभी महाराष्ट्र के चुनाव में भी देखा, जहां सत्ता के सभी दावेदार हमसे बातचीत कर रहे थे. लीडर्स कहते थे कि हम बोलेंगे तो इतना विश्वास नहीं होगा जितना अगर आजतक में चल गया तो होगा. जहां पर भी गए एहसास हुआ कि आजतक सिर्फ एक न्यूज चैनल नहीं है, वो लोगों की जिंदगी का हिस्सा है. बड़े लीडर हों या एक आम भारतीय, सबने आजतक को अपना मंच माना. कितनी बड़ी जिम्मेदारी दी है सबने कि हम सबकी बात ठीक से रख सकें. ये सिर्फ एक एंकर, एक रिपोर्टर, एक राजनेता और एक दर्शक की कहानी नहीं है.
आजतक एक-दूसरे की बात सुनने का जरिया बन गया है. एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर आगे बढ़ने का हौसला है. कुछ हमसे ज्यादा बड़े चीज में शामिल होने का एहसास है. जहां पर हम गए, कुछ लोगों ने कहा कि हम धन्य हैं कि आजतक यहां आया. मैं कहना चाहती हूं कि हम धन्य हैं कि आपने हम पर ये अटूट विश्वास किया. आप ऐसे ही हमारा साथ निभाते रहिए, ताकि हम बड़े-बड़े हेलिकॉप्टर शॉट मारते रहें और एक साथ इस देश का एजेंडा तय करते रहें. आईए, अब शुरू करते हैं दो दिन का पावर पैक्ड सुपरफास्ट, सबसे तेज, सबसे गरम प्रोग्राम.