
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आजतक के खास कार्यक्रम 'एजेंडा आजतक' में कई मुद्दों पर खुलकर बात की. शाह ने बंगाल-झारखंड बॉर्डर से बांग्लादेशी घुसपैठ, वन नेशन-वन इलेक्शन, मुस्लिम आरक्षण, EVM, गौतम अडानी, राहुल गांधी, मणिपुर हिंसा, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा और महाराष्ट्र चुनाव पर पूछे गए सवालों का जवाब दिया. गृह मंत्री ने महाराष्ट्र चुनाव में एकनाथ शिंदे की नाराजगी को खारिज किया. उन्होंने उद्धव ठाकरे को जनता के साथ धोखा करने वाला नेता बताया.
भारत-बांग्लादेश सीमा पर क्या है स्थिति?
अमित शाह ने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा का 96 फीसदी हिस्सा फेंसिंग से सुरक्षित किया जा चुका है, वहां से घुसपैठ नहीं हो रही, लेकिन 4 फीसदी हिस्से पर फेंसिंग नहीं हुई है, क्योंकि वहां नाला है, ब्रह्मपुत्र नदी हैं, बड़े-बड़े तालाब हैं, जंगल की सीमाएं हैं, पहाड़ियां हैं जहां ऊपर-खाबड़ जमीन हैं, वहां फेंसिंग हो ही नहीं सकती.
उन्होंने कहा कि जहां से घुसपैठ हो रही है, उन इलाकों को चिह्नित कर मैंने दिसंबर 2019 में राज्य सरकारों को रिपोर्ट भेजी थी. मैंने निर्देश दिए थे कि अगर कोई राशन कार्ड, आधार कार्ड या मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन करता है तो उसकी पूछताछ ढंग से होनी चाहिए. इस प्रक्रिया में सावधानी बरती जाए. असम में ये रुक चुका है. मैं भरोसा दिलाता हूं कि ओडिशा में भी ये रुक जाएगा, लेकिन बंगाल और झारखंड में नहीं रुक रहा है. अमित शाह ने आरोप लगाया कि कुछ राज्य सरकारें इन घुसपैठियों को वोटबैंक के तौर पर देखती हैं और इस वजह से इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहीं.
'वन नेशन-वन इलेक्शन' क्यों है जरूरी?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी. शाह ने आरोपों को खारिज किया कि यह बिल संघीय ढांचे को कमजोर करता है. उन्होंने कहा कि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' कोई नई बात नहीं है. 1952 में सभी चुनाव एक साथ हुए थे. 1957 में अलग-अलग तारीखों के बावजूद, आठ राज्यों की विधानसभाएं भंग कर दी गईं ताकि एक साथ चुनाव कराए जा सकें. इसके बाद तीसरी बार भी यह प्रक्रिया अपनाई गई.
शाह ने यह भी कहा कि यह धारणा गलत है कि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' बीजेपी के लिए फायदेमंद होगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 2014 और 2019 में ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हुए थे, लेकिन बीजेपी वहां हार गई. 2019 में पूरे देश में बड़ा जनादेश मिला, लेकिन आंध्र प्रदेश में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा.
जब तक बीजेपी का एक भी सांसद है, धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होने देंगे: शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब तक संसद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एक भी सांसद है, हम धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि ये कहते थे कि आप संविधान बदल देंगे. कांग्रेस के नेता आज भी बोले कि आपकी सीटें 240 आईं वरना आप बदल देते.
अमित शाह ने कहा कि उनको नहीं मालूम है कि 10 साल तक हमने दो तिहाई बहुमत के साथ एनडीए की सरकार चलाई. हमने आरक्षण को नहीं छुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम आरक्षण देकर एससी-एसटी और ओबीसी आरक्षण को कम करने का कार्य किया है. हमने नहीं किया है. आज फिर आजतक के इस इवेंट में दोहराना चाहता हूं कि जब तक बीजेपी का एक भी सांसद सदन में है, हम न धर्म के आधार पर आरक्षण आने देंगे और ना एससी-एसटी, ओबीसी के कोटा में कटौती होने देंगे.
EVM को लेकर विपक्ष के सवालों पर बोले अमित शाह
विपक्ष द्वारा EVM पर उठाए जाने वाले सवालों को लेकर अमित शाह ने कहा कि लोकसभा चुनाव ईवीएम से हुआ था, राहुल गांधी मानते हैं कि लोकसभा चुनाव में वो जीत गए हैं, तो ईवीएम ठीक थी, झारखंड में कांग्रेस शपथ लेकर सत्ता में बैठ गई, तो ईवीएम ठीक थी, लेकिन महाराष्ट्र में जनता ने पटखनी दे दी तो ईवीएम खराब है, हरियाणा में कांग्रेस हार गई तो वहां भी ईवीएम खराब है. उन्होंने कहा कि विपक्ष की हालत -'नाच ना जाने आंगन टेढ़ा' के जैसी है.
बोफोर्स की तरह सरकार पर क्यों नहीं चिपकेगा अडानी का मुद्दा?
गृह मंत्री ने 'शाह है तो संभव है' सत्र में अडानी मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि बोफोर्स इनसे इसलिए चिपका, क्योंकि जीप कांड से लेकर तमाम इनके साथ चिपके हुए थे. विपक्ष यह आरोप लगा रहा है कि अडानी मुद्दे पर सरकार चर्चा नहीं चाहती इसलिए संसद नहीं चलने दे रही. इसे लेकर सवाल पर अमित शाह ने कहा कि पांच दिन से तो संसद चल ही रही है. कल कर लीजिए बहस. हमारे पास कुछ भी छिपाने को नहीं है.
अमित शाह ने कहा कि फर्जी आरोप बीजेपी पर लगा दोगे, ये हमारी पार्टी का कल्चर नहीं है. कांग्रेस को कहना चाहता हूं कि याद कीजिए अपने 10 साल. सुषमा जी बखिया उधेड़ देती थीं. कोर्ट में क्यों नहीं जा रहे हो. क्या हुआ पेगासस में. कोर्ट ने फोन मांगा तो नहीं दिए. इस देश में कोर्ट भी है.
राहुल गांधी पर अमित शाह का वार
अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि ऐसा आदमी पहली बार देखा है जो पराजय से अहंकारी हो रहा है. अमित शाह ने कहा कि जय-पराजय के कई कारण होते हैं. कई चीजें ऐसी होती हैं जो चुनाव में मैटर करती हैं. कुछ भ्रम ऐसे होते हैं जो प्रभावित करते हैं. इसका निर्णय पांच सितारा होटल में नहीं होता, गांव-गांव की धूल फांकनी पड़ती है.
उन्होंने कहा कि जब चुनाव मैदान में जाते हैं, जीत के विश्वास के साथ जाते हैं नहीं तो विपक्ष में बैठना पड़ता है. लोकसभा चुनाव ईवीएम से हुआ था. राहुल गांधी मानते हैं कि वे जीत गए हैं, तब ईवीएम बराबर था. झारखंड में जीत गए, ईवीएम बराबर था. हरियाणा और महाराष्ट्र में हारे तो ईवीएम में खराबी है. नाच न आवै आंगन टेढ़ा.
मणिपुर में क्यों नहीं थम रही हिंसा, गृह मंत्री शाह ने दिया ये जवाब
गृह मंत्री ने मणिपुर हिंसा को लेकर पूछे गए सवालों के भी जवाब दिए और कहा कि वहां नस्लीय हिंसा हो रही है. ये न आतंकी हैं और ना ही धर्म के आधार पर दंगे हो रहे. जब भी मणिपुर में नस्लीय हिंसा हुई, एक-डेढ़ साल तक चला है. कई बार तीन-तीन साल तक चला है. अब हिंसा कम हुई है और स्थिति ठीक हो जाएगी.
मणिपुर में सीएम बदलने की डिमांड को लेकर सवाल पर अमित शाह ने कहा कि यह निर्णय पार्टी करती है. बदलेंगे तो उसके बाद का रिएक्शन क्या होगा, उसकी भी चिंता करनी होती है क्योंकि ये कम्युनिटी का संघर्ष है. सभी पहलुओं पर हम राय कर रहे हैं और इसका समाधान निकालेंगे.
जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिलेगा?
अमित शाह ने बताया कि जम्मू कश्मीर की स्थिति अब बेहतर है. जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिलेगा? इसपर शाह ने कहा कि मैं संसद में पहले ही बता चुका हूं कि उचित समय पर उचित निर्णय लिए जाएंगे. दो करोड़ से ज्यादा यात्री जम्मू कश्मीर गए हैं. सिनेमाहाल खुला है. ताजिया का जुलूस निकला है. चुनाव में एक गोली नहीं चली. एक व्यक्ति मरा नहीं है और कहीं भी रीपोलिंग नहीं हुई.
शिंदे के नाराज होने की वजह नहीं: अमित शाह
अमित शाह ने महाराष्ट्र में सीएम के चुनाव पर कहा कि एकनाथ शिंदे जी की नाराजगी की कोई वजह नहीं थी. उन्होंने कहा कि हमारी काफी ज्यादा सीटें हैं. हमारी सीटें ज्यादा थीं लेकिन हमने उनको सीएम बनाया और ढाई साल मजबूती से चट्टान की तरह उनके पीछे खड़े रहे.
'उद्धव ठाकरे ने जनता के साथ धोखा किया'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री बनने के लिए हमारे और महाराष्ट्र के जनादेश के साथ धोखा किया. पहले हमारे साथ उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने विश्वासघात किया था. जनता ने इस घटना को भी अपने जहन में रखा. इसके बाद ढाई साल के लिए जो शिंदे सरकार बनी, उसने जो विकास कार्य किए और मोदी सरकार के 10 साल के काम की पॉजिटिव लैगेसी थी. इसी की वजह से प्रचंड बहुमत मिला है.