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'नाच ना जाने आंगन टेढ़ा...', EVM को लेकर विपक्ष के सवालों पर बोले अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि विपक्ष का कल्चर है कि आरोप लगाओ और भाग जाओ. कांग्रेस कहती थी कि हम संविधान बदल देंगे. आज भी कांग्रेस के एक नेता बोले कि आपकी 240 सीटें आईं, वरना आप संविधान बदल देते. उन्हें ये मालूम नहीं है कि 10 साल तक हमने दो तिहाई बहुमत के साथ NDA की सरकार चलाई. हमने आरक्षण को नहीं छुआ, लेकिन कांग्रेस ने मुस्लिम आरक्षण देकर एससी-एसटी, ओबीसी के आरक्षण को कम किया है.

एजेंडा आजतक में चर्चा करते अमित शाह एजेंडा आजतक में चर्चा करते अमित शाह
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 10:50 PM IST

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 'एजेंडा आजतक' में शिरकत की. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा. विपक्ष द्वारा EVM पर उठाए जाने वाले सवालों को लेकर अमित शाह ने कहा कि लोकसभा चुनाव ईवीएम से हुआ था, राहुल गांधी मानते हैं कि लोकसभा चुनाव में वो जीत गए हैं, तो ईवीएम ठीक थी, झारखंड में कांग्रेस शपथ लेकर सत्ता में बैठ गई, तो ईवीएम ठीक थी, लेकिन महाराष्ट्र में जनता ने पटखनी दे दी तो ईवीएम खराब है, हरियाणा में कांग्रेस हार गई तो वहां भी ईवीएम खराब है. उन्होंने कहा कि विपक्ष की हालत -'नाच ना जाने आंगन टेढ़ा' के जैसी है. 

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लोकसभा चुनाव के बाद किसी भी मीडिया हाउस को दिए अपने पहले इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि ईवीएम पर भारत के चुनाव आयोग ने तीन दिन तक सार्वजनिक विज्ञापन देकर कहा था कि अगर ईवीएम हैक हो सकती है तो कोई भी एक्सपेरिमेंट करके बताए,लेकिन इस पर कोई भी सामने नहीं आया. उन्होंने कहा कि विपक्ष का कल्चर है कि आरोप लगाओ और भाग जाओ. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कहती थी कि हम संविधान बदल देंगे.

उन्होंने कहा कि आज भी कांग्रेस के नेता बोले कि आपकी 240 सीटें आईं, वरना आप संविधान बदल देते. उन्हें मालूम नहीं है कि 10 साल तक हमने दो तिहाई बहुमत के साथ NDA की सरकार चलाई. हमने आरक्षण को नहीं छुआ, लेकिन कांग्रेस ने मुस्लिम आरक्षण देकर एससी-एसटी, ओबीसी के आरक्षण को कम किया है. मैं कहता हूं कि जब तक बीजेपी का एक भी सांसद सदन में हैं, हम न धर्म के आधार पर आरक्षण आने देंगे, न एससी-एसटी, ओबीसी के कोटा में कटौती होने देंगे.

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अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के पास बूथ इंचार्ज रहा कोई व्यक्ति लीडर बना ही नहीं. इनके यहां सभी परिवारों से आ गए, कभी बूथ पर काम नहीं किया, जब इलेक्शन खत्म होता है, तो पोलिंग स्टेशन की परिधि में जितने लोग अंदर आ जाते हैं, उन सभी को वोटिंग करने का सर्कुलर टीएन शेषन के समय से है. अगर इतना ज्ञान होता तो ये सवाल ही पैदा नहीं होता, उनका पोलिंग एजेंट भी अंदर होता है. वो कहते हैं कि वीवीपीएटी से गिनती हो, उनको मालूम नहीं है कि वीवीपीएटी गिनने का आज भी प्रावधान है. लोकसभा चुनाव के लिए कुछ अमाउंट भरने के बाद वीवीपीएटी शत-प्रतिशत गिनी जाती है. इसका 100 फीसदी मिलान होता है. 

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