
एजेंडा आजतक 2021 के कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए और उन्होंने बेबाकी से हर सवाल का जवाब दिया. कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम कमलनाथ के एक्टर-डायरेक्टर कहने के आरोप पर शिवराज ने कहा कि जनता के लिए काम करना एक्टिंग है तो हां मैं एक्टर हूं और मुझे एक्टिंग पसंद है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर मेरे मित्र एक्टर या डायरेक्टर कहते हैं तो साफ नजर आता है कि उनका विरोध कैसा है. वे काम पर विरोध नहीं कर पाते हैं. अगर हम किसानों के खाते में डेढ़ साल में एक लाख 50 हजार करोड़ रुपये डालते हैं तो वे कहते हैं कि ये एक्टर हैं. अगर हम गरीबों के लिए संबल जैसी योजना को चालू करके लाखों लोगों की जिंदगी बदल देते हैं, तब भी वे मुझे एक्टर कहते हैं.
एक्टिंग से कोई आपत्ती नहीं-सीएम
मध्य प्रदेश के सीएम ने कहा कि इस एक्टिंग में मुझे कोई आपत्ति नहीं है और गर्व है कि अपनी जनता की सेवा के लिए बेहतरी के लिए काम कर रहा हूं. तो वे एक्टर कहें तो मुझे एक्टिंग पसंद है. हमारे मित्र को जब मौका मिला तो उन्होंने कुछ किया नहीं और अब हम काम कर रहे हैं कि तो हमारा काम उन्हें एक्टिंग लग रही.
मध्य प्रदेश उपचुनाव पर आए नतीजों को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह जनता का प्यार है. पीएम मोदी की लोकप्रियता, उनके पीछे देश खड़ा हुआ है. केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने जो योजनाएं बनाई हैं, वे गरीबों के हित में है. हर क्षेत्र में हमने बेहतर काम किया है और इसलिए जनता ने हमें पसंद किया.
उपचुनाव की जीत से गदगद मामा
शिवराज ने कहा कि इस बार उपचुनाव में हमने वहां जीत हासिल की, जहां पहले कभी नहीं की थी. यह जनता का प्यार है और इससे साफ होता है कि जनता बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री के पीछे खड़ी है. कांग्रेस ने आदिवासी समाज को बहुत कुछ बरगलाया, लेकिन उपचुनाव में हमें जीत मिली वो आदिवासी बहुल सीटें थी.
साल 2023 में होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ये सब केवल चुनाव के लिए नहीं करते हैं. हमारा काम जनता की सेवा और जहां लगता है कि और अधिक योजनाओं की जरूरत है, तो उसमें लगातार सुधार करते हैं. हमारे यहां जनजातीय आबादी 21 फीसदी से ज्यादा है, लेकिन वे विकास की दौड़ में पिछड़ गए हैं. हमको लगा कि उनके लिए विशेष योजनाएं बननी चाहिए और बनाए. ग्राम सभाओं को और स्वतंत्रता देंगे, जिससे वे और काम कर सकें.
उन्होंने कहा, 'सत्ता परिवर्तन के बाद हमने दो उपचुनाव लड़े. मैं इसे अच्छी घटना मानता हूं कि डेढ़ साल हमारी सरकार नहीं रही. 15 साल से लगातार थी तो लोगों को लगता था कि पानी आ रहा है तो आ रहा है. सड़क बनती है तो बन रही है. लेकिन बीच वाले समय में पता चल गया कि हम लोग कैसे थे और वे कैसे थे.'