
एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने एजेंडा आजतक 2024 में शिरकत की. इस इवेंट के सेशन 'नए दौर की नायिका और फीमेल फ्रैंचाइज की नई परिभाषा' में तापसी ने इंडस्ट्री में बतौर एक्ट्रेस काम करने पर बात की. तापसी ने बताया कि कैसे फिल्म इंडस्ट्री में हीरोइनों के सीजन होते हैं. साथ ही उन्होंने Ageism के फैक्टर पर भी बात की. उन्होंने बताया कि कैसे बड़ी उम्र के हीरो संग काम करने के बाद यंग हीरो, एक्ट्रेसेज को रिजेक्ट कर देते हैं.
इंडस्ट्री में चलता है Ageism का फैक्टर
तापसी पन्नू से पूछा गया कि अपनी इंडस्ट्री में 'नो' करने का सबसे बड़ा नुकसान आपको क्या उठाना पड़ा है? इसपर तापसी ने कहा, 'वो यही होता है कि अगर आप इतनी स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी रख लेते हैं तो अक्सर वो आपको, ज्यादातर उस तरह की पिक्चरों में नहीं कास्ट करते, जहां पर कुछ ज्यादा नहीं होता है हीरोइन के लिए करने का. उन्हें लगता है कि नहीं यार, इसको नहीं रखते हैं? क्योंकि शायद ये हमारे ऊपर उल्टा पड़ेगा इसको इस फिल्म में रखना.'
उन्होंने आगे बताया, 'या फिर एक और नई चीज है, जो आजकल डिस्कस हो रही है इंडस्ट्री में. एक होता Ageism. जब आप यंग होते हैं तो उस टाइम आप कोशिश कर रहे होते हैं कि आप बड़ी पिक्चरों का हिस्सा बनें. जब मैं 20s में थी मैं बहुत कोशिश करती थी मैं बड़ी पिक्चरों का हिस्सा बनूं. बड़े हीरोज के साथ काम करूं. बड़े हीरो जाहिर तौर पर मुझसे उम्र में काफी बड़े थे. कुछ ज्यादा ही बड़े थे. तो मैंने जब उनके साथ काम किया. कुछ बड़ी पिक्चरें करीं, कुछ चलीं, कुछ नहीं चलीं. कुछ समय बाद जो यंग बिग हीरो थे, उन्होंने बोला, नहीं हमें इसके साथ काम नहीं करना क्योंकि ये हमारे से बड़े हीरो के साथ काम कर चुकी है. तो वो एक Ageism का इश्यू जो है, वो भी काफी हीरोइनों को सहना पड़ता है, क्योंकि पहले मुझे बताया गया कि बड़े हीरोज के साथ काम करना है. फिर मुझे बोला गया कि नहीं, बड़े हीरोज मतलब अब आपने ज्यादा ही बड़ी एज में काम कर लिया है अब आपको यंग हीरो, हालांकि वो मुझसे बड़े हैं उम्र में, लेकिन उन्हें लगता है कि मैं उनके लिए उम्र में बहुत बड़ी हो चुकी हूं.'
हीरोइनों के होते हैं सीजन
इंडस्ट्री में हीरोइनों के सीजन होने के बारे में तापसी पन्नू ने बताया, 'अगर आप अपने आप को उस किरदार में, सेफ किरदार में बार-बार खुद को डाले जा रहे हैं. जहां पर आपको पता है कि हीरो पर जिम्मेदारी है, डायरेक्टर के ऊपर ही जिम्मेदारी है. अगर पिक्चर फ्लॉप भी हो गई तो आपका नाम ज्यादा एफेक्ट नहीं होगा. तो आप करेंगे पिक्चरें, आपका सीजन रहेगा कुछ समय, लेकिन उस सीजन के खत्म होते ही कोई दूसरा होगा जो रेडी रहेगा आपकी पोजिशन लेने के लिए, वो भी वही सब करेंगे. ये मैंने न, पिछले 13-14 सालों से ये सीजन देखें हैं. जहां पर मुझे भी बोला गया था शुरुआत में, ये हर हीरोइन का सीजन होता है 3-4 साल और उसके बाद नई हीरोइन आती है 3-4 साल के लिए.'
एक्ट्रेस ने आगे कहा, 'फिर मैंने सोचा कि मैं अपनी पोजिशन किस तरह से बनाऊं कि मुझे आसानी से रिप्लेस न करा जाए. जैसे मुझे वो किरदार चुनने पड़े जो मुझे लग रहा है कि मुझसे बेहतर शायद ज्यादा लड़कियां न कर पाएं. ताकि अगर कोई ऐसा किरदार लिख रहा है तो उनके क्लियर विजन के अंदर मेरा नाम आए. ये यही सबसे अच्छा शायद कर सकती है. मेरे हिसाब से जो एक्ट्रेस इंडस्ट्री में अपनी एक्स्पाइरी डेट नहीं देखतीं उन्हें इस तरह कुछ तो बनाने की कोशिश करनी चाहिए, तो बेहतर होगा.'