
साल 2023 में चीन के कई सीनियर आर्मी अधिकारी गायब होने या पद से हटाए जाने लगे. इसका कोई स्पष्टीकरण चीन ने ग्लोबल मीडिया में नहीं दिया. लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि जिनपिंग सेना में हो रहे करप्शन से परेशान हैं. हाल ही में उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमीशन फॉर डिसिप्लिन इंस्पेक्शन की बैठक की. इसमें साफ किया गया कि जिनपिंग सरकार बड़े पैमाने पर एंटी-करप्शन कैंपेन चलाएगी. हालांकि इसकी वजह अमेरिकी खुफिया एंजेसियों की रिपोर्ट को माना जा रहा है, जो चीन की सेना में करप्शन की बात कर रही है.
क्या कहती है अमेरिकी इंटेल
इस बारे में कहीं भी साफ तौर पर नहीं लिखा मिलता. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के हवाले से कहा गया कि चीन की सेना पीएलए में भ्रष्टाचार इतना ज्यादा है, कि मिसाइलों में भी ईंधन की जगह पानी भरकर रख दिया गया. यहां तक की चीन की रॉकेट फोर्स के बारे में कहा जा रहा है कि वो किसी युद्ध के लिए तैयार नहीं. बता दें कि रॉकेट फोर्स चीन की मुख्य मिलिट्री ब्रांच है, जो न्यूक्लियर हथियारों पर काम करती है.
क्या एक्शन लिया जा रहा है
कुछ ही समय के भीतर जिनपिंग ने पीएलए से दर्जनभर से ज्यादा सीनियर कमांडरों को पद से हटा दिया, या ट्रांसफर कर दिया. यहां तक कि डिफेंस मिनिस्टर ली शांगफू भी इस असर से बचे नहीं रहे. वे दो महीनों तक गायब रहे और जब वापस लौटे तो पद से हटाए जा चुके थे. जिनपिंग के इस एक्शन को एंटी-करप्शन कैंपेन की तरह देखा जा रहा है. शांगफू के बारे में माना गया कि उन्होंने सैन्य हथियारों की खरीदी में कुछ गड़बड़झाला किया है.
क्या कहता है डेटा
- साल 2023 के पहले क्वार्टर में ही एंटी-करप्शन संस्थाओं ने 1.28 मिलियन से ज्यादा संदिग्ध मामलों से डील किया.
- जनवरी से सितंबर तक डिसिप्लिन इंस्पेक्शन कमेटी ने रिश्वत लेते हुए हजारों लोग पकड़े.
- पूरे साल में करीब 92 हजार लोगों को करप्शन के चलते सजा मिली.
- वहीं 1.30 लाख से ज्यादा अधिकारियों को छोटी-मोटी हेरफेर के लिए समझाया गया.
लगातार चला रहे एंटी-करप्शन मुहिम
चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने एलान किया था कि वे साल 2027 तक पीएलए को मॉडर्न फोर्स में बदल देंगे. वैसे वे सत्ता में आने के बाद से लगातार कई स्तरों पर करप्शन खत्म करने की बात करते आए. यहां तक कि छोटे लेवल पर भी कोशिश की गई. अब सेना में करप्शन की कथित बातों के सामने आने के बाद वे लक्ष्य से दूर दिख रहे हैं. साथ ही समुद्र से लेकर जमीन तक विस्तार करने की मंशा रखने वाले चीन की कमजोरी भी साफ हो रही है.
कितनी बड़ी है चीनी सेना
इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज के मुताबिक, चीन की पीएलए यानी आर्मी में 20 लाख से ज्यादा एक्टिव सैनिक हैं. उसके पास टैंक और सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी का भी बड़ा स्टॉक है. युद्धपोतों में मामले में चीन कब का अमेरिका से आगे जा चुका. इसके अलावा उसके पास न्यूक्लियर हथियारों का भंडार है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट की मानें तो साल 2035 तक उसके पास 15 सौ से ज्यादा न्यूक्लियर वॉरहेड हो सकते हैं.
क्या चुनौतियां हैं पीएलए के सामने
- पीएलए ऊपर से इतनी मजबूत लगती है कि सुपर पावर को भी टक्कर दे सके, लेकिन उसकी कई कमजोरियां दिखने लगी हैं. हाल में करप्शन की बात सामने आना. इसका सीधा असर सेना पर पड़ रहा होगा.
- चीन ने काफी समय से कोई बड़ी जंग नहीं देखी है. सत्तर के आखिर में वियतनाम के साथ लड़ाई हुई थी लेकिन वियतनामी सेना ने चीनी सेना को पीछे कर दिया था.
- उसके पास मॉडर्न हथियार तो हैं, लेकिन जंग में वो इसका कितना इस्तेमाल कर सकेगा, इस बारे में कुछ पक्का नहीं.
- जिनपिंग की पार्टी ने कुछ साल पहले नेशनल डिफेंस लॉ में बदलाव करते हुए डिफेंस मोबिलाइजेशन का काम सेंट्रल मिलिट्री कमीशन को दे दिया. ये सीधे जिनपिंग देखते हैं. इतना सेंट्रलाइजेशन भी दिक्कत दे सकता है.
- करप्शन केवल सेना तक नहीं, बल्कि बहुत से विभागों तक फैल चुका है. सेंट्रल कमीशन फॉर डिसिप्लिन इंस्पेक्शन ने यही आरोप लगाते हुए नेशनल पेट्रोलियम कॉर्प के सीनियर अधिकारी को कम्युनिस्ट पार्टी से बर्खास्त कर दिया.
- बैंक ऑफ चाइना के पूर्व चेयरमैन ल्यू लियांग को रिश्वत के आरोप में हटाया गया.