
अमेरिकी टेक कंपनी Apple ने iPhone की नई सीरीज लॉन्च कर दी है. सोमवार रात हुए इवेंट में Apple ने iPhone 16 सीरीज लॉन्च की. इसे चार मॉडल- iPhone 16, iPhone 16 Plus, iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max में लॉन्च किया गया है.
iPhone 16 सबसे सस्ता मॉडल है, जिसकी शुरुआती कीमत 79,900 रुपये है. वहीं, सबसे महंगे iPhone 16 Pro Max मॉडल की शुरुआती कीमत 1,44,900 रुपये है. iPhone 16 Plus की कीमत 89,900 रुपये और iPhone 16 Pro की कीमत 1,19,900 रुपये है.
भारत में इन सभी मॉडल्स के लिए 13 सितंबर से प्री-ऑर्डर शुरू होंगे, जबकि इनकी बिक्री 20 सितंबर से की जाएगी.
Apple जब भी iPhone के नए मॉडल्स लॉन्च करता है, तो मजाक-मजाक में कहा जाता है कि इसे खरीदने के लिए किडनी बेचनी पड़ेगी. इस बार iPhone का सबसे महंगा मॉडल खरीदने के लिए 1,84,900 रुपये खर्च करने होंगे. इस कीमत में iPhone 16 Pro Max का 1TB मेमोरी वाला मॉडल आएगा.
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में Apple iPhones का मार्केट शेयर 4% के आसपास है. जबकि, दुनियाभर में Apple का मार्केट शेयर 16% है. भारत में भले ही iPhone बिकें न बिकें, दुनिया में जरूर बिकना चाहिए, क्योंकि इससे भारत को ही फायदा है.
दुनियावालों के iPhone खरीदने से भारत को क्या फायदा?
Apple ने 2017 से भारत में iPhone का प्रोडक्शन शुरू किया है. Apple के तीन बड़े सप्लायर- Foxconn, Pegatron और Wistron हैं. इनमें भी सबसे बड़ा Foxconn है. Foxconn ताइवान की कंपनी है, जो iPhone बनाती है.
भारत में सबसे ज्यादा iPhone ताइवानी कंपनी Foxconn ही बनाती है. भारत में बनने वाले 67% iPhone यही कपंनी बनाती है. बाकी iPhones बची हुई दो कंपनियां बनाती हैं.
Foxconn और Pegatron के मैनुफैक्चरिंग प्लांट तमिनलाडु के चेन्नई में हैं. जबकि, Wistron का प्लांट कर्नाटक के बेंगलुरु में है. पिछले साल भारतीय कंपनी TATA ने Wistron को 12.5 करोड़ डॉलर में खरीद लिया था. अब TATA की बात Pegatron से चल रही है. बताया जा रहा है कि दोनों मिलकर चेन्नई में एक नया प्लांट शुरू करने जा रहे हैं, जहां iPhones बनाए जाएंगे.
Apple के iPhones की मैनुफैक्चरिंग भारत में होने से न सिर्फ चीन का मुकाबला करने में मदद मिलेगी, बल्कि मैनुफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा. भारत को चीन का मुकाबला करना है तो मैनुफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ाना होगा और iPhones की मैनुफैक्चरिंग काफी फायदा पहुंचा रही है.
भारत को और क्या फायदा?
2023 में भारत में iPhones के पांच मॉडल्स- 11, 12, 13, 14 और 15 की मैनुफैक्चरिंग हुई थी. अब तक भारत में iPhone के Pro मॉडल्स को भारत में नहीं बनाया जाता था. लेकिन बताया जा रहा है कि iPhone 16 सीरीज के Pro मॉडल्स को भी भारत में बनाया जाएगा.
इतना ही नहीं, इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि iPhone 16 सीरीज के Pro मॉडल्स एक्सपोर्ट के लिए भी जल्द ही तैयार हो जाएंगे. 2021 में जब iPhone 13 की मैनुफैक्चरिंग भारत में हुई थी, तब उसे दुनियाभर में पहुंचने में कई महीने लग गए थे. 2022 में iPhone 14 की मैनुफैक्चरिंग के बाद दो हफ्तों बाद ही एक्सपोर्ट किया जाने लगा था. iPhone 15 का एक्सपोर्ट और भी कम समय में होने लगा था. जबकि, भारत में पहले दिन से ही 'मेड इन इंडिया' iPhone 15 की बिक्री शुरू हो गई थी.
अब जब iPhone 16 सीरीज के सारे मॉडल्स को भी भारत में भी बनाया जाएगा और जल्द ही इनका एक्सपोर्ट भी शुरू हो जाएगा. यानी कि कम वक्त में ही दुनियाभर में 'मेड इन इंडिया' iPhones पहुंच जाएंगे.
रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 16 के Pro मॉडल्स की मैनुफैक्चरिंग शुरू होने से भारत में छह लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है. इनमें से 2 लाख डायरेक्ट जॉब्स होंगी. जबकि, हरेक डायरेक्ट जॉब्स से तीन इनडायरेक्टर जॉब्स पैदा होंगी.
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, Apple के तीन सप्लायर- Foxconn, Pegatron और Wistron में 80 हजार से ज्यादा लोग नौकरियां करते हैं. इनके अलावा Apple के बाकी सप्लायर्स में भी 84 हजार से ज्यादा लोग हैं.
भारत में कितने iPhones बनते हैं?
बीते कुछ सालों में भारत में मोबाइल फोन की मैनुफैक्चरिंग काफी बढ़ी है. इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 साल में भारत में मोबाइल फोन मैनुफैक्चरिंग 21 गुना बढ़ी है.
रिपोर्ट बताती है कि 2014-15 में भारत में 18,900 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन बने थे. जबकि, 2023-24 में 4.10 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन बने. इतना ही नहीं, भारत में बनने वाले मोबाइल फोन का एक्सपोर्ट भी काफी बढ़ा है. 2014-15 में सिर्फ 1,556 करोड़ रुपये का एक्सोपर्ट हुआ था. जबकि, 2023-24 में 1.20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के मोबाइल फोन का एक्सपोर्ट किया गया.
भारत के मोबाइल फोन एक्सपोर्ट को बढ़ाने में Apple का सबसे बड़ा हाथ है. भारत में जो iPhones बिकते हैं, उनमें से 99% मेड इन इंडिया ही होते हैं. सिर्फ Pro मॉडल्स ही इम्पोर्ट किए जाते हैं.
अभी दुनिया में बिकने वाले 14% iPhones भारत में ही बनते हैं. यानी, दुनिया में हर 7 में से 1 iPhone 'मेड इन इंडिया' है. 2025-26 तक इस 14% को बढ़ाकर 25% पर ले जाने का टारगेट रखा गया है. अभी सबसे ज्यादा iPhone चीन में बनते हैं. लेकिन अब Apple चीन से अपनी निर्भरता कम करने के मकसद से भारत में मैनुफैक्चरिंग बढ़ा रहा है.
एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में 2023-24 में 1.20 लाख करोड़ रुपये के iPhones बने थे. इनमें से लगभग 85 हजार करोड़ रुपये के iPhones को एक्सपोर्ट किया गया था.
Apple को भी फायदा!
दुनियाभर में iPhones की सबसे ज्यादा डिमांड है. हालांकि, काफी महंगे होने के कारण इसे खरीद पाना सब के लिए संभव नहीं हो पाता. फिर भी दुनिया के स्मार्टफोन बाजार में सबसे ज्यादा मार्केट शेयर Apple का ही है.
भारत में iPhones की मैनुफैक्चरिंग होने से सिर्फ हमें ही नहीं, बल्कि Apple को भी फायदा है. भारत में iPhones की मैनुफैक्चरिंग होने से भारत में Apple का मार्केट शेयर बढ़ा है.
फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 तक भारत में Apple का मार्केट शेयर 4.6% था, जो 2023 के आखिर तक बढ़कर 6.4% हो गया. कंपनी इस साल तक इसे बढ़ाकर 8% तक ले जाना चाहती है. 2022 में Apple ने 60 लाख तो 2023 में 1 करोड़ से ज्यादा iPhones इम्पोर्ट किए थे.
भारत में iPhone का प्रोडक्शन सालभर में दोगुना हो चुका है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में भारत में 7 अरब डॉलर के iPhones बने थे, जबकि 2023 में 14 अरब डॉलर का प्रोडक्शन हुआ था. इससे Apple को जबरदस्त फायदा हुआ होगा, क्योंकि उसके रेवेन्यू में आधी हिस्सेदारी iPhones की ही है.