
दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन जारी किया है. ईडी ने सीएम केजरीवाल को 2 नवंबर को सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया है.
ये पहली बार है जब इस मामले में ईडी ने केजरीवाल को समन जारी किया है. इससे पहले शराब घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अप्रैल में उनसे पूछताछ की थी. सीबीआई ने केजरीवाल से 9 घंटे तक पूछताछ की थी.
आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को गिरफ्तार कर सकती है. दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने दावा किया कि ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि केजरीवाल को 2 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
आतिशी ने मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी का मकसद आम आदमी पार्टी को खत्म करना है. ऐसे में जानते हैं कि क्या किसी मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया जा सकता है?
कब हो सकती है सीएम की गिरफ्तारी?
- कोड ऑफ सिविल प्रोसिजर की धारा 135 के तहत प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य, मुख्यमंत्री, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों को गिरफ्तारी से छूट मिली है. ये छूट सिर्फ सिविल मामलों में है, क्रिमिनल मामलों में नहीं.
- इस धारा के तहत संसद या विधानसभा या विधान परिषद के किसी सदस्य को गिरफ्तार या हिरासत में लेना है तो सदन के अध्यक्ष या सभापति से मंजूरी लेना जरूरी है. धारा ये भी कहती है कि सत्र से 40 दिन पहले, उस दौरान और उसके 40 दिन बाद तक ना तो किसी सदस्य को गिरफ्तार किया जा सकता है और ना ही हिरासत में लिया जा सकता है.
- इतना ही नहीं, संसद परिसर या विधानसभा परिसर या विधान परिषद के परिसर के अंदर से भी किसी सदस्य को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं ले सकते, क्योंकि अध्यक्ष या सभापति का आदेश चलता है.
क्रिमिनल मामलों में हो सकती है गिरफ्तारी
- चूंकि प्रधानमंत्री संसद के और मुख्यमंत्री विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य होते हैं, इसलिए उन पर भी यही नियम लागू होता है. ये छूट सिर्फ सिविल मामलों में मिली है. क्रिमिनल मामलों में नहीं.
- यानी, क्रिमिनल मामलों में संसद के सदस्य या विधानसभा के सदस्य या विधान परिषद के सदस्य को गिरफ्तार या हिरासत में लिया जा सकता है, लेकिन उसकी जानकारी अध्यक्ष या सभापति को देनी होती है.
राष्ट्रपति-राज्यपाल की गिरफ्तारी पर क्या है नियम?
- संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत राष्ट्रपति और राज्यपाल को छूट दी गई है. इसके तहत, राष्ट्रपति या किसी राज्यपाल को पद पर रहते हुए गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया जा सकता है. कोई अदालत उनके खिलाफ कोई आदेश भी जारी नहीं कर सकती.
- राष्ट्रपति और राज्यपाल को सिविल और क्रिमिनल, दोनों ही मामलों में छूट मिली है. हालांकि, पद से हटने के बाद उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में लिया जा सकता है.
केजरीवाल को क्यों बुलाया?
- सीएम केजरीवाल को ईडी ने प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत समन जारी किया है.
- ईडी की चार्जशीट में कई बार सीएम केजरीवाल का नाम है. आरोप है कि जब एक्साइज पॉलिसी 2021-22 तैयार की जा रही थी, तब कई आरोपी केजरीवाल के संपर्क में थे.
- ईडी ने एक चार्जशीट में दावा किया है कि एजेंसी ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता के अकाउंटेंट बुचीबाबू का बयान दर्ज किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि के. कविता, केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बीच राजनीतिक समझ थी. इस दौरान कविता ने मार्च 2021 में विजय नायर से भी मुलाकात की थी.
- इस मामले में एक और आरोपी दिनेश अरोड़ा ने भी ईडी को बताया है कि उसने केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की थी. ईडी का कहना है कि वाईएसआर कांग्रेस के सांसद मंगुटा श्रीनिवासुलु रेड्डी और केजरीवाल के बीच कई मीटिंग्स हुई थीं. सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के शराब कारोबार में रेड्डी की एंट्री का स्वागत किया था.
- पूछताछ में बुचीबाबू और आरोपी अरुण पिल्लई ने खुलासा किया है कि वो एक्साइज पॉलिसी को लेकर केजरीवाल और सिसोदिया के साथ मिलकर काम कर रहे थे.
- साथ ही आरोपी विजय नायर ने वीडियो कॉल के जरिए केजरीवाल और गिरफ्तार आरोपी समीर महेंद्रू में बात भी करवाई थी. इस दौरान केजरीवाल ने समीर से कहा था कि विजय उनका आदमी है और उसे उसपर भरोसा करना चाहिए.
तो क्या गिरफ्तार हो सकते हैं केजरीवाल?
- दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने दावा किया है कि 2 नवंबर को अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया जा सकता है.
- आतिशी ने ये भी दावा किया कि केजरीवाल को गिरफ्तार करने के बाद I.N.D.I.A. गठबंधन के बाकी नेताओं और मुख्यमंत्रियों को सीबीआई और ईडी के जरिए टारगेट किया जाएगा.
अरेस्ट होने वालीं सीएम थीं जयललिता
- तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता पहली सीएम थीं, जिन्हें पद पर रहते हुए गिरफ्तार किया गया था.
- उन्हें 7 दिसंबर 1996 को गिरफ्तार किया गया था. उनपर गांवों में बांटने के लिए कलर टीवी सेट की खरीद में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में अरेस्ट किया गया था.