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दो करोड़ की रिश्वत का आरोप, दिनेश अरोड़ा की गवाही... संजय सिंह की जेल से बेल तक की पूरी कहानी

दिल्ली के कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. संजय सिंह को पिछले साल अक्टूबर में ईडी ने गिरफ्तार किया था. उन्हें इस मामले में आरोपी दिनेश अरोड़ा की गवाही के आधार पर गिरफ्तार किया गया था. दिनेश अरोड़ा अब सरकारी गवाह बन गए हैं.

संजय सिंह 6 महीने बाद जेल से रिहा होंगे. (फाइल फोटो) संजय सिंह 6 महीने बाद जेल से रिहा होंगे. (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 12:50 PM IST

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह छह महीने बाद जेल से बाहर आएंगे. सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई है. 

दिल्ली के कथित शराब घोटाले में ईडी ने पिछले साल 4 अक्टूबर को संजय सिंह को गिरफ्तार किया था. तब से ही संजय सिंह जेल में थे. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने उन्हें जमानत दे दी.

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ईडी ने संजय सिंह की जमानत का विरोध भी नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू को बताया कि संजय सिंह के पास से कोई पैसा बरामद नहीं किया गया और 2 करोड़ की रिश्वत लेने का जो आरोप है, उसकी जांच ट्रायल में हो जाएगी.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने संजय सिंह को जमानत दे दी. साथ ही कोर्ट ने मामले का ट्रायल चलने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत की शर्तें ट्रायल कोर्ट तय करेगी.

वहीं, संजय सिंह की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि उन्हें सरकारी गवाह बन चुके दिनेश अरोड़ा की गवाही के आधार पर गिरफ्तार किया गया था. सिंघवी ने कहा कि अरोड़ा ने 10वें बयान में संजय सिंह का नाम लिया था.

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क्या कहा था दिनेश अरोड़ा ने?

दिनेश अरोड़ा कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार होने वाले सबसे पहले आरोपियों में से एक हैं. अगस्त 2022 में दिनेश अरोड़ा सरकारी गवाह बन गया था.

ईडी की चार्जशीट में आरोप लगाया गया था कि दिनेश अरोड़ा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की थी. इस दौरान संजय सिंह भी वहां मौजूद थे.

चार्जशीट के मुताबिक, दिनेश अरोड़ा सबसे पहले संजय सिंह से मिला था. इसके बाद मनीष सिसोदिया से मिला था. संजय सिंह के कहने पर अरोड़ा ने कई रेस्टोरेंट मालिकों से बात की. अरोड़ा ने दिल्ली चुनाव के लिए फंड जुटाया और 32 लाख रुपये का चेक मनीष सिसोदिया को सौंपा.

ये भी आरोप है कि इसके बदले संजय सिंह ने दिनेश अरोड़ा का एक मामला सुलझाया, जो एक्साइज डिपार्टमेंट के पास पेंडिंग था. 

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संजय सिंह को 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किया गया था. (फाइल फोटो- पीटीआई)

2 करोड़ की रिश्वत ली!

दिसंबर 2023 में ईडी ने संजय सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि संजय सिंह ने कथित रूप से दिनेश अरोड़ा से 2 करोड़ की रिश्वत ली थी.

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ईडी ने दावा किया था कि जांच में सामने आया है कि दिनेश अरोड़ा ने संजय सिंह को उनके घर पर 2 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी. ये रिश्वत 1-1 करोड़ करके दो बार में दी गई थी.

ईडी ने चार्जशीट में ये भी आरोप लगाया था कि ये रिश्वत अगस्त 2021 से अप्रैल 2022 के बीच दी गई थी.

और क्या आरोप हैं?

इसी साल फरवरी में दिल्ली हाईकोर्ट में ईडी ने संजय सिंह की जमानत का विरोध किया था. इस दौरान ईडी ने संजय सिंह ने अपने सहयोगी विवेक त्यागी के जरिए अरालियास हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी बनाई थी. 

ईडी ने बताया था कि संजय सिंह ने ये कंपनी जानबूझकर बनाई थी और इसमें शराब घोटाले के आरोपी दिनेश अरोड़ा और अमित अरोड़ा भी शामिल थे. कंपनी इसलिए बनाई गई थी, ताकि शराब नीति से होने वाली अवैध कमाई को ठिकाने लगाया जा सके.

जांच एजेंसी ने ये भी आरोप लगाया था कि 4 अक्टूबर को जब संजय सिंह के परिसरों पर तलाशी ली गई थी, तब वहां से कुछ गोपनीय दस्तावेज भी मिले थे. ये पब्लिक डोमेन में नहीं थे.

ईडी ने दावा किया था कि संजय सिंह ने मनीष सिसोदिया के जरिए प्रस्तावित आबकारी नीति में बदलाव करने का आश्वासन दिया था. संजय सिंह ने ऐसा इसलिए किया था, ताकि अमित अरोड़ा और दिनेश अरोड़ा को कथित तौर पर फायदा पहुंचाया जा सके.

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संजय सिंह. (फाइल फोटो-पीटीआई)

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पर ये दिनेश अरोड़ा है कौन?

दिनेश अरोड़ा दिल्ली का बड़े कारोबारी है और रेस्टोरेंट इंडस्ट्रीज में जाना-माना नाम है. अरोड़ा 2009 से इस इंडस्ट्री से जुड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2009 में उसने दिल्ली के हौज खास इलाके में अपना पहला कैफे खोला था. 

अरोड़ा की इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, वो चीका दिल्ली (Chica Delhi), अनप्लग्ड कोर्टयार्ड (Unplugged Courtyard) और ला-रोका एरोसिटी (La Roca Aerocity) का मैनेजिंग डायरेक्टर भी है. 

सीबीआई के मुताबिक, दिनेश अरोड़ा राधा इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर है. इसके अलावा अरोड़ा नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के कमेटी मेंबर भी है. इतना ही नहीं, जुलाई 2018 में अरोड़ा ने ईस्टमेन कलर रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी शुरू की थी.

अरोड़ा उस समय भी चर्चा में आया था, जब कोविड लॉकडाउन के समय उन्होंने जरूरतमंदों को राशन बांटा था. उन्होंने अपने घर को पैकेजिंग यूनिट के तौर पर तब्दील कर लिया था और यहीं से खाना पैक होकर गरीबों और जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाता था.

दिनेश अरोड़ा ने कुछ साल पहले ही पूजा से शादी की है. 2016 में पूजा, दिनेश के कारोबार से जुड़ी थीं. उसके बाद दोनों ने शादी कर ली. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये लव एट फर्स्ट साइट का मामला था और पूजा ने ही दिनेश को प्रपोज किया था. 

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दिनेश अरोड़ा और उनकी पत्नी पूजा. (फोटो- इंस्टाग्राम)

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क्या है दिल्ली का कथित शराब घोटाला?

17 नवंबर 2021 को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने एक्साइज पॉलिसी 2021-22 को लागू किया. नई पॉलिसी के तहत, शराब कारोबार से सरकार बाहर आ गई और पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गईं.

दिल्ली सरकार का दावा था कि नई शराब नीति से माफिया राज खत्म होगा और सरकार के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी. हालांकि, ये नीति शुरू से ही विवादों में रही और जब बवाल ज्यादा बढ़ गया तो 28 जुलाई 2022 को सरकार ने इसे रद्द कर दिया.

कथित शराब घोटाले का खुलासा 8 जुलाई 2022 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार की रिपोर्ट से हुआ था.

इस रिपोर्ट में उन्होंने मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए. दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की. इसके बाद सीबीआई ने 17 अगस्त 2022 को केस दर्ज किया. इसमें पैसों की हेराफेरी का आरोप भी लगा, इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी ने भी केस दर्ज कर लिया.

मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में मनीष सिसोदिया पर गलत तरीके से शराब नीति तैयार करने का आरोप लगाया था. मनीष सिसोदिया के पास आबकारी विभाग भी था. आरोप लगाया गया कि नई नीति के जरिए लाइसेंसधारी शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. 

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रिपोर्ट में आरोप लगाया कि कोविड का बहाना बनाकर मनमाने तरीके से 144.36 करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस माफ कर दी. एयरपोर्ट जोन के लाइसेंसधारियों को भी 30 करोड़ लौटा दिए गए, जबकि ये रकम जब्त की जानी थी.

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